30 अगस्त 2026
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ICC ने श्रीलंका से छीनी महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 की मेजबानी, SLC पर सरकारी दखल बना कारण

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ICC ने श्रीलंका से छीनी महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 की मेजबानी, SLC पर सरकारी दखल बना कारण

सारांश

महिला क्रिकेट की पहली चैंपियंस ट्रॉफी शुरू होने से पहले ही बड़ा झटका — ICC ने श्रीलंका से मेजबानी छीन ली। कारण है SLC पर सरकारी नियंत्रण, जो ICC के स्वायत्तता नियमों के विरुद्ध है। अब श्रीलंकाई टीम के टूर्नामेंट में खेलने पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

मुख्य बातें

ICC ने श्रीलंका से महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 की मेजबानी का अधिकार वापस लिया।
टूर्नामेंट 14 फरवरी 2027 से शुरू होकर 28 फरवरी 2027 को फाइनल के साथ समाप्त होगा; कुल 6 टीमें भाग लेंगी।
SLC में सरकार द्वारा नियुक्त अंतरिम प्रशासन ICC के स्वायत्तता नियमों का उल्लंघन है।
SLC ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी के सेक्रेटरी प्रकाश शैफ्टर ने पुष्टि की कि टूर्नामेंट श्रीलंका से बाहर जाएगा।
श्रीलंकाई महिला टीम ICC रैंकिंग में छठे स्थान पर है; नए मेजबान की रैंकिंग के अनुसार उनकी भागीदारी भी खतरे में पड़ सकती है।
नए मेजबान देश का निर्णय ICC बोर्ड की अगली बैठक में होगा।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने श्रीलंका क्रिकेट (SLC) से महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 की मेजबानी का अधिकार वापस ले लिया है। रिपोर्टों के अनुसार, यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि SLC को फिलहाल सरकार द्वारा नियुक्त एक अंतरिम प्रशासन चला रहा है, जो ICC के स्वायत्तता नियमों का सीधा उल्लंघन है। नए मेजबान देश की घोषणा ICC बोर्ड की अगली बैठक में किए जाने की उम्मीद है।

मुख्य घटनाक्रम

यह टूर्नामेंट महिला क्रिकेट इतिहास में पहली बार आयोजित होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी है, जिसकी शुरुआत 14 फरवरी 2027 से होनी है और फाइनल मुकाबला 28 फरवरी 2027 को खेला जाना है। इसमें कुल छह टीमें हिस्सा लेंगी। श्रीलंका को मूल रूप से इस ऐतिहासिक आयोजन की मेजबानी सौंपी गई थी, लेकिन SLC की प्रशासनिक स्थिति के चलते ICC ने यह अधिकार वापस ले लिया।

SLC की प्रशासनिक उलझन

SLC ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी के सेक्रेटरी प्रकाश शैफ्टर ने 'संडे टाइम्स' से कहा, 'हाँ, इसे श्रीलंका से दूसरी जगह ले जाया गया है। यह टूर्नामेंट किसी दूसरी जगह पर खेला जाएगा, लेकिन अभी मुझे पक्का नहीं पता कि यह कहाँ खेला जाएगा।' ICC का स्पष्ट नियम है कि सदस्य देशों के क्रिकेट बोर्डों में सरकार का कोई प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। इसी आधार पर ICC ने SLC के प्रतिनिधियों को अपनी बोर्ड बैठकों में भाग लेने की अनुमति देने से भी मना कर दिया था।

ICC का पूर्व रुख और चुनाव की माँग

पिछले महीने जारी एक आधिकारिक बयान में ICC बोर्ड ने SLC से जल्द से जल्द चुनाव कराने का आग्रह किया था। बयान में कहा गया था, 'ICC बोर्ड ने बदले हुए संविधान की दिशा में हुई प्रगति पर ध्यान दिया और जल्द से जल्द चुनाव कराने की जरूरत पर जोर दिया। इस बात पर सहमति जताई गई कि श्रीलंका क्रिकेट अभी के लिए ICC बोर्ड की बैठकों में प्रतिनिधित्व करने में असमर्थ रहेगा।' अंतरिम कमेटी ने खेल मंत्री को संविधान का एक मसौदा सौंपा है, जो कानूनी प्रक्रिया से गुजरने के बाद संसद में पेश किया जाएगा। हालाँकि, इस पूरी प्रक्रिया के जल्द पूरी होने की संभावना नहीं है।

श्रीलंका की टीम पर भी मंडरा रहा खतरा

मेजबानी जाने के साथ-साथ श्रीलंकाई महिला क्रिकेट टीम के टूर्नामेंट में हिस्सा लेने पर भी संकट है। ICC रैंकिंग में शीर्ष पाँच टीमें सीधे क्वालिफाई करेंगी, जबकि छठा स्थान मेजबान देश को मिलता है। श्रीलंकाई महिला टीम फिलहाल ICC रैंकिंग में छठे स्थान पर है। यदि टूर्नामेंट ऐसे देश को सौंपा जाता है जो रैंकिंग में शीर्ष छह में नहीं है, तो श्रीलंका स्वतः ही क्वालिफाई कर लेगी। लेकिन अगर नया मेजबान शीर्ष छह से बाहर का देश नहीं हुआ, तो श्रीलंका इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट से पूरी तरह बाहर हो सकती है।

आगे क्या होगा

नए मेजबान देश का फैसला ICC बोर्ड की अगली बैठक में होना है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब महिला क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर बड़े मंच देने की कोशिशें तेज हो रही हैं। गौरतलब है कि ICC पहले भी सरकारी हस्तक्षेप के आधार पर श्रीलंका समेत अन्य बोर्डों को निलंबित कर चुका है, जो इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार दांव ऊँचा है क्योंकि महिला क्रिकेट की पहली चैंपियंस ट्रॉफी की विश्वसनीयता दाँव पर है। विडंबना यह है कि श्रीलंका की महिला टीम रैंकिंग में छठे स्थान पर है और मेजबानी न रहने पर उनकी भागीदारी भी अनिश्चित हो जाती है — यानी प्रशासनिक विफलता का खामियाजा खिलाड़ियों को भुगतना पड़ सकता है। ICC को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जल्दबाजी में चुना गया नया मेजबान टूर्नामेंट की गुणवत्ता और दर्शकों की पहुँच से समझौता न करे।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ICC ने श्रीलंका से महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 की मेजबानी क्यों छीनी?
ICC ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) को सरकार द्वारा नियुक्त एक अंतरिम प्रशासन चला रहा है, जो ICC के उस नियम का उल्लंघन है जिसके तहत सदस्य बोर्डों में सरकारी हस्तक्षेप वर्जित है। ICC ने SLC के प्रतिनिधियों को अपनी बोर्ड बैठकों में भाग लेने की अनुमति भी नहीं दी थी।
महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 कब और कहाँ खेली जाएगी?
टूर्नामेंट 14 फरवरी 2027 से शुरू होकर 28 फरवरी 2027 को फाइनल के साथ समाप्त होगा। नया मेजबान देश ICC बोर्ड की अगली बैठक में तय किया जाएगा; अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
क्या श्रीलंकाई महिला टीम इस टूर्नामेंट में खेल पाएगी?
यह अनिश्चित है। टूर्नामेंट में ICC रैंकिंग की शीर्ष पाँच टीमें और मेजबान देश — कुल छह टीमें — भाग लेंगी। श्रीलंकाई महिला टीम फिलहाल रैंकिंग में छठे स्थान पर है; यदि नया मेजबान देश रैंकिंग में शीर्ष छह से बाहर नहीं है, तो श्रीलंका टूर्नामेंट से बाहर हो सकती है।
SLC की प्रशासनिक समस्या कब सुलझेगी?
अंतरिम कमेटी ने खेल मंत्री को संविधान का एक मसौदा सौंपा है, जो कानूनी प्रक्रिया से गुजरने के बाद संसद में पेश होगा। हालाँकि, इस प्रक्रिया के जल्द पूरी होने की संभावना नहीं बताई जा रही है।
ICC ने SLC को लेकर पहले क्या कदम उठाए थे?
पिछले महीने ICC बोर्ड ने SLC से जल्द चुनाव कराने का आग्रह किया था और स्पष्ट किया था कि SLC अभी के लिए ICC बोर्ड बैठकों में प्रतिनिधित्व करने में असमर्थ रहेगा। ICC ने SLC प्रतिनिधियों को बोर्ड बैठकों में प्रवेश देने से भी मना कर दिया था।
राष्ट्र प्रेस
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