30 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बिहार में SC आरक्षण वर्गीकरण पर NDA में घमासान: चिराग ने माँगा इस्तीफा, मांझी ने किया पलटवार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बिहार में SC आरक्षण वर्गीकरण पर NDA में घमासान: चिराग ने माँगा इस्तीफा, मांझी ने किया पलटवार

सारांश

बिहार में NDA के भीतर ही आरक्षण की समीक्षा पर दरार — चिराग पासवान ने मांझी और सुमन से इस्तीफा माँगा, मांझी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देकर पलटवार किया। JD(U) के संजय झा ने चाय के कपों की तस्वीर से विपक्ष को घेरा। दलित राजनीति का यह तूफान चुनावी मौसम से पहले गठबंधन की एकजुटता की परीक्षा ले रहा है।

मुख्य बातें

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और लोजपा (रामविलास) के बीच SC आरक्षण वर्गीकरण पर NDA के भीतर खुला टकराव सामने आया।
चिराग पासवान ने जीतन राम मांझी और संतोष कुमार सुमन से क्रमशः केंद्रीय और राज्य मंत्री पद से इस्तीफे की माँग की।
मांझी ने 2024 के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि बिहार की 22 SC जातियों में से कई को अब तक आरक्षण का पर्याप्त लाभ नहीं मिला।
JD(U) के संजय झा ने एक्स पर 10 चाय के कपों की तस्वीर साझा कर विपक्ष पर जाति-आधारित नफरत फैलाने का आरोप लगाया।
भीम आर्मी ऑनलाइन FIR व्यवस्था और अत्याचार निवारण कानून को प्रभावी बनाने की माँग को लेकर सड़क पर उतरी।
मांझी ने इस मुद्दे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष उठाने की बात कही।

बिहार की राजनीति में अनुसूचित जाति आरक्षण की समीक्षा और क्रीमी लेयर के सवाल पर 30 अगस्त 2026 को एनडीए के भीतर ही तीखा टकराव सामने आया। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के बीच शुरू हुआ यह विवाद अब इस्तीफे की माँग तक जा पहुँचा है। इसी बीच जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने एक्स पर चाय के कपों की तस्वीर साझा कर विपक्ष पर तीखा सवाल दागा।

संजय झा का 'चाय के कप' वाला सवाल

संजय झा ने रविवार, 30 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 10 चाय के कपों की एक तस्वीर साझा की। उन्होंने विपक्षी नेताओं से पूछा कि क्या वे बता सकते हैं कि इनमें से कौन-सा कप किस जाति के लिए है। झा ने लिखा कि वह इन सभी कपों में चाय पी चुके हैं — तो फिर उनकी जाति क्या हुई? उन्होंने कहा कि झूठ के पाँव नहीं होते और समाज में नफरत फैलाने में जुटे नेताओं को इस सवाल का जवाब देना चाहिए।

विवाद की जड़: संतोष कुमार सुमन का बयान

ताज़ा विवाद की शुरुआत हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेता और बिहार सरकार में मंत्री संतोष कुमार सुमन के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने अनुसूचित जातियों के भीतर वर्गीकरण और आरक्षण की समीक्षा का समर्थन किया। इस पर केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने कड़ी आपत्ति जताई। पटना में पत्रकारों से बातचीत में चिराग ने शनिवार को कहा कि अनुसूचित वर्ग की सभी जातियाँ एकजुट हैं और आरक्षण के भीतर बँटवारे से पूरे वर्ग को नुकसान होगा।

चिराग पासवान की इस्तीफे की माँग

चिराग पासवान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोजपा (रामविलास) दलित आरक्षण में सब-कोटा के सख्त खिलाफ है। उन्होंने SC आरक्षण में क्रीमी लेयर की व्यवस्था को संविधान की भावना के विपरीत बताया और तर्क दिया कि अनुसूचित जातियों को सामाजिक भेदभाव और छुआछूत के आधार पर आरक्षण मिला है, न कि आर्थिक आधार पर। चिराग ने माँग की कि यदि जीतन राम मांझी क्रीमी लेयर या वर्गीकरण के पक्ष में हैं, तो उन्हें पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना चाहिए और संतोष कुमार सुमन को भी बिहार सरकार में मंत्री पद छोड़ना चाहिए।

मांझी का पलटवार और सुप्रीम कोर्ट का हवाला

जीतन राम मांझी ने चिराग के इस्तीफे की माँग पर पलटवार करते हुए कहा कि इस्तीफा उन्हें खुद देना चाहिए, क्योंकि वह संतोष कुमार सुमन की बात को समझ नहीं रहे हैं। मांझी ने 2024 के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि राज्यों को अनुसूचित जातियों के भीतर वर्गीकरण की अनुमति दी गई है। उन्होंने बताया कि बिहार में अनुसूचित जाति की करीब 22 जातियाँ हैं, जिनमें से कई को अब तक आरक्षण का पर्याप्त लाभ नहीं मिल पाया है। मांझी ने कहा कि उनका उद्देश्य आरक्षण समाप्त करना नहीं, बल्कि हाशिए पर रहे समुदायों को उचित हिस्सेदारी दिलाना है। उन्होंने मोतिहारी में होने वाली सभा में इस मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखने की घोषणा की।

भीम आर्मी का उतरना और आगे की राह

इस बीच भीम आर्मी भी अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए ऑनलाइन प्राथमिकी की व्यवस्था और अत्याचार निवारण कानून को और प्रभावी बनाने की माँग को लेकर सड़क पर उतर चुकी है। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में चल रही हैं और दलित राजनीति हर दल के लिए निर्णायक बनती जा रही है। मांझी ने इस मुद्दे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष भी उठाए जाने की बात कही है, जिससे यह विवाद केंद्र तक पहुँचने के संकेत दे रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरा भीतरी हिस्सेदारी का। सर्वोच्च न्यायालय के 2024 के फैसले ने वर्गीकरण को संवैधानिक वैधता दे दी है, लेकिन राजनीतिक सहमति बनाना अलग चुनौती है। बिना केंद्र की स्पष्ट नीति के, यह टकराव बिहार विधानसभा चुनाव से पहले NDA के दलित वोट बैंक में दरार का जोखिम उठाता है।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में SC आरक्षण वर्गीकरण विवाद क्या है?
यह विवाद अनुसूचित जातियों के भीतर उप-वर्गीकरण और क्रीमी लेयर लागू करने के सवाल पर NDA के घटक दलों के बीच उभरा है। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के मंत्री संतोष कुमार सुमन के बयान के बाद लोजपा (रामविलास) के चिराग पासवान ने इसे संविधान की भावना के विपरीत बताया।
चिराग पासवान ने इस्तीफे की माँग क्यों की?
चिराग पासवान का कहना है कि SC आरक्षण में सब-कोटा या क्रीमी लेयर लागू करना दलित एकता को तोड़ेगा और संविधान की भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यदि जीतन राम मांझी और संतोष कुमार सुमन इस पक्ष में हैं, तो उन्हें अपने-अपने मंत्री पद छोड़ने चाहिए।
जीतन राम मांझी ने सुप्रीम कोर्ट के किस फैसले का हवाला दिया?
मांझी ने 2024 के सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले का हवाला दिया जिसमें राज्यों को अनुसूचित जातियों के भीतर वर्गीकरण करने की अनुमति दी गई है। उनका तर्क है कि बिहार की 22 SC जातियों में से कई को दशकों बाद भी आरक्षण का पर्याप्त लाभ नहीं मिला।
संजय झा ने एक्स पर चाय के कपों की तस्वीर क्यों साझा की?
JD(U) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने 10 चाय के कपों की तस्वीर साझा कर विपक्षी नेताओं से पूछा कि बताएँ कौन-सा कप किस जाति के लिए है। उन्होंने कहा कि वह खुद इन सभी कपों में चाय पी चुके हैं, जिससे उनका इशारा था कि जाति-आधारित भेद व्यवहार में नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रचार में है।
इस विवाद का बिहार की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह टकराव NDA के दलित गठबंधन में दरार का संकेत देता है जो आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण है। भीम आर्मी का सड़क पर उतरना और मांझी का मुद्दा प्रधानमंत्री तक ले जाने का ऐलान दर्शाता है कि यह विवाद और गहराने की आशंका है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 39 मिनट पहले
  2. 2 घंटे पहले
  3. 15 घंटे पहले
  4. 21 घंटे पहले
  5. कल
  6. 2 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले