भारतीय महिला फुटबॉल: रूस के खिलाफ दो मैत्री मैचों में सर्वश्रेष्ठ देने का संकल्प — कोच क्रिस्पिन छेत्री
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला फुटबॉल टीम की हेड कोच क्रिस्पिन छेत्री ने 7 अक्टूबर 2026 को कोलकाता में मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनकी टीम 8 और 11 अक्टूबर को रूस के खिलाफ होने वाले दोनों मैत्री मैचों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी। फीफा रैंकिंग में 69वें स्थान पर काबिज भारतीय टीम का सामना 27वीं रैंकिंग वाले रूस से होगा, जो इस युवा दस्ते के लिए एक कठिन लेकिन महत्त्वपूर्ण परीक्षा है।
कोच का दृष्टिकोण: बड़ी टीमों से सीखना ज़रूरी
कोच क्रिस्पिन छेत्री ने कहा, 'बड़ी टीमों के खिलाफ खेलना हमारे लिए अहम है। हम एक फुटबॉल नेशन के रूप में विकसित होना चाहते हैं। हमें फील्ड के अंदर और बाहर बहुत कुछ सीखने को मिलता है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टीम की नज़र 2029 के दीर्घकालिक लक्ष्यों पर टिकी है और ये मैच उसी दिशा में एक अहम कदम हैं।
पिछले मुकाबले से बदली है तस्वीर
छेत्री ने याद दिलाया कि भारत पहले रूस से 2-0 से पराजित हो चुका है, लेकिन इस बार परिस्थितियाँ अलग हैं। उन्होंने बताया कि उस मैच की रूसी टीम के 9 खिलाड़ी मौजूदा दल में नहीं हैं। भारतीय खेमे में भी व्यापक बदलाव आया है — मौजूदा टीम की औसत आयु 23 वर्ष है और सबसे युवा खिलाड़ी महज 19 साल की हैं। 'हमारी टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलित मिश्रण है। खिलाड़ियों के पास खुद को साबित करने का बेहतरीन मौका है,' उन्होंने कहा।
लंबे अंतराल के बाद मैदान पर वापसी
कोच छेत्री ने एक महत्त्वपूर्ण चुनौती की ओर भी ध्यान दिलाया — टीम का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच जून-जुलाई 2026 में खेला गया था। इसके बाद से कोई टूर्नामेंट नहीं हुआ है। 'लंबे समय बाद खिलाड़ियों को एक साथ लाना और उनकी फिटनेस पर काम करना मुश्किल होता है, लेकिन खिलाड़ियों ने अपनी 100 प्रतिशत प्रतिबद्धता दिखाई है,' उन्होंने जोड़ा। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला फुटबॉल लंबी प्रतिस्पर्धी निष्क्रियता से उबरने की कोशिश कर रही है।
गोलकीपर मोनालिसा देवी का जोश
टीम की गोलकीपर मोनालिसा देवी ने कहा, 'हमें अपने देश में खेलने का मौका पाकर अच्छा लग रहा है। हम पिछले 20 दिनों से अभ्यास कर रहे हैं और मैच में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।' उन्होंने यह भी बताया कि टीम में सीनियर खिलाड़ियों का सहयोग युवा खिलाड़ियों को मज़बूती दे रहा है।
क्या होगा आगे
रूस के खिलाफ ये दोनों मैत्री मैच भारतीय महिला फुटबॉल के 2029 लक्ष्यों की नींव तैयार करने में सहायक माने जा रहे हैं। बड़ी रैंकिंग वाली टीम के सामने खेलने का अनुभव न केवल खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाएगा, बल्कि चयनकर्ताओं को भी टीम की वास्तविक क्षमता आँकने का अवसर देगा। कोच छेत्री के अनुसार, 'तैयारी का अधिक समय प्रदर्शन में सुधार लाता है और बड़ी टीमों के खिलाफ खेलने से खिलाड़ियों में आत्मविश्वास आता है।'