रूस से 0-4 की हार के बाद बोले कोच क्रिस्पिन छेत्री: 'युवा टीम ने दिखाया कैरेक्टर, हार नहीं मानी'
सारांश
मुख्य बातें
भारत महिला फुटबॉल टीम के हेड कोच क्रिस्पिन छेत्री ने 9 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के किशोर भारती क्रीड़ांगन में रूस के खिलाफ पहले इंटरनेशनल फ्रेंडली मैच में 0-4 से मिली हार के बावजूद अपनी युवा टीम के हौसले की तारीफ की। छेत्री ने कहा कि नतीजे से परे, इस मैच में टीम ने जो मानसिक दृढ़ता दिखाई, वह आगे के सफर के लिए सबसे बड़ी पूँजी है।
मैच के बाद कोच की प्रतिक्रिया
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्रिस्पिन छेत्री ने कहा, 'मुझे लगता है कि इस मैच की पॉजिटिव बात यह है कि एक युवा टीम होने के बावजूद, हमने कैरेक्टर दिखाया। हम दबाव बनाने से नहीं डरते, हम भागने से नहीं डरते। हम वही करने की कोशिश करते हैं जो हमारे कंट्रोल में होता है।' उन्होंने जोर देकर कहा, 'सबसे जरूरी बात यह है कि हमने हार नहीं मानी — मेरे लिए यह सबसे अच्छी बात है।'
25 दिन के कैंप की मेहनत और चुनौतियाँ
हेड कोच ने 25 दिन के ट्रेनिंग कैंप के दौरान खिलाड़ियों द्वारा दिखाए गए समर्पण की सराहना की। उन्होंने माना कि जून से प्रतिस्पर्धी फुटबॉल की कमी रूसी टीम की फिजिकल मौजूदगी और सेट-पीस के सामने चुनौतीपूर्ण साबित हुई। गौरतलब है कि रूस एक अनुभवी और फिजिकली मजबूत टीम है, जिसके विरुद्ध युवा भारतीय दस्ते का मैदान पर टिके रहना सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
11 अक्टूबर के दूसरे मैच की तैयारी
11 अक्टूबर 2026 को होने वाले दूसरे फ्रेंडली मैच को देखते हुए, छेत्री ने बताया कि टीम लंबे समय तक अपनी तीव्रता (इंटेंसिटी) बनाए रखने की क्षमता को बेहतर करने पर ध्यान देगी। साथ ही, पहले मैच के अंतिम चरण में उतारे गए युवा खिलाड़ियों को अधिक खेल-समय देने की भी योजना है, ताकि वे इंटरनेशनल माहौल में और आत्मविश्वास के साथ खेल सकें।
2029 एएफसी विमेंस एशियन कप पर नज़र
2029 एएफसी विमेंस एशियन कप को ध्यान में रखते हुए, छेत्री ने स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों का एक बड़ा और गहरा पूल तैयार करना टीम की दीर्घकालिक तरक्की के लिए अनिवार्य है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला फुटबॉल अपनी पहचान अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने की कोशिश में जुटी है। रूस के खिलाफ दूसरा मुकाबला उभरते खिलाड़ियों को पहले मैच के अनुभव पर आगे बढ़ने और कीमती इंटरनेशनल रेप्स जुटाने का सुनहरा अवसर होगा।