भारतीय महिला U-17 टीम का एशियन कप सफर खत्म, चीन से 0-3 से हार; कोंटी ने प्रदर्शन पर जताया गर्व
सारांश
मुख्य बातें
सूजौ, 12 मई। भारतीय महिला अंडर-17 फुटबॉल टीम का AFC एशियन कप का सपना चीन के खिलाफ क्वार्टर-फाइनल में 0-3 की हार के साथ टूट गया। यह पराजय भारत को फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप के लिए योग्यता हासिल करने से वंचित कर गई। हालांकि हेड कोच पामेला कोंटी ने टीम के समग्र प्रदर्शन की सराहना की और खिलाड़ियों को भविष्य के लिए प्रेरित किया।
हार के बाद कोंटी की प्रतिक्रिया
कोंटी ने मैच के बाद कहा, "चीन हमसे बेहतर था और वे जीत के हकदार थे।" उन्होंने एक महत्वपूर्ण कमजोरी की ओर इशारा किया: "जो बात सबसे ज्यादा निराश करने वाली है, वह यह कि हमने 45वें मिनट में और फिर 90वें मिनट में गोल खाए। मैंने खिलाड़ियों को याद दिलाया था कि हर हाफ के आखिरी मिनटों में एकाग्रता बनाए रखें, क्योंकि इसी समय सबसे कम ध्यान केंद्रित रहता है।"
टीम के प्रदर्शन पर गर्व
कोंटी ने खिलाड़ियों की प्रशंसा करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि हमें इन खिलाड़ियों पर गर्व होना चाहिए। निजी तौर पर, मुझे इस टूर्नामेंट पर बहुत गर्व है।" उन्होंने टीम की उपलब्धि को रेखांकित किया: "हमने सेमी-फाइनलिस्ट टीमों — ऑस्ट्रेलिया, जापान और चीन — में से तीन के खिलाफ खेला। इस टूर्नामेंट का अनुभव मेरे लिए बहुत खूबसूरत रहा।"
खिलाड़ियों को दी गई सीख
मैच के बाद ड्रेसिंग रूम में कोंटी ने खिलाड़ियों से कहा कि उन्होंने अब एशिया में खेल के स्तर को समझ लिया है। उन्होंने जोर दिया, "कड़ी मेहनत के अलावा सफलता का कोई दूसरा रास्ता नहीं है। हर साल उन्हें एशिया की बेहतरीन टीमों के खिलाफ खेलने का मौका मिलेगा।" कोंटी ने कहा कि यह बहुत युवा टीम है और इसके पास भविष्य में बहुत कुछ देने की क्षमता है।
खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
15 वर्षीय सेंटर बैक अभिस्ता बसनेत ने कहा, "हमें इस नतीजे की उम्मीद नहीं थी। हम एक अलग सोच के साथ मैच में उतरे थे, लेकिन कभी-कभी ऐसा ही होता है।" अभिस्ता ने टीम की एकता की तारीफ की: "मुझे इस बात की खुशी और गर्व है कि हमने पूरे टूर्नामेंट में कैसा प्रदर्शन किया और एक टीम के तौर पर कितनी एकता दिखाई।"
उन्होंने विश्व कप से एक कदम दूर रह जाने को स्वीकार किया: "यह दुख की बात है कि हम अपने सपने से बस एक कदम दूर रह गए, लेकिन मुझे इस टीम के प्रदर्शन पर सच में बहुत गर्व है।"
ऐतिहासिक वापसी और भविष्य की आशा
अभिस्ता ने कहा, "यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। 21 साल के बाद, हम एशियन कप के क्वार्टर-फाइनल में जगह बनाने वाली पहली भारतीय टीम बन गए हैं।" उन्होंने टीम की बंधुता को रेखांकित किया: "हम एक परिवार और दोस्तों के एक ही समूह की तरह रहे। SAFF टूर्नामेंट, फ्रेंडली मैच और इस एशियन कप के दौरान हमने साथ में काफी कुछ सीखा, खासकर जापान, ऑस्ट्रेलिया और चीन जैसी टीमों से।"
अभिस्ता ने भविष्य के लिए दृढ़ संकल्प व्यक्त किया: "यह अंत नहीं है। हम और मेहनत करते हुए अपने सपने को हकीकत में बदलने का प्रयास करेंगे।" भारतीय टीम 21 साल के लंबे अंतराल के बाद एशियन कप में लौटी थी और लेबनान को 4-0 से हराकर क्वार्टर-फाइनल तक पहुँची थी।