एशियन गेम्स 2026: दीपिका के 9 गोल, भारत ने थाईलैंड को 20-1 से रौंदा; लगातार तीसरी बड़ी जीत
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में अपना विजयी अभियान जारी रखते हुए 23 सितंबर 2026 को गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में पूल बी के मुकाबले में थाईलैंड को 20-1 के बड़े अंतर से पराजित किया। कोच स्योर्ड मारिजने की अगुवाई में यह टीम की लगातार तीसरी जीत है और पूल स्टैंडिंग में वह शीर्ष पर बनी हुई है।
दीपिका की पेनल्टी कॉर्नर से धमाकेदार हैट्रिक-से-परे प्रदर्शन
इस मैच की सबसे बड़ी नायिका रहीं फॉरवर्ड और ड्रैग-फ्लिक स्पेशलिस्ट दीपिका, जिन्होंने अकेले 9 गोल दागे — और उल्लेखनीय यह है कि उनके सभी 9 गोल पेनल्टी कॉर्नर से आए। थाईलैंड की रक्षापंक्ति बार-बार भारत के सेट-पीस अटैक को रोकने में नाकाम रही, जो इस टूर्नामेंट में टीम की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है।
नवनीत कौर ने 4 गोल के साथ शानदार प्रदर्शन किया, जबकि रुतुजा पिसल ने हैट्रिक पूरी की। इसके अलावा नेहा, लालरेम्सियामी, साक्षी राणा और कप्तान सलीमा टेटे ने भी गोल दर्ज किए और टीम की बड़ी जीत में अहम योगदान दिया।
थाईलैंड का एकमात्र गोल और मैच का घटनाक्रम
भारतीय टीम ने पूरे मैच में आक्रामक और अनुशासित खेल का प्रदर्शन किया, विपक्षी टीम को वापसी का कोई अवसर नहीं दिया। थाईलैंड चौथे क्वार्टर के अंतिम क्षणों में एकमात्र गोल करने में सफल रही, जब सुपांसा समंसो का पेनल्टी कॉर्नर से ड्रैग-फ्लिक डिफ्लेक्ट होकर भारतीय गोलपोस्ट में चला गया।
गौरतलब है कि भारत ने इस टूर्नामेंट में अब तक तीन मैचों में केवल 2 गोल खाए हैं, जो उनके मजबूत डिफेंस का भी प्रमाण है।
अभियान का क्रम: तीन मैच, 56 गोल
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय टीम पूल बी में अपना दबदबा पूरी तरह स्थापित कर चुकी है। इससे पहले टीम ने उज्बेकिस्तान को 19-0 से और इंडोनेशिया को 17-1 से हराया था। इंडोनेशिया के खिलाफ मुकाबले में दीपिका, रुतुजा पिसल और नवनीत कौर ने हैट्रिक लगाई थी, जबकि सुनेलिता टोप्पो, लालरेम्सियामी और साक्षी ने दो-दो गोल किए थे। तीन मैचों में कुल 56 गोल करने के साथ भारत की आक्रामक क्षमता इस टूर्नामेंट में अप्रतिम रही है।
ऐतिहासिक लक्ष्य: 1982 के बाद पहला गोल्ड
भारत ने 1982 में घरेलू मैदान पर हुए एशियाई खेलों में महिला हॉकी का गोल्ड मेडल जीता था — और तब से यह उपलब्धि अधूरी है। हांगझोऊ एशियन गेम्स में टीम को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा था। अब 44 वर्षों बाद सोने की वापसी की उम्मीद में यह टीम लगातार मजबूत प्रदर्शन करती जा रही है।
आगे की राह: जापान से मुकाबला
भारतीय महिला हॉकी टीम का अगला पूल बी मैच शुक्रवार को जापान के खिलाफ होगा, जो निस्संदेह पिछले तीन मुकाबलों की तुलना में कहीं कड़ी परीक्षा होगी। एक और मजबूत प्रदर्शन टीम की नॉकआउट चरण में स्थिति को और पुख्ता कर सकता है। पूल बी में शीर्ष पर काबिज भारत के लिए अगली चुनौती सिर्फ जीत नहीं, बल्कि रणनीतिक ताकत को बनाए रखने की भी होगी।