ऋषभ पंत की खराब फॉर्म पर सबा करीम का बड़ा बयान — 'व्हाइट-बॉल में टेम्पलेट ही नहीं है'
सारांश
Key Takeaways
- ऋषभ पंत ने आईपीएल 2026 की 7 पारियों में 132.43 स्ट्राइक रेट से केवल 147 रन बनाए हैं।
- राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ पंत शून्य पर आउट हुए और एलएसजी को लगातार चौथी हार मिली।
- पूर्व विकेटकीपर सबा करीम ने कहा कि पंत के पास व्हाइट-बॉल क्रिकेट के लिए कोई स्पष्ट बल्लेबाजी टेम्पलेट नहीं है।
- पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ ने पंत की बॉडी लैंग्वेज और शॉट चयन पर सवाल उठाए।
- डेल स्टेन के अनुसार पंत के दिमाग में कई बातें चल रही हैं, जबकि फाफ डू प्लेसिस ने कप्तान पर दबाव को जिम्मेदार ठहराया।
- टेस्ट क्रिकेट में पंत की बल्लेबाजी को सभी विशेषज्ञों ने श्रेष्ठ माना, लेकिन टी20 और वनडे में वह अभी भी लय तलाश रहे हैं।
नई दिल्ली, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के कप्तान ऋषभ पंत की बल्लेबाजी लगातार सवालों के घेरे में है। भारत के पूर्व विकेटकीपर सबा करीम ने साफ कहा है कि पंत व्हाइट-बॉल क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी का कोई ठोस टेम्पलेट तय नहीं कर पाए हैं, और यही उनकी खराब फॉर्म की सबसे बड़ी वजह है।
राजस्थान के खिलाफ शून्य पर आउट, चौथी हार
बुधवार, 23 अप्रैल को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में पंत बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इस हार के साथ एलएसजी को इस सीजन की लगातार चौथी हार का सामना करना पड़ा। आईपीएल 2026 में अब तक खेली 7 पारियों में पंत ने 132.43 के स्ट्राइक रेट से केवल 147 रन बनाए हैं, और सिर्फ एक बार ही अर्धशतक का आंकड़ा पार कर पाए हैं।
सबा करीम का विश्लेषण — टेम्पलेट की कमी है असली समस्या
सबा करीम ने ईएसपीएन क्रिकइंफो से बातचीत में कहा कि एक आधुनिक टी20 बल्लेबाज के लिए अपना खुद का टेम्पलेट होना बेहद जरूरी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि श्रेयस अय्यर और रजत पाटीदार के पास अपना स्पष्ट टेम्पलेट है — उन्हें पता है कि किस पिच पर किस तरह के शॉट खेलने हैं।
करीम ने आगे कहा कि ऋषभ पंत की दिक्कत यह है कि उन्हें व्हाइट-बॉल क्रिकेट के लिए अपना टेम्पलेट अभी तक नहीं मिला है। उन्होंने यह भी माना कि टेस्ट क्रिकेट में पंत की सोच कहीं अधिक स्पष्ट और पारदर्शी है।
डेल स्टेन और फाफ डू प्लेसिस की राय
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन का मानना है कि पंत के दिमाग में एक साथ कई बातें चल रही हैं, जिसका सीधा असर उनके प्रदर्शन पर पड़ रहा है। वहीं, फाफ डू प्लेसिस ने कहा कि श्रेयस अय्यर और रजत पाटीदार जैसे कप्तानों के शानदार प्रदर्शन ने पंत पर अतिरिक्त दबाव बना दिया है।
संजय बांगड़ ने बॉडी लैंग्वेज पर उठाए सवाल
भारत के पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ ने जियोस्टार पर पंत की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ पंत की बॉडी लैंग्वेज बिल्कुल ठीक नहीं थी और पारी की शुरुआत में उन्होंने जो शॉट चुने, वे सही नहीं थे।
बांगड़ ने कहा कि इतने अंतरराष्ट्रीय रन और अनुभव रखने वाले एक टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज के लिए इस तरह का प्रदर्शन निराशाजनक है। उन्होंने जोड़ा कि अगर पंत अपने अप्रोच में स्पष्टता लाएं, तो वह कहीं बेहतर खेल सकते हैं।
गहरा विश्लेषण — पंत की दोहरी चुनौती
गौरतलब है कि ऋषभ पंत दिसंबर 2022 की भीषण कार दुर्घटना के बाद लंबे पुनर्वास से गुजरे और 2024 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की। उनकी वापसी टेस्ट क्रिकेट में शानदार रही, लेकिन व्हाइट-बॉल क्रिकेट में वह अभी भी अपनी लय तलाश रहे हैं।
यह विरोधाभास ध्यान देने योग्य है — जो बल्लेबाज टेस्ट क्रिकेट में सबसे रचनात्मक माना जाता है, वही टी20 जैसे आक्रामक फॉर्मेट में संघर्ष कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पंत को कप्तानी की जिम्मेदारी और खुद के प्रदर्शन के बीच संतुलन बनाने में अभी वक्त लगेगा।
एलएसजी के लिए आने वाले मैच बेहद अहम हैं। अगर पंत जल्द फॉर्म में नहीं लौटे, तो टीम का प्लेऑफ सफर मुश्किल हो सकता है। क्रिकेट विशेषज्ञों की नजर अब एलएसजी के अगले मुकाबले पर टिकी है।