10 अगस्त 2026
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ईरान की महिला खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया में मिली शरण, राष्ट्रगान न गाने पर उठी सजा की मांग

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ईरान की महिला खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया में मिली शरण, राष्ट्रगान न गाने पर उठी सजा की मांग

सारांश

ईरान की महिला फुटबॉल टीम ने राष्ट्रगान गाने से इनकार किया, जिसके चलते ऑस्ट्रेलिया ने 5 खिलाड़ियों को मानवीय वीजा दिया। क्या यह कदम ईरान में महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक नया अध्याय है?

मुख्य बातें

ईरानी महिला खिलाड़ियों ने राष्ट्रगान गाने से किया इनकार।
ऑस्ट्रेलिया ने 5 खिलाड़ियों को मानवीय वीजा दिया।
इस कदम से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर नई उम्मीदें जगीं।
अमेरिका ने भी शरण देने की बात कही।
ईरान में इस कदम के बाद खिलाड़ियों की आलोचना हुई।

नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पिछले हफ्ते एएफसी एशियन कप 2026 के उद्घाटन मैच में ईरान की महिला फुटबॉल टीम ने इस्लामिक शासन के राष्ट्रगान को गाने से इनकार कर दिया। इसके परिणामस्वरूप, ऑस्ट्रेलिया ने इस टीम की 5 खिलाड़ियों को मानवीय वीजा देकर अपने देश में रहने की अनुमति दी है।

ऑस्ट्रेलिया के इमिग्रेशन मंत्री टोनी बर्क ने जानकारी दी है कि इन महिला खिलाड़ियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। जिन ईरानी खिलाड़ियों को मानवीय वीजा मिला है, उनमें जहरा घनबारी, जहरा सरबली, फतेमेह पसंदिदेह, अतेफे रमजानजादेह और मोना हमौदी शामिल हैं। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने यह भी कहा है कि अगर अन्य खिलाड़ी भी चाहें, तो वे भी वहां रह सकती हैं।

कुछ दिनों पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा था कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो अमेरिका भी इन खिलाड़ियों को शरण देने के लिए तैयार है।

ईरान में, साउथ कोरिया के खिलाफ मैच से पहले राष्ट्रगान न गाने के कारण कुछ लोगों ने टीम की आलोचना की और खिलाड़ियों को सख्त दंड देने की मांग की। इससे खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।

इस घटना के बाद, रविवार को गोल्ड कोस्ट स्टेडियम के बाहर समर्थकों ने 'सेव अवर गर्ल्स' के नारे लगाए। उन्होंने महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा की मांग की, जिसके फलस्वरूप ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने पुष्टि की कि इन पांच खिलाड़ियों को मानवीय वीजा दिया गया है। इस वीजा के तहत, ये खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया में काम और पढ़ाई कर सकेंगी।

साउथ कोरिया के खिलाफ उस मैच में, ईरान की महिला खिलाड़ी राष्ट्रगान के दौरान चुपचाप खड़ी रहीं और गाया नहीं। उनका यह कदम ईरान में चल रही मिलिट्री तनातनी और आंतरिक अशांति के संदर्भ में उठाया गया था। साउथ कोरिया ने वह मैच 3-0 से जीत लिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे समाज के लिए महत्वपूर्ण है, जो महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान की महिला खिलाड़ियों को क्यों शरण मिली?
ईरान की महिला फुटबॉल टीम ने राष्ट्रगान गाने से इनकार किया, जिसके बाद उनकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।
ऑस्ट्रेलिया ने ईरानी खिलाड़ियों को किस प्रकार का वीजा दिया?
ऑस्ट्रेलिया ने ईरानी खिलाड़ियों को मानवीय वीजा दिया, जिससे वे वहां काम और पढ़ाई कर सकते हैं।
क्या अन्य ईरानी खिलाड़ी भी ऑस्ट्रेलिया में रह सकते हैं?
हाँ, ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने कहा है कि यदि अन्य खिलाड़ी भी चाहें, तो वे भी वहां रह सकती हैं।
इस घटना पर अमेरिका का क्या प्रतिक्रिया थी?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो अमेरिका भी इन खिलाड़ियों को शरण देने के लिए तैयार है।
साउथ कोरिया के खिलाफ मैच में क्या हुआ?
ईरान की महिला खिलाड़ी राष्ट्रगान के समय चुप खड़ी रहीं और उन्होंने गाया नहीं, जिससे उनकी आलोचना हुई।
राष्ट्र प्रेस
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