ईशान किशन का लखनऊ में 79 गेंदों पर 125 रन, स्वान बोले — 'लगता है वह कभी बाहर गए ही नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने 18 जून को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में भारत-अफगानिस्तान वनडे सीरीज के दूसरे मैच में 79 गेंदों पर 125 रन की धमाकेदार पारी खेली, जिसमें 14 चौके और 7 छक्के शामिल थे। लंबे अंतराल के बाद वनडे क्रिकेट में वापसी कर रहे किशन की इस पारी ने इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर ग्रीम स्वान को भी मुग्ध कर दिया।
स्वान की प्रतिक्रिया
जियोस्टार पर अपनी बात रखते हुए स्वान ने कहा, 'ईशान में टीम की मांग के हिसाब से किसी भी रोल में ढलने की अनोखी क्षमता है। वह ऐसे खिलाड़ी हैं जो बिना किसी शिकायत के कोई भी काम करेंगे। वह टीम में वापस आ गए हैं, और ऐसा लग रहा है कि वह कभी बाहर नहीं गए। यह कमाल की बात है।'
स्वान ने किशन की पारी की बारीकियों पर भी रोशनी डाली। उन्होंने कहा, 'वह क्रीज पर आए और अपनी पहली फिफ्टी के लिए सावधान थे, लेकिन फिर 50 से 100 तक पहुँचने में सिर्फ 19 गेंदें लीं — जो कि असाधारण है। यह कोई पागलपन वाली हिटिंग या स्लॉगिंग नहीं थी। वह बस समझदारी से काम ले रहे थे, लेग साइड पर अपनी जगहें चुन रहे थे, गेंदबाजों को अपनी लाइन बदलने पर मजबूर कर रहे थे, और फिर वे शानदार लॉफ्टेड एक्स्ट्रा-कवर ड्राइव खेल रहे थे। किशन की बल्लेबाजी में परिपक्वता दिखती है।'
तकनीकी सुधार पर जोर
स्वान ने किशन के तकनीकी विकास की सराहना करते हुए कहा, 'यह एकदम क्लास की निशानी है। लॉन्ग-ऑफ के बाहर का वह शॉट — कुछ ऐसा है जिस पर उन्होंने पिछले दो वर्षों में काम किया है। यह एक ऐसा क्षेत्र था जहाँ गेंदबाज उन्हें रोक सकते थे, लेकिन वह आगे बढ़े, इस पर काम किया और इसे अपनी ताकत बना लिया — जो शानदार है।'
वापसी का सफर
ईशान किशन लंबे समय बाद अफगानिस्तान के खिलाफ इस वनडे सीरीज से भारतीय टीम में लौटे हैं। धर्मशाला में खेले गए सीरीज के पहले वनडे में उन्होंने 22 गेंदों पर 34 रन बनाए थे। लखनऊ में उन्होंने 71 गेंदों पर शतक पूरा किया — यह पारी टी20 के बाद वनडे फॉर्मेट में भी उनकी दावेदारी को मजबूत करती है।
आगे की चुनौती
गौरतलब है कि आगामी इंग्लैंड वनडे सीरीज में विराट कोहली की टीम में वापसी होने की संभावना है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि किशन की बेहतरीन फॉर्म के बावजूद प्लेइंग इलेवन में जगह के लिए किसे बाहर बैठना पड़ेगा। यह मुकाबला भारतीय टीम प्रबंधन के लिए एक सुखद दुविधा बन गई है।