शुभमन गिल का 154 और ईशान किशन का 125: भारत ने अफगानिस्तान को दिया 403 रन का विशाल लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
शुभमन गिल (154) और ईशान किशन (125) की विस्फोटक शतकीय पारियों के बल पर भारत ने लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में 17 जून को खेले जा रहे वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में 49.5 ओवर में 402 रन बनाए और अफगानिस्तान के सामने 403 रन का विशाल लक्ष्य रखा। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 224 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की, जो अफगानिस्तान के खिलाफ किसी भी विकेट के लिए भारत की सबसे बड़ी साझेदारी है।
मुख्य घटनाक्रम
टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी भारतीय टीम की शुरुआत सधी नहीं रही। यशस्वी जायसवाल मात्र 4 रन बनाकर दूसरे ओवर की आखिरी गेंद पर पवेलियन लौट गए, जब स्कोर केवल 9 था। इसके बाद रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने दूसरे विकेट के लिए 87 रन की साझेदारी से पारी को संभाला।
रोहित शर्मा बड़ी पारी से चूक गए — उन्होंने 39 गेंदों पर 6 चौके और 2 छक्के लगाते हुए 48 रन बनाए और आउट हुए।
गिल-ईशान की रिकॉर्ड साझेदारी
चौथे नंबर पर उतरे ईशान किशन ने शुभमन गिल के साथ मिलकर पारी को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 224 रन जोड़े — अफगानिस्तान के खिलाफ किसी भी विकेट के लिए भारतीय टीम की ओर से यह अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी है।
ईशान किशन ने 79 गेंदों पर 14 चौके और 7 छक्के लगाते हुए 125 रन की पारी खेली — यह उनके वनडे करियर का दूसरा शतक था। शुभमन गिल ने 110 गेंदों पर 22 चौके और 2 छक्के की मदद से 154 रन बनाए, जो उनके वनडे करियर का 9वाँ शतक है।
निचला क्रम फ्लॉप, 402 पर सिमटी पारी
इन दोनों के आउट होने के बाद एक समय 450 के करीब जाती दिख रही भारतीय पारी लड़खड़ा गई। श्रेयस अय्यर ने 26 और वाशिंगटन सुंदर ने 19 रन का योगदान दिया, जबकि केएल राहुल खाता तक नहीं खोल सके। भारतीय टीम 49.5 ओवर में ऑलआउट होकर 402 रन पर सिमट गई।
आम जनता और सीरीज पर असर
यह स्कोर भारत के वनडे इतिहास के सबसे बड़े कुल योगों में से एक है। गिल की कप्तानी पारी और ईशान की आक्रामक बल्लेबाजी ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत की बल्लेबाजी गहराई शीर्ष क्रम पर टिकी है। यह ऐसे समय में आया है जब सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाए रखने का दबाव भारत पर था।
क्या होगा आगे
अब अफगानिस्तान के सामने 403 रन का पहाड़ जैसा लक्ष्य है। वनडे इतिहास में इतने बड़े लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करना अत्यंत दुर्लभ है। भारतीय गेंदबाजों के पास मौका है कि वे इस विशाल स्कोर की रक्षा कर सीरीज पर पकड़ मजबूत करें।