नेशंस लीग: इटली ने तुर्किये को 3-1 से हराया, ग्रुप ए1 में दूसरे स्थान पर पहुँचा
सारांश
मुख्य बातें
UEFA नेशंस लीग के ग्रुप ए1 मुकाबले में इटली ने 6 अक्टूबर 2026 को बोलोग्ना में तुर्किये को 3-1 से हराकर अंक तालिका में दूसरा स्थान हासिल किया। रॉबर्टो मैनसिनी की इटली टीम के लिए यह उनकी वापसी के बाद घरेलू मैदान पर पहली जीत रही, और इस नतीजे ने क्वार्टर फाइनल की दौड़ में इटली की दावेदारी को मज़बूत किया।
मैच का मुख्य घटनाक्रम
जियानलुका स्कामाका ने पहले हाफ में इटली को बढ़त दिलाई — यह उनका तीन साल बाद राष्ट्रीय टीम के लिए गोल था। डि लोरेंजो के क्रॉस पर स्कामाका ने कबाक को पीछे छोड़ते हुए दाहिने पैर से जोरदार शॉट लगाया जो क्रॉसबार के नीचे से निकला।
दूसरे हाफ की शुरुआत में अराल सिमसिर ने हेडर से स्कोर 1-1 कर दिया। डि लोरेंजो और गिगियो डोनारुम्मा के बीच हुई गलतफहमी का फायदा उठाते हुए तुर्किये के स्ट्राइकर ने बराबरी हासिल की।
लेकिन बराबरी ज़्यादा देर नहीं टिकी। सब्सटीट्यूट रिकार्डो कैलाफियोरी ने निकोलो बरेला की फ्री किक पर शानदार छलांग लगाते हुए इटली को 2-1 से आगे किया। इसके बाद पियो एस्पोसिटो ने मैच के अंतिम चरण में रोमानो के क्रॉस को नेट में डिफ्लेक्ट कर 3-1 की जीत पक्की की — 13 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में यह उनका सातवाँ गोल था।
डोनारुम्मा की अहम भूमिका
गियानलुइगी डोनारुम्मा ने गोलकीपर के रूप में कई अहम बचाव किए। उन्होंने कबाक के लंबी दूरी के शॉट को कॉर्नर में डिफ्लेक्ट किया और अकगुन के हेडर को ब्लॉक किया। बाद में सब्सटीट्यूट अक्तुर्कोग्लू को बराबरी का मौका मिला, लेकिन वे चूक गए — डोनारुम्मा की सतर्कता इटली के लिए निर्णायक साबित हुई।
तालिका में इटली की स्थिति और आगे की राह
यह जीत इटली के लिए तालिका में दूसरे स्थान की पुष्टि करती है और यूरोपियन चैंपियनशिप क्वालीफाइंग ड्रॉ में सीडिंग सुनिश्चित करती है। गौरतलब है कि इटली अपने आखिरी दो ग्रुप मैच 12 नवंबर को मिलान में फ्रांस के खिलाफ और 15 नवंबर को ब्रसेल्स में बेल्जियम के खिलाफ खेलेगा।
यह ऐसे समय में आया है जब इटली नेशंस लीग क्वार्टर फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए हर अंक का महत्व समझती है। मैनसिनी के प्रबंधन में कई उतार-चढ़ाव देखे गए, लेकिन बोलोग्ना की यह जीत टीम में नई ऊर्जा का संकेत देती है।
मैनसिनी की वापसी का असर
रॉबर्टो मैनसिनी के कोचिंग में लौटने के बाद यह घरेलू मैदान पर पहली जीत है। उनके मार्गदर्शन में स्कामाका, कैलाफियोरी और एस्पोसिटो जैसे खिलाड़ियों ने दिखाया कि इटली का आक्रामक ढाँचा धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है। फ्रांस और बेल्जियम के खिलाफ आने वाले मुकाबले इस टीम की असली परीक्षा होंगे।