फीफा वर्ल्ड कप 2026: पैराग्वे ने तुर्किये को 1-0 से हराया, 64 सेकंड में टूर्नामेंट का सबसे तेज़ गोल
सारांश
मुख्य बातें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप डी मुकाबले में पैराग्वे ने 20 जून को सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में तुर्किये को 1-0 से हराकर अगले राउंड की दौड़ में बने रहे, जबकि इस हार के साथ तुर्किये का टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया।
मैच का निर्णायक क्षण
मतियास गैलार्जा ने किक-ऑफ के महज 64 सेकंड बाद करीब 25 मीटर की दूरी से जोरदार शॉट लगाकर तुर्किये के गोलकीपर को छकाया और इस टूर्नामेंट का सबसे तेज़ गोल दागा। इससे पहले यह रिकॉर्ड मोरक्को के इस्माइल सैबारी के नाम था, जिन्होंने स्कॉटलैंड के खिलाफ 70 सेकंड में गोल किया था।
अल्मिरोन को रेड कार्ड — नए नियम की पहली बड़ी सज़ा
हाफटाइम से ठीक पहले पैराग्वे को बड़ा झटका लगा जब मिडफील्डर मिगुएल अल्मिरोन को रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया गया। वीएआर समीक्षा के बाद यह फैसला बरकरार रखा गया। अल्मिरोन ने मर्ट मुल्डुर के साथ मुकाबले के दौरान अपना मुंह ढक लिया था, जो फीफा के नए अनुशासनात्मक नियम का उल्लंघन है।
गौरतलब है कि यह नियम टूर्नामेंट से पहले लागू किया गया था और अल्मिरोन विश्व कप इतिहास में इस नए नियम के तहत दंडित होने वाले पहले खिलाड़ी बने। यह नियम उस विवाद के बाद आया जब बेनफिका के खिलाड़ी जियानलुका प्रेस्टियानी पर रियल मैड्रिड के विनिसियस जूनियर के खिलाफ मुंह छिपाकर भेदभावपूर्ण टिप्पणी करने का आरोप लगा था।
10 खिलाड़ियों के साथ पैराग्वे की रक्षात्मक दृढ़ता
दूसरे हाफ में 10 खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए भी पैराग्वे ने असाधारण रक्षात्मक खेल का प्रदर्शन किया। तुर्किये ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखते हुए बराबरी के लिए लगातार दबाव बनाया, लेकिन पैराग्वे के गोलकीपर और डिफेंस लाइन ने मिलकर तुर्किये को एक भी गोल नहीं करने दिया।
ग्रुप डी में आगे क्या
इस जीत के साथ पैराग्वे ने ग्रुप डी में अपनी स्थिति मजबूत की है और नॉकआउट राउंड में पहुंचने की उम्मीदें जीवित रखी हैं। तुर्किये का वर्ल्ड कप 2026 में सफर यहीं समाप्त हो गया। यह देखना होगा कि ग्रुप के शेष मुकाबले पैराग्वे की आगे की राह कैसी तय करते हैं।