फीफा वर्ल्ड कप 2026: अराउजो के देर से गोल ने उरुग्वे को बचाया, ग्रुप एच में चारों टीमें बराबर
सारांश
मुख्य बातें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप एच में 16 जून को मियामी में खेले गए मुकाबले में उरुग्वे और सऊदी अरब के बीच रोमांचक 1-1 की बराबरी रही। मैक्सी अराउजो के दूसरे हाफ में किए गए गोल ने उरुग्वे को वह अंक दिलाया जो अब्दुलेलाह अल अमरी के पहले हाफ के गोल के बाद हाथ से निकलता दिख रहा था। इस नतीजे के साथ ग्रुप एच की चारों टीमें अंक तालिका में बराबरी पर आ गई हैं।
मुख्य घटनाक्रम
उरुग्वे ने मुकाबले की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की। मैक्सी अराउजो का एक तीखा शॉट सऊदी गोलकीपर मोहम्मद अल ओवैस ने शानदार तरीके से रोका, और इसके तुरंत बाद फेडेरिको विनास के डाइविंग हेडर को भी उन्होंने बेकार कर दिया। सऊदी अरब का पहला बड़ा खतरा एक कॉर्नर से आया, जब अल अमरी का अचानक लिया गया शॉट उरुग्वे के गोलकीपर फर्नांडो मुस्लेरा ने सजग प्रतिक्रिया से रोका।
पहले हाफ का निर्णायक पल तब आया जब एक खतरनाक सेट-पीस पर बॉक्स में अफरा-तफरी मच गई। मुस्लेरा ने हसन अल तंबकती के हेडर को तो रोक लिया, लेकिन रिबाउंड पर अल अमरी ने गेंद को नेट में डाल दिया और सऊदी अरब को बढ़त मिल गई।
दूसरे हाफ में उरुग्वे का दबाव
दूसरे हाफ में उरुग्वे ने बराबरी के लिए जोरदार प्रयास किए। मैनुअल उगार्टे का लॉन्ग-रेंज शॉट सऊदी गोलकीपर को छकाता हुआ क्रॉसबार से टकरा गया। इसके बाद विनास के तेज हेडर पर अल ओवैस गेंद को पकड़ नहीं सके और ढीली पड़ी गेंद पर अराउजो ने गोल दागकर स्कोर बराबर कर दिया। फेडेरिको वाल्वरडे ने भी सऊदी गोलकीपर की परीक्षा ली, लेकिन सऊदी अरब ने अपनी बढ़त बचाने में कामयाबी हासिल नहीं की और अंततः दोनों टीमें एक-एक अंक लेकर मैदान से बाहर निकलीं।
ग्रुप एच की स्थिति
इस ड्रॉ के बाद ग्रुप एच की चारों टीमें — उरुग्वे, सऊदी अरब, स्पेन और केप वर्डे — अंक तालिका में बराबर हो गई हैं। गौरतलब है कि उसी दिन पहली बार वर्ल्ड कप में खेल रही केप वर्डे ने पूर्व चैंपियन स्पेन को 0-0 से रोककर टूर्नामेंट में बड़ा उलटफेर किया। यह ग्रुप अब नॉकआउट चरण के लिए सबसे अप्रत्याशित और रोमांचक ग्रुप बन गया है।
मुस्लेरा का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
इस मुकाबले में उरुग्वे के गोलकीपर फर्नांडो मुस्लेरा (39 साल और 364 दिन) फीफा वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे उम्रदराज खिलाड़ियों में शामिल हो गए। उन्होंने अपने पूर्व साथी डिएगो गोडिन के रिकॉर्ड को तीन साल से अधिक के अंतर से पीछे छोड़ दिया। यह ऐसे समय में आया है जब मुस्लेरा अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं और उनका यह प्रदर्शन अनुभव की ताकत का प्रमाण है।
आगे क्या होगा
ग्रुप एच में अगले मुकाबलों में हर टीम के लिए जीत अनिवार्य हो गई है, क्योंकि एक भी ड्रॉ या हार नॉकआउट की राह कठिन कर सकती है। उरुग्वे और सऊदी अरब दोनों के लिए अगला मैच करो या मरो की स्थिति होगी।