क्या झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने ऑल इंडिया जज बैडमिंटन चैंपियनशिप का उद्घाटन किया?
सारांश
Key Takeaways
- खेल सभी के लिए आवश्यक है।
- स्वास्थ्य के लिए खेल का महत्व बढ़ता है।
- जजों के बीच संबंध मजबूत होते हैं।
- प्रतियोगिता में प्रतिभा का प्रदर्शन होता है।
- खेल भावना और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता।
रांची, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दो दिवसीय ऑल इंडिया जज बैडमिंटन चैंपियनशिप का दूसरा संस्करण शनिवार को रांची के ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव इंडोर स्टेडियम में आरंभ हुआ। इस चैंपियनशिप में नौ राज्यों के 31 हाई कोर्ट जज भाग ले रहे हैं।
उद्घाटन झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश टी.एस. चौहान ने किया। उन्होंने प्रतियोगिता में खिलाड़ी के रूप में भाग ले रहे न्यायाधीशों को बैडमिंटन भेंट की। मुख्य न्यायाधीश के साथ सभी प्रतिभागियों ने एक साथ तस्वीर भी खिंचवाई।
इस अवसर पर टी.एस. चौहान ने कहा, "खेल हर किसी की जिंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों का ध्यान रखना आवश्यक है, इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसलिए, सभी के लिए किसी न किसी खेल में भाग लेना जरूरी है।"
कार्यक्रम में शामिल हुईं ओलंपियन निक्की प्रधान ने कहा, "खेल हर व्यक्ति के लिए आवश्यक हैं क्योंकि जितना ज्यादा हम खेलते हैं, हमारी फिटनेस उतनी ही बेहतर होती है। यदि हमारी सेहत ठीक है, तो हम जो भी कार्य करना चाहते हैं, उसमें सफलता मिलती है।"
ऑल इंडिया जज बैडमिंटन चैंपियनशिप में मैचों का आयोजन विभिन्न श्रेणियों में किया जा रहा है। प्रतियोगिता में झारखंड हाई कोर्ट, इलाहाबाद हाई कोर्ट, मद्रास हाई कोर्ट, तेलंगाना हाई कोर्ट, ओडिशा हाई कोर्ट, राजस्थान हाई कोर्ट, केरल हाई कोर्ट और कर्नाटक हाई कोर्ट के न्यायाधीश शामिल हैं। मुकाबले पुरुष एकल, पुरुष डबल, महिला एकल और मिश्रित डबल श्रेणियों में आयोजित किए जाएंगे। प्रतियोगिता में न्यायाधीशों की बैडमिंटन कौशल और क्षमता का प्रदर्शन होगा। प्रतियोगिता के समापन के उपरांत विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा।
यह एक राष्ट्रीय स्तर का टूर्नामेंट है। इसका उद्देश्य न्यायाधीशों के बीच खेल भावना, आपसी सौहार्द, और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है।