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क्या सुनील गावस्कर टी20 के भी श्रेष्ठ बल्लेबाज होते?: कपिल देव

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क्या सुनील गावस्कर टी20 के भी श्रेष्ठ बल्लेबाज होते?: कपिल देव

सारांश

क्या सुनील गावस्कर आज के टी20 क्रिकेट में भी अपने उत्कृष्टता के लिए जाने जाते? कपिल देव ने उनके बारे में अपने विचार साझा किए हैं। जानिए इस मुद्दे पर उनका क्या कहना है।

मुख्य बातें

सुनील गावस्कर की बल्लेबाजी शैली आज के टी20 फॉर्मेट में भी प्रभावी हो सकती है।
क्रिकेट में अनुभव और प्रतिभा का तालमेल आवश्यक है।
युवाओं के विचारों को सुनने की ज़रूरत है।
किताब पढ़ने से ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है।
क्रिकेट को लेकर सकारात्मक सोच रखना महत्वपूर्ण है।

कोलकाता, 19 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि यदि सुनील गावस्कर आज के समय में खेलते, तो वे टी20 फॉर्मेट के भी श्रेष्ठ बल्लेबाज होते।

कपिल देव ने कहा, "अगर सुनील गावस्कर इस दौर में खेलते, तो निश्चित रूप से टी20 में भी सबसे बेहतरीन बल्लेबाज होते। एक बल्लेबाज का डिफेंस मजबूत होना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि तभी बड़े शॉट लगाना आसान होता है। डिफेंस करना एक चुनौती है, जबकि बड़े शॉट लगाना अपेक्षाकृत सरल है। जिन बल्लेबाजों का डिफेंस मजबूत है, उनके पास अतिरिक्त समय होता है। यही कारण है कि वे हर फॉर्मेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।"

क्रिकेट में अपनी पसंदीदा भूमिका के बारे में कपिल देव ने कहा कि उन्हें केवल क्रिकेट खेलना पसंद है। चाहे वह बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी, सब कुछ मजेदार है। जडेजा को देखिए, वह क्षेत्ररक्षण का आनंद लेते हैं। मुझे क्रिकेट की हर चीज़ पसंद है।

युवाओं पर अपनी राय रखते हुए पूर्व कप्तान ने कहा, "प्रतिभाशाली लोग बोलते हैं, जबकि बुद्धिमान लोग सुनते हैं। हमें सुनना चाहिए। नए लोग नई सोच के साथ आते हैं। उन्हें खुली सोच के साथ सुनने की आदत डालनी चाहिए। मुझे लगता है कि यदि हम सुनने की आदत नहीं डालते, तो शायद दुनिया आज जहां है, वहां नहीं होती। युवा प्रतिभाशाली हैं और हमसे बेहतर हैं, लेकिन हमारे पास अनुभव है, जो उन्हें हमसे अलग नहीं कर सकता। हमें युवाओं का दिल से स्वागत करना चाहिए।"

कार्यक्रम में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान मिताली राज भी उपस्थित थीं। उन्होंने मैच के दौरान किताब पढ़ने की अपनी आदत का जिक्र करते हुए कहा कि इससे उन्हें आस-पास क्या हो रहा है, इसका पता नहीं चलता और न ही दबाव महसूस होता है। किताब पढ़ना एक अच्छी आदत है।

अपनी कप्तानी के दिनों को याद करते हुए मिताली ने कहा, "मैंने कभी मैदान पर या ड्रेसिंग रूम में अपना आपा नहीं खोया। किसी भी मुद्दे पर चर्चा टीम की बैठक में होती थी।"

मिताली राज भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सफलतम बल्लेबाज और कप्तान रह चुकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

कपिल देव और मिताली राज का यह बयान भारतीय क्रिकेट में अनुभव और प्रतिभा के सामंजस्य को दर्शाता है। युवाओं को अपने विचारों को साझा करने का अवसर देना आवश्यक है, लेकिन हमें उनके साथ अपने अनुभव को भी साझा करना चाहिए।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कपिल देव ने सुनील गावस्कर के बारे में क्या कहा?
कपिल देव ने कहा कि सुनील गावस्कर यदि आज के दौर में होते, तो वे टी20 फॉर्मेट के श्रेष्ठ बल्लेबाज होते।
मिताली राज ने किताब पढ़ने के बारे में क्या कहा?
मिताली राज ने कहा कि किताब पढ़ने से उन्हें दबाव का अहसास नहीं होता और वे खेल पर ध्यान केंद्रित कर पाती हैं।
कपिल देव का युवाओं के प्रति क्या नजरिया है?
कपिल देव मानते हैं कि युवाओं को खुली सोच के साथ सुनने और सीखने की आदत डालनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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