कुहनेमन को केपटाउन टेस्ट में मौका मिलना चाहिए: उस्मान ख्वाजा की पुरज़ोर वकालत
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी पूर्व सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने बाएँ हाथ के स्पिनर मैथ्यू कुहनेमन को 27 अक्टूबर 2026 से केपटाउन में होने वाले निर्णायक तीसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई प्लेइंग इलेवन में शामिल करने की ज़ोरदार पैरवी की है। यह सीरीज़ इस समय 1-1 की बराबरी पर है और तीसरा मुकाबला खिताब तय करेगा।
ख्वाजा ने क्यों उठाई कुहनेमन की आवाज़
ख्वाजा ने एक ऑस्ट्रेलियाई वेबसाइट से बातचीत में कहा, 'हमने बोलैंड और लियोन के बारे में बात की है। मैथ्यू कुहनेमन का ज़िक्र नहीं किया गया है। वह एक शानदार टेस्ट गेंदबाज़ हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'कुहनेमन जब भी खेले हैं, ऑस्ट्रेलिया के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है। दक्षिण अफ्रीका के ज़्यादातर खिलाड़ी दाएँ हाथ के बल्लेबाज़ हैं — मुझे समझ नहीं आ रहा कि लोग उसे क्यों नहीं ला रहे हैं।'
ख्वाजा ने दक्षिण अफ्रीकी स्पिनर साइमन हार्मर का हवाला देते हुए कहा कि ठीक वैसे ही जैसे हार्मर ने पिछले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के बाएँ हाथ के बल्लेबाज़ों पर शिकंजा कसा था, कुहनेमन दक्षिण अफ्रीका के दाएँ हाथ के बल्लेबाज़ों के लिए वैसी ही चुनौती खड़ी कर सकते हैं।
कुहनेमन का हालिया टेस्ट रिकॉर्ड
बाएँ हाथ के इस स्पिनर ने ऑस्ट्रेलिया के लिए आखिरी बार 2025 में श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज़ में हिस्सा लिया था, जिसमें उन्होंने 16 विकेट चटकाए थे। यह आँकड़ा इस बात का प्रमाण है कि स्पिन-अनुकूल परिस्थितियों में कुहनेमन किस कदर कहर बरपा सकते हैं। गौरतलब है कि इतने प्रभावशाली प्रदर्शन के बावजूद उन्हें लगातार टीम में जगह नहीं मिल सकी है।
नाथन लियोन और टीम संतुलन पर नज़रिया
ख्वाजा ने स्पष्ट किया कि वे ऑफ-स्पिनर नाथन लियोन की वरिष्ठता को चुनौती नहीं दे रहे। उन्होंने कहा, 'मुझे पता है कि नाथन लियोन बेहतरीन हैं और उनके खिलाफ जाने का सवाल ही नहीं है। साउथ अफ्रीका की टीम में बहुत सारे राइट-हैंडर होने की वजह से कुहनेमन की चर्चा होनी चाहिए।' उनका तर्क है कि दोनों स्पिनरों को एक साथ उतारना दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज़ी क्रम पर दोहरा दबाव बना सकता है।
निक मैडिनसन और ओपनिंग की चुनौती
ख्वाजा ने बल्लेबाज़ी क्रम को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने निक मैडिनसन की तारीफ करते हुए कहा, 'निक मैडिनसन को कोई कम नहीं आँकना चाहता। मुझे लगता है कि मैडिनसन बहुत बढ़िया हैं।' हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि वे मैडिनसन को सीरीज़ की शुरुआत से मध्यक्रम में रखते, क्योंकि 'ओपनिंग की जगह भरना बहुत मुश्किल है।' ख्वाजा के अनुसार मैडिनसन स्पिन गेंदबाज़ी को अच्छी तरह खेलते हैं और पहले दो मैचों में यह प्रतिभा पूरी तरह सामने नहीं आ सकी।
आगे क्या होगा
ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच 3 टेस्ट मैचों की सीरीज़ 1-1 से बराबर है। निर्णायक तीसरा टेस्ट 27 अक्टूबर 2026 से केपटाउन में शुरू होगा। ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन की प्लेइंग इलेवन की घोषणा होने पर ही स्पष्ट होगा कि ख्वाजा की सलाह पर अमल किया जाता है या नहीं।