केएल राहुल की नाबाद 129 रन की पारी: 'क्रीज पर समय बिताना था ज़रूरी', वर्ल्ड कप 2027 पर नज़र
सारांश
मुख्य बातें
विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल ने 4 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में उनकी नाबाद 129 रन की पारी महज़ रन बनाने की कवायद नहीं थी — बल्कि ICC पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 से पहले मिडिल ऑर्डर में अपनी भूमिका को पुख्ता करने की एक सुनियोजित कोशिश थी। भारत ने यह द्विपक्षीय सीरीज 2-1 से अपने नाम की, हालाँकि तीसरे मैच में वेस्टइंडीज ने 352 रनों का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया।
मुख्य घटनाक्रम
तीसरे वनडे में राहुल की शतकीय पारी के बावजूद भारत को हार का सामना करना पड़ा, क्योंकि वेस्टइंडीज ने बेहतरीन बल्लेबाज़ी करते हुए 352 रनों के विशाल लक्ष्य को पार कर लिया। राहुल की यह सेंचुरी ऐसे समय में आई जब टीम की हार लगभग तय हो चुकी थी, लेकिन उन्होंने व्यक्तिगत लक्ष्यों के लिहाज़ से इस पारी को बेहद अहम बताया। उल्लेखनीय है कि इस मैच में जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल जैसे प्रमुख खिलाड़ी टीम में नहीं थे, जिससे दूसरे विकल्पों को आज़माने का अवसर मिला।
राहुल की अपनी भूमिका पर बात
राहुल ने जियोस्टार से बातचीत में कहा, '129 रन बनाकर खुश हूं, लेकिन इस बात से निराश हूं कि हम सीरीज में क्लीन स्वीप नहीं कर पाए। फिर भी, मैं मैदान पर बल्ले के साथ अधिक समय बिताना चाहता था। पिछली बार मुझे वनडे क्रिकेट में मिडिल ऑर्डर में लंबी पारी खेलने का मौका इस साल जनवरी में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ मिला था, और तब से मुझे लंबी पारी खेलने का ज़्यादा समय नहीं मिला है।' गौरतलब है कि राहुल ने अपने करियर का अधिकांश समय टॉप ऑर्डर में गुज़ारा है और हाल के वर्षों में उन्हें मिडिल ऑर्डर की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।
पुरानी गेंद और रिवर्स स्विंग की चुनौती
राहुल ने पारी के दौरान आने वाली तकनीकी चुनौतियों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, 'आखिरी 10 ओवरों में 80-90 रन बनाना आसान नहीं रहा है। गेंद रिवर्स स्विंग हो रही है, और जब गेंद पुरानी और नरम हो जाती है तो एक बल्लेबाज़ के तौर पर आप लॉन्ग-ऑन और डीप मिड-विकेट फील्डर पर शॉट खेलने का भरोसा नहीं कर पाते, खासकर तब जब उस तरफ बाउंड्री बड़ी हो।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि गेंद बदलने के नए नियम के बाद पिछले डेढ़ साल में हालात काफी बदल गए हैं।
राहुल ने आगे जोड़ा, 'मैंने हमेशा टॉप ऑर्डर में बैटिंग की है और मुझे हार्ड बॉल पसंद है — मैं उसकी पेस का इस्तेमाल कर सकता हूं। इसीलिए मैं नरम, पुरानी गेंदों के साथ खेलने और उनसे छक्के मारने पर काम कर रहा हूं।'
वर्ल्ड कप 2027 की तैयारियाँ
ICC पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 में अभी एक साल से ज़्यादा का वक्त है, लेकिन राहुल ने बताया कि भारतीय टीम इस सीरीज को उस बड़े टूर्नामेंट की तैयारी के नज़रिए से देख रही है। उन्होंने कहा, 'अगला साल बहुत अहम है, क्योंकि अक्टूबर में वर्ल्ड कप शुरू हो रहा है। मैदान के बाहर मैं कुछ चीज़ें आज़मा रहा हूं और उन्हें खेल में परखना चाहता हूं।'
बल्लेबाज़ी इकाई के लक्ष्यों पर बात करते हुए राहुल ने कहा कि टीम अब 330-340 रनों के पार जाकर 370-380 या यहाँ तक कि 400 रनों तक पहुँचने के बारे में सोच रही है, क्योंकि वनडे क्रिकेट में 340-350 रनों का लक्ष्य भी आसानी से चेज़ हो जाता है।
आगे क्या
राहुल के मुताबिक कोच और कप्तान इस बात को लेकर स्पष्ट हैं कि वर्ल्ड कप के लिए किन खिलाड़ियों को तैयार करना है और उन्हें अधिक मौके देने हैं। यह सीरीज उसी दिशा में एक कदम रही। भारत की 2-1 की सीरीज जीत के साथ टीम का ध्यान अब आगामी मैचों और वर्ल्ड कप चक्र पर केंद्रित है।