क्या मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपना वादा पूरा किया? क्रांति गौड़ के पिता को फिर से मिली सरकारी नौकरी
सारांश
Key Takeaways
- क्रांति गौड़ ने अपने पिता के लिए न्याय पाया।
- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने वादे को पूरा किया।
- सरकारें समाज में बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
भोपाल, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महिला वनडे विश्व कप 2025 की विजेता भारतीय टीम की सदस्य क्रांति गौड़ के पिता मुन्ना सिंह को लगभग 14 वर्षों के बाद मध्य प्रदेश पुलिस में आधिकारिक रूप से पुनः बहाल किया गया है।
मध्य प्रदेश के खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव के आदेश पर राज्य पुलिस मुख्यालय ने सोमवार को बहाली का आदेश जारी किया। पिछले वर्ष विश्व कप जीतने के बाद, मुख्यमंत्री ने क्रांति गौड़ से उनके पिता को पुनः पुलिस सेवा में बहाल करने का वादा किया था।
विश्वास सारंग ने कहा, "इस निर्णय से न केवल गौड़ के परिवार को आर्थिक और सामाजिक सहायता मिली है, बल्कि क्रांति का यह सपना भी पूरा हुआ है कि उनके पिता पुलिस की वर्दी में सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हों।"
क्रांति गौड़ के पिता मध्य प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल थे। उन्हें 2012 में चुनाव ड्यूटी के दौरान लापरवाही के आरोप में नौकरी से हटा दिया गया था। इसके बाद परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। छतरपुर जिले के घुवारा गांव में पली-बढ़ी क्रांति अक्सर अपने परिवार की मुश्किलों पर बात करती थीं, और उन दिनों को याद करती थीं जब उन्हें एक टाइम का खाना भी नहीं मिल पाता था।
जब क्रांति गौड़ के पिता को नौकरी से निकाले जाने का मामला चर्चा में आया, तब विश्व कप में ऐतिहासिक जीत के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव से उनकी मुलाकात हुई थी। उस मुलाकात में उन्होंने अपने पिता को नौकरी में पुनः बहाल करने का अनुरोध किया था, और मुख्यमंत्री ने तुरंत सहमति दी थी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा दिया गया वादा सोमवार को पूरा हुआ और क्रांति गौड़ के पिता को सम्मान के साथ उनकी नौकरी लौटा दी गई।
क्रांति गौड़ ने वनडे विश्व कप 2025 में आठ मैचों में नौ विकेट लिए और टीम को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महिला प्रीमियर लीग में क्रांति यूपी वॉरियर्ज के लिए खेलेंगी।