24 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सिकंदर रजा: गेंदबाजी में एकरूपता की कमी और आक्रामकता पर चिंता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सिकंदर रजा: गेंदबाजी में एकरूपता की कमी और आक्रामकता पर चिंता

सारांश

जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने भारत के खिलाफ हार के बाद गेंदबाजी में एकरूपता की कमी और खिलाड़ियों की आक्रामकता पर चिंता जताई। उन्होंने आगामी मैचों में सुधार की उम्मीद व्यक्त की।

मुख्य बातें

गेंदबाजी में एकरूपता की कमी आक्रामकता पर चिंता युवाओं का अनुभव आगामी मैचों में सुधार की उम्मीद टीम की रक्षात्मक योजनाओं में सुधार

चेन्नई, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत के विरुद्ध टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मैच में 72 रन से हार के बाद जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने माना कि उनकी टीम अपनी रक्षात्मक योजनाओं को और भी बेहतर तरीके से लागू कर सकती थी। खिलाड़ियों ने कुछ ज्यादा ही आक्रामक रुख अपनाया और गेंदबाजी में एकरूपता की कमी रही।

एमए चिदंबरम स्टेडियम में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 4 विकेट के नुकसान पर 256 रन बनाए। इसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवर में 6 विकेट खोकर केवल 184 रन ही बना सकी।

इस हार के बाद सिकंदर रजा ने कहा, "मैं हमेशा सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान देता हूं। इस मैच से मुझे सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू यह नजर आया कि पिछले मैच (वेस्टइंडीज के खिलाफ) में 250 रन के लक्ष्य का पीछा करते समय हमारी बल्लेबाजी में घबराहट थी। मैं हमेशा कहता हूं कि आप पहले छह ओवरों में मैच नहीं जीत सकते, लेकिन अगर लक्ष्य बड़ा हो तो आप उसे पहले छह ओवरों में हार सकते हैं। इस मैच में मुझे लगा कि शुरुआती छह ओवरों में हम अधिक संयमित थे। पिछले मुकाबले में लड़कों ने जिस तरह बल्लेबाजी की, उसने आत्मविश्वास बढ़ाया है।"

कप्तान ने अपनी टीम की गेंदबाजी पर कहा, "मुझे लगता है कि हम अपनी रक्षात्मक योजनाओं को और बेहतर तरीके से लागू कर सकते थे। हमारी गेंदबाजी में एकरूपता नहीं थी। सभी गेंदबाजों का प्रदर्शन मिला-जुला था, जिससे विरोधी टीम को बहुत रन मिल गए। एक बार जब रन-रेट बढ़ जाता है, तो उसे रोकना कठिन हो जाता है। यदि हम अपनी योजनाओं को सही ढंग से निभाते, तो शायद हम उन्हें 210-220 के आस-पास रोक सकते थे, और वहां से कुछ भी संभव था।"

कप्तान ने टीम के प्रदर्शन पर कहा, "हमारी बल्लेबाजी ठीक रही, लेकिन गेंदबाजी और फील्डिंग में हम सुधार कर सकते थे। पिछले मैच ने हमें सिखाया कि बड़े लक्ष्य का पीछा कैसे करना है, और आज वह सीख स्पष्ट थी। हम अभी भी निर्माण के चरण में हैं। टीम में कई युवा खिलाड़ी हैं, और अधिकांश अपने पहले वर्ल्ड कप में खेल रहे हैं। यह हमारे लिए भारत में पहला अनुभव है। मैं इसे बहाना नहीं बना रहा, लेकिन बल्लेबाजी में हमने पिछली बार की सीख को अच्छी तरह से लागू किया है।"

जिम्बाब्वे की टीम सुपर-8 के शुरुआती दोनों मैच हारी है और सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर है। यह टीम 1 मार्च को अपने अंतिम मैच में साउथ अफ्रीका से खेलेगी। आगामी मैच को लेकर कप्तान रजा ने कहा, "नतीजा अपने आप सामने आएगा, लेकिन मैं बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करता हूं, विशेषकर गेंदबाजी और फील्डिंग में। आशा है कि बल्लेबाजी का स्तर ऊपर ही रहेगा। यदि हम तीनों विभागों को एक साथ जोड़ पाते हैं, तो जीत की संभावना बढ़ जाती है। वर्ल्ड कप में शीर्ष टीमों के खिलाफ सभी तीन विभागों का मजबूत होना आवश्यक है। अगर एक भी कमजोर पड़ गया, तो मैच हाथ से निकल जाता है। उम्मीद है कि अंतिम मैच में हम हर चीज को मैदान पर झोंक देंगे और बेहतर तालमेल दिखाएंगे।"

संपादकीय दृष्टिकोण

विशेषकर गेंदबाजी और फील्डिंग में। युवा खिलाड़ियों का अनुभव भी टीम के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिकंदर रजा ने भारत के खिलाफ हार के बाद क्या कहा?
सिकंदर रजा ने कहा कि उनकी टीम ने अपनी रक्षात्मक योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू नहीं किया और गेंदबाजी में एकरूपता की कमी रही।
जिम्बाब्वे का अगला मैच कब है?
जिम्बाब्वे का अगला मैच 1 मार्च को साउथ अफ्रीका के खिलाफ है।
भारत के खिलाफ जिम्बाब्वे ने कितने रन बनाए?
जिम्बाब्वे ने 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 184 रन बनाए।
क्या जिम्बाब्वे सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर है?
हां, जिम्बाब्वे सुपर-8 के दोनों मैच हारने के बाद सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया है।
सिकंदर रजा ने टीम के सुधार के लिए क्या कहा?
उन्होंने गेंदबाजी और फील्डिंग में सुधार की आवश्यकता जताई और उम्मीद व्यक्त की कि बल्लेबाजी का स्तर ऊंचा रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 20 घंटे पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले