क्या केएससीए चुनाव स्थगित करने से क्रिकेट में राजनीति बढ़ेगी?

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क्या केएससीए चुनाव स्थगित करने से क्रिकेट में राजनीति बढ़ेगी?

सारांश

कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ ने उम्मीदवारों की पात्रता को लेकर चुनाव स्थगित कर दिए हैं। वेंकटेश प्रसाद ने इस पर चिंता जताई है कि क्रिकेट में राजनीति का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। क्या यह भविष्य में और समस्याएँ खड़ी करेगा?

मुख्य बातें

केएससीए ने चुनाव स्थगित किए हैं।
उम्मीदवारों की पात्रता पर असमंजस है।
वेंकटेश प्रसाद ने राजनीति का विरोध किया है।
चुनाव अब ३० दिसंबर को होंगे।
क्रिकेट की वापसी के लिए चुनाव जरूरी हैं।

कर्नाटक, १७ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) ने उम्मीदवारों की पात्रता को लेकर उत्पन्न असमंजस के कारण चुनावों को स्थगित कर दिया है। पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि इसमें राजनीति का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

केएससीए ने उम्मीदवारों की पात्रता को लेकर विवाद के बाद अपने आगामी पदाधिकारियों के चुनाव स्थगित कर दिए हैं। पहले ये चुनाव ३० नवंबर को होने थे, लेकिन अब यह ३० दिसंबर को होंगे। संघ में प्रमुख पदों के लिए कौन पात्र होगा, इस बारे में असमंजस के चलते यह देरी हुई।

वेंकटेश प्रसाद ने सोमवार को पत्रकारों से कहा, "हमें यह जानकर आश्चर्य हुआ है कि चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं। अगला चुनाव शायद ३० दिसंबर से पहले हो सकता है या इसकी तारीख आगे भी बढ़ाई जा सकती है। यह बाद में स्थगित भी हो सकता है। हमें इसके बारे में ज्यादा यकीन नहीं है।"

उन्होंने कहा, "हम यहाँ राजनीति करने नहीं आए हैं। हम यहाँ सिर्फ चिन्नास्वामी स्टेडियम में क्रिकेट की वापसी के लिए हैं। हमारा उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच और आईपीएल मैच वापस चिन्नास्वामी स्टेडियम में आयोजित करवाना है। हमें यह भी जानकारी मिली है कि बेंगलुरु की फ्रेंचाइजी शायद कुछ मैच बेंगलुरु के बाहर भी खेल सकती है। यदि क्रिकेट मुकाबलों की वापसी करानी है, तो हमें ये चुनाव कराने होंगे, जो कि सामान्य बात है। पहले ही ये दो महीनों से ज्यादा टल चुके हैं। पहले ये ३० सितंबर को होने वाले थे। इसके बाद फैसला सुनाया गया कि ये ३० नवंबर को होंगे, लेकिन अब भी इसे टाल दिया गया है। यह जानकर बहुत हैरानी होती है।"

पूर्व क्रिकेटर ने कहा, "केएससीए का नेतृत्व हमेशा एक क्रिकेटर ने किया है। रोजर बिन्नी, अनिल कुंबले, राम प्रसाद, अशोक आनंद और रघुराम भट्ट ने अध्यक्ष के रूप में केएससीए का नेतृत्व किया है, लेकिन अब मुझे लगता है कि एक गैर-क्रिकेटर को एक क्रिकेटर के खिलाफ मैदान में उतारने से यह विरासत खतरे में है।"

चुनाव स्थगित होने के बाद केएससीए सदस्य विनय मृत्युंजय ने कहा, "हमें कोई उचित कारण नहीं बताया गया, सिवाय इसके कि कुछ सदस्य असमंजस में हैं। मैं यह नहीं कह सकता कि कोई साजिश है या कुछ और, लेकिन इसका पता लगाना जरूरी है। हम क्रिकेट का भविष्य चाहते हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि क्रिकेट का भविष्य केवल चुनावों पर निर्भर नहीं करता, बल्कि संगठन के भीतर की राजनीति और उसके लक्ष्यों पर भी निर्भर करता है। केएससीए को चाहिए कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लें ताकि खिलाड़ियों और प्रशंसकों का विश्वास बना रहे।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केएससीए ने चुनाव क्यों स्थगित किए?
उम्मीदवारों की पात्रता को लेकर असमंजस के चलते चुनाव स्थगित किए गए हैं।
वेंकटेश प्रसाद ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए और क्रिकेट की वापसी के लिए चुनाव जरूरी हैं।
नए चुनाव की तारीख कब है?
अब नए चुनाव ३० दिसंबर को होंगे।
इस निर्णय का क्रिकेट पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
यह निर्णय क्रिकेट के भविष्य और प्रशंसकों के विश्वास को प्रभावित कर सकता है।
केएससीए का नेतृत्व किसके पास रहा है?
केएससीए का नेतृत्व हमेशा पूर्व क्रिकेटरों ने किया है।
राष्ट्र प्रेस
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