क्या हर खेल में टूर्नामेंट की संख्या बढ़नी चाहिए? : द ग्रेट खली
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ग्वालियर, 6 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व डब्ल्यूडब्ल्यूई पहलवान और प्रो पंजा लीग की टीम 'शेर-ए-लुधियाना' के एंबेसडर 'द ग्रेट खली' ने हर खेल में टूर्नामेंट की संख्या को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2036 ओलंपिक की मेज़बानी के लिए भारत का रास्ता देश के जमीनी स्तर से शुरू होता है।
राष्ट्र प्रेस के साथ विशेष बातचीत में द ग्रेट खली ने भारत के 2036 ओलंपिक की संभावित मेज़बानी और प्रो पंजा लीग पर अपने विचार साझा किए।
खली ने कहा, "जमीनी स्तर पर ज्यादा से ज्यादा टूर्नामेंट आयोजित होने चाहिए। कम उम्र से ही कड़ी मेहनत और अभ्यास की आवश्यकता है। हमारे पास प्रतिभाओं का विशाल भंडार है, जो ज्यादा प्रतिस्पर्धा के साथ निखरेगा और समृद्ध होगा। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे मानसिक रूप से मजबूत बनेंगे। इससे भारत को और पदक जीतने और जीतने की मानसिकता विकसित करने में सहायता मिलेगी।"
प्रो पंजा लीग में मुंबई मसल, जयपुर वीर्स, किराक हैदराबाद, शेर-ए-लुधियाना, रोहतक राउडीज, और एमपी हाथोदास सहित छह टीमें प्रतिष्ठित खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी।
पहले दिन के मुख्य-कार्ड मुकाबलों में, मुंबई मसल ने एमपी हाथोदास को हराया जबकि किराक हैदराबाद ने लुधियाना स्थित फ्रैंचाइजी को मात दी।
खली की टीम को पहले दिन हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन वे मानते हैं कि उनकी टीम में अगले संस्करण को जीतने की क्षमता है।
उन्होंने आगे कहा, "यह तो बस शुरुआत है, लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि मेरी टीम जीतेगी। हम कभी उम्मीद नहीं छोड़ेंगे, बस देखते रहिए। आप उनकी मजबूती का अंदाजा उनके बाइसेप्स देखकर ही लगा सकते हैं, हर किसी के बाइसेप्स 20 इंच से ज्यादा बड़े हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि शेर-ए-लुधियाना जीतेगा।"