BWF विश्व चैंपियनशिप 2026: लक्ष्य सेन ने 16-21, 21-8, 21-4 से दर्ज की वापसी वाली जीत
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शटलर लक्ष्य सेन ने BWF विश्व चैंपियनशिप 2026 में 18 अगस्त, मंगलवार को जीत के साथ अपने अभियान का आगाज़ किया। राउंड ऑफ 64 में उन्होंने ऑस्ट्रिया के कॉलिन्स फिलिमोन को 16-21, 21-8, 21-4 के स्कोर से मात दी — पहला सेट गँवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए।
पहले सेट में क्या गलत हुआ
मैच के बाद पत्रकारों से बातचीत में लक्ष्य सेन ने स्वीकार किया कि पहले सेट में उनकी रणनीति प्रतिद्वंद्वी की ताकत के अनुकूल नहीं थी। फिलिमोन लंबे कद के खिलाड़ी हैं और फ्लैट एक्सचेंज में बेहद सहज — ठीक वही परिस्थितियाँ जो सेन ने अनजाने में उन्हें दे दीं।
सेन ने कहा, 'मैं पहले सेट में बहुत छोटे ड्राइव खेल रहा था और जब मैं ड्राइव के लिए जा रहा था, तो वह लंबा था और उन शॉट्स को बहुत आसानी से खेल रहे थे। मैं उन शॉट्स को खेलने में फंस रहा था।'
रणनीति में बदलाव और वापसी
दूसरे सेट की शुरुआत से पहले सेन ने अपना गेम प्लान पूरी तरह बदला। उन्होंने फ्लैट ड्राइव की जगह लिफ्ट और लंबी रैलियों को प्राथमिकता दी, जिससे फिलिमोन की लंबाई का फायदा निष्प्रभावी हो गया।
सेन ने बताया, 'दूसरे सेट में, मैंने खेल को थोड़ा और खोलने की कोशिश की। मैंने कुछ लिफ्ट और रैलियां कीं, और फिर मैं अपने शॉट्स खुलकर खेल पाया। मैंने दूसरे और तीसरे सेट में कुछ चीजें बदलीं, इसलिए नतीजे अलग रहे।' इस बदलाव का असर तुरंत दिखा — दूसरा सेट 21-8 से और तीसरा सेट महज 14 मिनट में 21-4 से जीता।
कोर्ट की हवा का असर
सेन ने यह भी खुलासा किया कि मैच की शुरुआत में वे कोर्ट की उस तरफ खेल रहे थे जहाँ हवा का बहाव (ड्रिफ्ट) तेज़ था। इससे शटल को नियंत्रित करना, विशेषकर लिफ्ट के दौरान, काफी कठिन हो रहा था।
उन्होंने कहा, 'मैंने हवा वाली तरफ से खेलना शुरू किया, इसलिए लिफ्ट पर शटल को कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था और मेरी कई लिफ्ट काफी छोटी रह जा रही थीं। फिर दूसरे सेट में, मुझे पता था कि मैं बेहतर तरफ खेल रहा हूं, इसलिए मैं खुलकर अपना गेम खेल सका।'
कोचिंग स्टाफ की भूमिका
भारतीय शटलर ने मैच के दौरान कोचिंग स्टाफ से मिले निर्देशों का भी उल्लेख किया। सेन ने बताया, 'हमारी ज़्यादातर बातचीत ड्रिफ्ट और कुछ ज़रूरी बातों के बारे में थी। वे मुझे बस थोड़ा ऊँचा लिफ्ट करने और फ्लैट ड्राइव से बचने के लिए कह रहे थे, क्योंकि वह लंबे हैं और आसानी से पूरे कोर्ट को कवर कर लेते हैं।'
टूर्नामेंट में आगे बढ़ते हुए लक्ष्य सेन का अगला मुकाबला राउंड ऑफ 32 में होगा, जहाँ उनकी रणनीतिक परिपक्वता की असली परीक्षा होगी।