लाला अमरनाथ: भारत का पहला टेस्ट शतक और पहली सीरीज जीत दिलाने वाले महान क्रिकेटर
सारांश
मुख्य बातें
लाला अमरनाथ — वह नाम जिसने भारतीय क्रिकेट की नींव रखी — का जन्म 11 सितंबर 1911 को कपूरथला, पंजाब में हुआ था। दाएं हाथ के बल्लेबाज, दाएं हाथ के तेज गेंदबाज और विकेटकीपर के रूप में उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा से भारतीय क्रिकेट को एक नई पहचान दी। उनकी पुण्यतिथि पर राष्ट्र प्रेस उनके ऐतिहासिक योगदान को स्मरण करता है।
अंतरराष्ट्रीय करियर का सफर
मात्र 22 वर्ष की आयु में लाला अमरनाथ ने 1933 में इंग्लैंड के विरुद्ध अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत की। उन्होंने 1952 तक भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया और इसी वर्ष पाकिस्तान के खिलाफ अपना अंतिम टेस्ट मैच खेला। 19 वर्षों के लंबे करियर में उन्होंने 24 टेस्ट मैचों की 40 पारियों में 878 रन बनाए, जिसमें 1 शतक और 4 अर्धशतक शामिल थे। उनका सर्वोच्च स्कोर 118 रन रहा। गेंदबाजी में उन्होंने 45 विकेट चटकाए और एक पारी में 5 विकेट लेने की उपलब्धि दो बार हासिल की।
ऐतिहासिक उपलब्धियाँ
17 दिसंबर 1933 को इंग्लैंड के खिलाफ लाला अमरनाथ ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भी भारतीय बल्लेबाज का पहला टेस्ट शतक जड़ा — यह भारतीय क्रिकेट इतिहास का एक स्वर्णिम क्षण था। गौरतलब है कि वह आजाद भारत में भारतीय क्रिकेट टीम के पहले कप्तान भी बने। उनकी अगुवाई में भारत ने अपनी पहली टेस्ट सीरीज जीती — 1952 में पाकिस्तान के विरुद्ध 5 मैचों की सीरीज को 2-1 से अपने नाम किया। यह जीत भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुई।
प्रशासनिक भूमिका
खिलाड़ी जीवन से संन्यास लेने के बाद भी लाला अमरनाथ का क्रिकेट से नाता नहीं टूटा। 1954-55 में जब भारतीय टीम पाकिस्तान दौरे पर गई, तब वह उस टीम के मैनेजर के रूप में साथ रहे। यह ऐसे समय में आया जब भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंध अभी अपनी शैशव अवस्था में थे।
क्रिकेट परिवार की विरासत
लाला अमरनाथ की क्रिकेट विरासत उनके पुत्रों में जीवित रही। उनके बेटे सुरिंद्र अमरनाथ ने भारत के लिए 10 टेस्ट और 3 वनडे मैच खेले, जबकि मोहिंदर अमरनाथ ने 69 टेस्ट और 85 वनडे में देश का प्रतिनिधित्व किया। मोहिंदर अमरनाथ ने 1983 के विश्व कप में भारत की ऐतिहासिक जीत में निर्णायक भूमिका निभाई। तीसरे पुत्र राजिंद्र अमरनाथ ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेला। यह परिवार भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे प्रतिष्ठित क्रिकेट परिवारों में गिना जाता है।
विरासत और निधन
लाला अमरनाथ ने युवा पीढ़ी में क्रिकेट के प्रति जो उत्साह जगाया, उसने हॉकी और अन्य परंपरागत खेलों की तुलना में क्रिकेट को देश का सर्वाधिक लोकप्रिय खेल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 5 अगस्त 2000 को 88 वर्ष की आयु में नई दिल्ली में उनका निधन हो गया। भारतीय क्रिकेट का यह पितामह आज भी अपने रिकॉर्ड और विरासत के जरिए जीवित है।