मदान लाल: भारतीय क्रिकेट के महान ऑलराउंडर, जिनके नाम है विश्व कप की पहली गेंद

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मदान लाल: भारतीय क्रिकेट के महान ऑलराउंडर, जिनके नाम है विश्व कप की पहली गेंद

सारांश

मदान लाल, 1983 विश्व कप जीत के नायक और क्रिकेट इतिहास में पहली गेंद फेंकने वाले, भारतीय क्रिकेट में एक महत्वपूर्ण नाम हैं। जानें उनके करियर के अनकहे किस्से और उपलब्धियाँ।

मुख्य बातें

मदान लाल का करियर भारतीय क्रिकेट में महत्वपूर्ण रहा है।
उन्होंने 1983 में विश्व कप जीत में मुख्य भूमिका निभाई।
उनके नाम क्रिकेट विश्व कप की पहली गेंद फेंकने का रिकॉर्ड है।
मदान लाल ने 232 फर्स्ट क्लास मैचों में 625 विकेट लिए।
रिटायरमेंट के बाद भी उन्होंने क्रिकेट के प्रति अपना योगदान जारी रखा।

नई दिल्ली, १९ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत के पूर्व ऑलराउंडर मदान लाल ने १९७०–८० के दशक में भारतीय क्रिकेट टीम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एक मध्यम गति के गेंदबाज और प्रभावशाली बल्लेबाज के रूप में, मदान लाल का योगदान १९८३ में विश्व कप की जीत में अविस्मरणीय रहा। उन्होंने फाइनल में १२ ओवर में केवल ३१ रन देकर ३ विकेट लिए थे। इसके अलावा, उनके नाम क्रिकेट विश्व कप इतिहास की पहली गेंद फेंकने का गौरव भी है।

२० मार्च १९५१ को अमृतसर में जन्मे मदान लाल ने घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम में अपनी जगह बनाई। जून १९७४ में उन्हें भारतीय टीम में शामिल किया गया।

मदान लाल ने १९७४ में ३ टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने ७ विकेट लिए। अगले वर्ष उन्हें केवल १ मैच खेलने का अवसर मिला। १९७६ और १९७७ में, मदान लाल ने कुल १२ टेस्ट खेले, जिसमें २२ विकेट लिए, लेकिन इसके बाद उन्हें लंबे समय तक टीम से बाहर रहना पड़ा।

१९८१ में मदान लाल ने भारतीय टेस्ट टीम में वापसी की। उस वर्ष, उन्होंने ३ मैचों में १६.३३ की औसत से १२ विकेट प्राप्त किए। १९८२-१९८६ के बीच २० टेस्ट में, उन्होंने कुल ३० विकेट अपने नाम किए। सितंबर १९८३ में, मदान लाल ने पाकिस्तान के खिलाफ ७४ रन की पारी खेलकर टीम इंडिया को मुश्किल परिस्थितियों से निकालने में मदद की थी। टेस्ट फॉर्मेट में, उन्होंने ३९ मुकाबलों में ७१ विकेट लिए और १,०४२ रन बनाए।

वनडे फॉर्मेट में मदान लाल के रिकॉर्ड पर गौर करें, तो उन्होंने ६७ मैचों में २९.२७ की औसत से ७३ विकेट लिए। १९८३ में, उन्होंने १७ मैचों में २५ विकेट अपने नाम किए। इस फॉर्मेट में उनके नाम ४०१ रन भी दर्ज हैं। वनडे विश्व कप की शुरुआत १९७५ में हुई थी, और मदान लाल विश्व कप इतिहास की पहली गेंद फेंकने वाले खिलाड़ी हैं।

इस ऐतिहासिक मैच में, मदान लाल ने १२ ओवर में ६४ रन देकर १ विकेट लिया। इंग्लैंड ने ६० ओवर में ४ विकेट खोकर ३३४ रन बनाए। जवाब में, टीम इंडिया ने निर्धारित ओवरों में ३ विकेट खोकर सिर्फ १३२ रन बनाए। इंग्लैंड ने यह मैच २०२ रन से जीत लिया।

अपने करियर में, मदान लाल ने २३२ फर्स्ट क्लास मैच खेले, जिसमें २५.५० की औसत से ६२५ विकेट लिए। उन्होंने २२ शतक और ५० अर्धशतक के साथ १०,२०४ रन बनाए। इसके अलावा, १११ लिस्ट-ए मैचों में उन्होंने ११९ विकेट के साथ १,१७१ रन बनाए। रणजी ट्रॉफी में, मदान लाल ने ५२७० रन बनाए और ३५१ विकेट लिए।

रिटायरमेंट के बाद, मदान लाल भारत की ए टीम के कोच रहे। इसके बाद, उन्होंने सीनियर टीम के कोच और फिर राष्ट्रीय चयनकर्ता बनकर इस खेल में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

विशेषकर 1983 के विश्व कप में। उनके अनुभव और कौशल ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मदान लाल ने कब क्रिकेट में अपना करियर शुरू किया?
मदान लाल ने जून 1974 में भारतीय क्रिकेट टीम में अपनी शुरुआत की।
मदान लाल के वनडे में कितने विकेट हैं?
मदान लाल ने वनडे फॉर्मेट में 73 विकेट लिए हैं।
कौन सा मैच मदान लाल ने विश्व कप में पहली गेंद फेंकी थी?
मदान लाल ने 1975 में विश्व कप के पहले मैच में पहली गेंद फेंकी थी।
मदान लाल ने कितने टेस्ट मैच खेले?
मदान लाल ने कुल 39 टेस्ट मैच खेले।
मदान लाल का जन्म कब हुआ?
मदान लाल का जन्म 20 मार्च 1951 को हुआ था।
राष्ट्र प्रेस
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