लैथम-कोनवे की 317 रन की ओपनिंग साझेदारी, फिर भी न्यूजीलैंड 438 पर ढेर; स्टोक्स ने लिए 4 विकेट
सारांश
मुख्य बातें
ट्रेंट ब्रिज में खेले जा रहे इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड सीरीज के तीसरे और निर्णायक टेस्ट के दूसरे दिन (27 जून 2025) न्यूजीलैंड की पहली पारी शुक्रवार को दूसरे सत्र में 438 रन पर सिमट गई। टॉम लैथम और डेवोन कोनवे ने पहले विकेट के लिए 317 रन की ऐतिहासिक साझेदारी कर टीम को मज़बूत आधार दिया, लेकिन बाद के बल्लेबाज़ इस नींव का फायदा नहीं उठा सके। इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स पारी के सबसे सफल गेंदबाज़ रहे।
मुख्य घटनाक्रम
न्यूजीलैंड के कप्तान टॉम लैथम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फैसला किया। पहला दिन पूरी तरह कीवी टीम के पक्ष में रहा, जब लैथम और कोनवे ने बिना किसी विकेट के बड़ी साझेदारी शुरू की। लैथम ने 214 गेंदों पर 15 चौकों की मदद से 151 रन बनाए, जबकि कोनवे ने 224 गेंदों पर 22 चौके और 3 छक्के लगाते हुए 157 रन की पारी खेली। दोनों ने पहले विकेट के लिए 317 रन की साझेदारी की, जो इस सीरीज की सबसे बड़ी ओपनिंग जोड़ी रही।
मध्यक्रम की विफलता
पहला विकेट गिरते ही कीवी मध्यक्रम बिखर गया। जो टीम 550-600 रन तक जाती दिख रही थी, वह केवल 438 पर ऑल आउट हो गई। पहले विकेट के बाद शेष 9 विकेट मात्र 121 रन जोड़कर गिरे। हेनरी निकोलस (36) और विकेटकीपर टॉम ब्लंडेल (30) ही कुछ देर तक इंग्लैंड के गेंदबाज़ों का सामना कर सके। न्यूजीलैंड का मध्यक्रम और निचला क्रम इस बड़े मंच पर एक बार फिर दबाव में ढह गया।
इंग्लैंड के गेंदबाज़ों का प्रदर्शन
इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने 21 ओवर में 70 रन देकर 4 विकेट लिए और पारी के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ रहे। शोएब बशीर और जोफ्रा आर्चर ने 2-2 विकेट हासिल किए। गस एटकिंसन और जो रूट को 1-1 विकेट मिला। स्टोक्स की कप्तानी गेंदबाज़ी ने पारी का रुख पलटने में अहम भूमिका निभाई।
सीरीज का समीकरण
यह तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का निर्णायक मुकाबला है। पहला टेस्ट इंग्लैंड ने जीतकर 1-0 की बढ़त बनाई थी, जबकि दूसरा टेस्ट न्यूजीलैंड ने जीतकर सीरीज 1-1 से बराबर की। अब निर्णायक तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड को पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा करना होगा, वहीं न्यूजीलैंड की कोशिश होगी कि इंग्लैंड को कम से कम स्कोर पर रोका जाए।
क्या होगा आगे
न्यूजीलैंड के 438 रन के जवाब में इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी टीम के भविष्य का फैसला करेगी। गौरतलब है कि ट्रेंट ब्रिज की पिच आमतौर पर पहले दो दिन बल्लेबाज़ों के अनुकूल रहती है और बाद में गेंदबाज़ों को मदद मिलने लगती है। इंग्लैंड के लिए यह मैच सीरीज जीतने का आखिरी मौका है।