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महिला आरक्षण बिल के लिए नई पहल का स्वागत करती हैं अंजू बॉबी जॉर्ज

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महिला आरक्षण बिल के लिए नई पहल का स्वागत करती हैं अंजू बॉबी जॉर्ज

सारांश

महिला आरक्षण बिल पर अंजू बॉबी जॉर्ज की सकारात्मक टिप्पणी से राजनीतिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बल मिलता है। यह कदम न केवल सशक्तीकरण का प्रतीक है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के प्रभाव को भी उजागर करता है।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना है।
अंजू बॉबी जॉर्ज ने इस पहल को महत्वपूर्ण माना है।
यह कदम महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
प्रतिनिधित्व से नीति-निर्माण में महिलाओं की भूमिका बढ़ेगी।
सरकार राजनीतिक सहमति के लिए प्रयासरत है।

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व लंबी कूद खिलाड़ी और भारतीय एथलेटिक्स महासंघ की वरिष्ठ उपाध्यक्ष अंजू बॉबी जॉर्ज ने महिला आरक्षण बिल के लिए हो रही नई पहल का स्वागत किया है। उन्होंने इसे नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी को सुदृढ़ करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इसके साथ ही, खेल क्षेत्र में इसके संभावित लाभों पर भी चर्चा की।

अंजू बॉबी की यह टिप्पणी उस समय आई है जब केंद्र सरकार ने संसद के मौजूदा बजट सत्र को आगे बढ़ाने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य 2029 के आम चुनावों के लिए लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया को तेज करना है।

इस पर चर्चा करते हुए अंजू ने कहा कि यह कदम महिला सशक्तीकरण और नेतृत्व में उनकी भूमिका को लेकर चल रही चर्चाओं के अनुरूप है।

अंजू बॉबी जॉर्ज ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "यह एक अच्छी बात है कि अब महिलाओं को आरक्षण मिल रहा है। हम हमेशा महिला सशक्तीकरण की बात करते हैं, लेकिन यह सुखद है कि राजनीति में भी महिलाओं को स्वीकार किया जा रहा है। कम से कम 33 प्रतिशत तो निश्चित रूप से।"

उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न क्षेत्रों से अधिक लोगों का आना नीति-निर्माताओं और जमीनी स्तर पर काम करने वालों के बीच की दूरी को कम कर सकता है। उचित प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि विधायी निकायों में महिलाओं की मजबूत उपस्थिति यह सुनिश्चित करेगी कि उनकी चिंताओं को प्रभावी ढंग से सुना जाए।

अंजू ने कहा, "यदि कोई खेल क्षेत्र से आकर हमारा प्रतिनिधित्व करता है, तो हमारे लिए अधिकारियों से संपर्क करना आसान हो जाता है और वे खेल के लिए भी कुछ सकारात्मक कर सकते हैं। वे नीति-निर्माता होते हैं। इसलिए, यदि हमारा प्रतिनिधित्व उचित संख्या में होगा, तो हमारी आवाज भी सुनी जाएगी।"

केंद्र सरकार के प्रस्ताव में संसद और विधानसभाओं में सीटों की कुल संख्या बढ़ाने के तरीकों पर विचार करना शामिल है, ताकि मौजूदा प्रतिनिधित्व पर कोई प्रभाव डाले बिना आरक्षण लागू किया जा सके। इसमें सीटों के परिसीमन से जुड़ी चिंताओं को दूर करने का भी प्रयास है।

सितंबर 2023 में पारित महिला आरक्षण बिल को पहले जनगणना और सीटों के परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ा गया था। इस नए कदम का उद्देश्य बिल को लागू करने की समय-सीमा को तेज करना है, जिसके लिए सरकार राजनीतिक दलों के बीच आम सहमति बनाने की कोशिश कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नीति-निर्माण में उनकी भागीदारी को भी बढ़ावा देता है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण बिल क्या है?
महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना है।
अंजू बॉबी जॉर्ज कौन हैं?
अंजू बॉबी जॉर्ज एक पूर्व लंबी कूद खिलाड़ी हैं और भारतीय एथलेटिक्स महासंघ की वरिष्ठ उपाध्यक्ष हैं।
महिला आरक्षण का महत्व क्या है?
महिला आरक्षण का महत्व महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देना और उनकी चिंताओं को प्रभावी ढंग से सुनना है।
इस बिल का प्रभाव कब से लागू होगा?
यह बिल 2029 के आम चुनाव से पहले लागू होने की प्रक्रिया में है।
क्या यह बिल सभी राजनीतिक दलों के लिए सहमति से पास होगा?
सरकार राजनीतिक दलों के बीच आम सहमति बनाने का प्रयास कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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