क्या पाकिस्तान मूल के चार अमेरिकी क्रिकेटर्स को भारत आने का वीजा नहीं मिला?
सारांश
Key Takeaways
- पाकिस्तानी मूल के चार अमेरिकी खिलाड़ियों को वीजा नहीं मिला।
- टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन भारत और श्रीलंका द्वारा किया जाएगा।
- अली खान ने इस मुद्दे को लेकर चिंता जताई है।
- यह समस्या पहले भी कई खिलाड़ियों को प्रभावित कर चुकी है।
- इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने मदद का आश्वासन दिया है।
नई दिल्ली, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत से पहले अमेरिकी क्रिकेट टीम को एक बड़ा झटका लगा है। पाकिस्तानी मूल के चार खिलाड़ियों को भारत आने का वीजा नहीं मिला है, जिससे अब इन खिलाड़ियों के वर्ल्ड कप में खेलने पर संकट उत्पन्न हो गया है। मंगलवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।
भारत और श्रीलंका द्वारा सह-मेजबानी में 7 फरवरी से 8 मार्च के बीच पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन किया जाना है। एक खिलाड़ी ने 'टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट' से बातचीत में बताया कि उसे और तीन अन्य खिलाड़ियों को टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारत आने का वीजा नहीं प्राप्त हुआ है।
पेसर अली खान ने टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट को एक वीडियो संदेश में कहा, "हां, यह सच है कि तीन पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों को भारतीय वीजा नहीं मिला है, जिसका मतलब है कि हम टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।"
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि टी20 वर्ल्ड कप के लिए 20 सदस्यीय अमेरिका टीम में शामिल अन्य खिलाड़ी शायन जहांगीर, मोहम्मद मोहसिन और एहसान आदिल हैं। इन तीनों का जन्म पाकिस्तान में हुआ, लेकिन वे अब अमेरिकी नागरिक हैं। भारत के वीजा नियमों के अनुसार, पाकिस्तान में जन्मे व्यक्तियों को अपने जन्म के देश के पासपोर्ट का उपयोग करके वीजा के लिए आवेदन करना अनिवार्य है।
यह समस्या पहले भी पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों को परेशान कर चुकी है। पहले सिकंदर जुल्फिकार और साकिब जुल्फिकार को 2019 में वीजा देने से मना किया गया था। वहीं, सिराज अहमद को वर्ल्ड कप 2023 के लिए देर से वीजा मिला था। ऑस्ट्रेलियाई ओपनर उस्मान ख्वाजा (2017) और इंग्लैंड के स्पिनर रेहान अहमद और शोएब बशीर (2024) भी इस समस्या का सामना कर चुके हैं।
यूएसए के अलावा यूएई, ओमान, नेपाल, कनाडा, इंग्लैंड, जिम्बाब्वे और नीदरलैंड्स की टीमों में भी पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी शामिल हैं। ऐसे में इन देशों को भी टी20 विश्व कप 2026 से पहले समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के सूत्रों ने बताया है कि वे टीमों को वीजा दिलाने में सहायता कर रहे हैं, लेकिन इस नई समस्या ने उनके कार्य को और बढ़ा दिया है।