क्या मीराबाई चानू का राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतना वास्तव में यादगार रहा?

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क्या मीराबाई चानू का राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतना वास्तव में यादगार रहा?

सारांश

मीराबाई चानू ने राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर एक साल बाद शानदार वापसी की है। उन्होंने इसे अपने करियर का यादगार पल बताया है। जानिए चानू के इस सफर के बारे में और उनके आगामी लक्ष्यों के बारे में।

मुख्य बातें

मीराबाई चानू की वापसी ने सबको प्रेरित किया है।
उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया।
उनका अगला लक्ष्य विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतना है।
भारतीय टीम की तैयारी शानदार है।
महिला हॉकी में रानी रामपाल का योगदान महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 12 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। पेरिस ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहीं मीराबाई चानू ने राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप में महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर लगभग 1 साल बाद एक शानदार वापसी की है। उन्होंने इसे अपने करियर का एक यादगार पल बताया है।

मीराबाई चानू ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा, "यह मेरे लिए एक यादगार अवसर था क्योंकि इस प्रतियोगिता में मैंने इस वर्ग में भारत के लिए पहली बार पदक जीता। मैं बहुत खुश हूं। चैंपियनशिप में मुझे पदक जीते हुए काफी समय हो गया था। 48 किग्रा वर्ग में बदलाव के बाद यह मेरी पहली प्रतियोगिता थी।"

उन्होंने स्नैच में 84 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 109 किग्रा सहित कुल 193 किग्रा भार उठाकर पहला स्थान हासिल किया। नए भार वर्ग में फिट होने के लिए एक किग्रा वजन कम करने का उनका निर्णय काफी फायदेमंद साबित हुआ और अब उन्होंने 2026 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए क्वालीफाई कर लिया है।

उनका अगला लक्ष्य नॉर्वे के फोर्डे में 1 से 10 अक्टूबर तक होने वाली विश्व भारोत्तोलन चैंपियनशिप में भारत के लिए पदक जीतना है।

मीराबाई ने कहा, "पूरी भारतीय टीम बहुत अच्छी तैयारी कर रही है। हम सभी पदक जीतने की कोशिश करेंगे। प्रतियोगिता के दिन हमें पता चलेगा कि क्या होने वाला है, लेकिन भारतीय टीम इसके लिए बहुत अच्छी तैयारी कर रही है।"

ओलंपिक पर केंद्रित एक पैनल चर्चा में, भारत की पूर्व महिला हॉकी कप्तान रानी रामपाल ने टीम के सफर पर बात की। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में पदक गंवाने का दुख साझा किया और भविष्य में टीम के विकास के लिए आवश्यकताओं पर अपनी राय दी।

उन्होंने कहा, "मेरा सफर बहुत लंबा रहा है। कभी-कभी हम अपने पहले ओलंपिक को याद नहीं करना चाहते, लेकिन उस अनुभव ने हमें बहुत कुछ सिखाया। टोक्यो बिल्कुल अलग था, अपने पहले तीन मैच हारने के बाद, सभी ने हमसे उम्मीद खो दी थी। हमने खुद पर विश्वास बनाए रखा, अगले दो मैच जीते और फिर क्वार्टर फाइनल में तालिका में शीर्ष पर चल रही ऑस्ट्रेलिया को हराया। उस दिन पूरा देश हॉकी देख रहा था। यही असली बदलाव था।"

रानी रामपाल ने कहा, "सबसे अहम लगातार अच्छा प्रदर्शन है। महिला हॉकी में उतार-चढ़ाव आते रहे हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि टीम एशिया कप जीतेगी और विश्व कप के लिए क्वालीफाई करेगी।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीराबाई चानू ने कब स्वर्ण पदक जीता?
उन्होंने राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।
मीराबाई चानू का अगला लक्ष्य क्या है?
उनका अगला लक्ष्य नॉर्वे में होने वाली विश्व भारोत्तोलन चैंपियनशिप में भारत के लिए पदक जीतना है।
मीराबाई चानू ने कितनी भार उठाई?
उन्होंने स्नैच में 84 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 109 किग्रा सहित कुल 193 किग्रा भार उठाया।
क्या मीराबाई चानू ने नए भार वर्ग में क्वालीफाई किया?
हाँ, उन्होंने नए भार वर्ग में फिट होकर 2026 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए क्वालीफाई कर लिया है।
रानी रामपाल ने क्या कहा?
रानी रामपाल ने भारतीय महिला हॉकी टीम के सफर और भविष्य के विकास पर अपने विचार साझा किए।
राष्ट्र प्रेस
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