क्या मोहित ग्रेवाल ने स्विमिंग और जूडो छोड़कर पहलवानी में करियर बनाया?

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क्या मोहित ग्रेवाल ने स्विमिंग और जूडो छोड़कर पहलवानी में करियर बनाया?

सारांश

हरियाणा के मोहित ग्रेवाल ने स्विमिंग और जूडो को छोड़कर पहलवानी में कदम रखा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल की। जानिए उनकी प्रेरणादायक यात्रा और भविष्य की योजनाएं।

मुख्य बातें

मोहीत ग्रेवाल ने कुश्ती में उत्कृष्टता हासिल की है।
उन्होंने 2016 में वर्ल्ड स्कूल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता।
चोट के बावजूद, उन्होंने 2021 में रजत पदक जीता।
उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि 2022 में कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक है।
उनका अगला लक्ष्य ओलंपिक में पदक जीतना है।

नई दिल्ली, 19 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा कुश्ती का एक प्रमुख गढ़ है। इस राज्य ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में बेहतरीन पहलवानों को जन्म दिया है जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाया है। इन पहलवानों में से एक हैं मोहित ग्रेवाल

मोहित ग्रेवाल का जन्म 20 दिसंबर 1999 को हरियाणा के भिवानी जिले के बामला गांव में हुआ। भिवानी कुश्ती के लिए जाना जाता है और मोहित को यह कला अपने परिवार से विरासत में मिली है। उनके दादा और चाचा भी कुश्ती के क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुके हैं। बचपन में मोहित को स्विमिंग और जूडो में रुचि थी, और उन्होंने जूनियर स्तर पर इन खेलों में कई पदक भी जीते। लेकिन 2013 में, जब उनकी उम्र 14 वर्ष थी, उन्होंने स्थानीय अखाड़े में कुश्ती का प्रशिक्षण लेना शुरू किया। हरियाणा की वीरेंद्र नेशनल अकादमी में मोहित ने पहलवानी के विभिन्न पहलुओं को सीखा।

मोहित एक फ्रीस्टाइल पहलवान हैं। 2016 में तुर्की में आयोजित वर्ल्ड स्कूल चैंपियनशिप में उन्होंने पहला अंतरराष्ट्रीय गोल्ड मेडल जीता। 2018 में उन्होंने जूनियर एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। मोहित ने तेजी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई, लेकिन एक दुर्घटना ने उनकी प्रगति को कुछ समय के लिए रोक दिया। घुटने में चोट के कारण, वे 2019-2020 में कोई भी टूर्नामेंट नहीं खेल सके।

घुटने की चोट के बाद मोहित ने कुश्ती में शानदार वापसी की और 2021 में सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में रजत पदक जीता। जून 2022 में कजाकिस्तान के अल्माटी में सीनियर अंतरराष्ट्रीय डेब्यू टूर्नामेंट में कांस्य पदक अपने नाम किया। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि 2022 में बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में मिली, जहां पुरुषों की 125 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती में उन्होंने कांस्य पदक जीता। क्वार्टरफाइनल में उन्होंने साइप्रस के एलेक्सियोस कौसलीडिस को 10-1 से हराया। सेमीफाइनल में कनाडा के अमरवीर ढेसी से हार गईं। ब्रॉन्ज मेडल मैच में जमैका के आरोन जॉनसन को उन्होंने मात्र 3 मिनट 30 सेकंड में हराया।

26 वर्षीय मोहित का अगला लक्ष्य एशियन गेम्स और ओलंपिक में पदक जीतना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भारतीय कुश्ती के लिए भी एक नई दिशा दे रही है।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहित ग्रेवाल का जन्म कब हुआ?
मोहित ग्रेवाल का जन्म 20 दिसंबर 1999 को हुआ।
मोहित ग्रेवाल ने कुश्ती कब शुरू की?
उन्होंने 2013 में स्थानीय अखाड़े में कुश्ती का प्रशिक्षण लेना शुरू किया।
उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है?
उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीतना है।
मोहित ग्रेवाल का अगला लक्ष्य क्या है?
उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स और ओलंपिक में पदक जीतना है।
मोहित ने किस खेल में अपने करियर की शुरुआत की?
उन्होंने स्विमिंग और जूडो में अपने करियर की शुरुआत की थी।
राष्ट्र प्रेस
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