मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट क्लब की नई जर्सी का अनावरण किया
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जर्सी का अनावरण किया।
- शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट क्लब स्थानीय युवाओं को प्रेरित करता है।
- जम्मू-कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी जीती।
- आकिब नबी डार का प्रदर्शन सराहनीय रहा।
- सरकार खेलों के प्रति प्रतिबद्ध है।
जम्मू, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट क्लब (एससीसी) की नई जर्सी का अनावरण किया। इस महत्वपूर्ण समारोह में कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा और मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर सोगामी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने क्रिकेट को प्रोत्साहित करने में एससीसी के योगदान की सराहना की।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बताया, "मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को जम्मू में 'शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट क्लब' (एससीसी) की जर्सी का अनावरण किया और क्लब की क्रिकेट को बढ़ावा देने में भूमिका को सराहा। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में खेलों को समर्थन देने और युवा प्रतिभाओं को विकसित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।" इस अवसर पर सतीश शर्मा और नासिर सोगामी भी मौजूद थे।
शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट क्लब जम्मू-कश्मीर का एक प्रमुख स्थानीय क्रिकेट क्लब है, जो युवाओं को खेल में रुचि रखने के लिए प्रेरित करता है।
जम्मू-कश्मीर के पहली बार रणजी चैंपियन बनने के बाद से राज्य में क्रिकेट को विशेष महत्व दिया जा रहा है। सरकार ने खिलाड़ियों को सभी प्रकार की सुविधाएं और समर्थन प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। पारस डोगरा की कप्तानी में जम्मू-कश्मीर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 67 वर्षों का सूखा खत्म करते हुए पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता। टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए कर्नाटक के खिलाफ खिताबी मुकाबला ड्रॉ खेलकर ट्रॉफी अपने नाम की। फाइनल में जम्मू-कश्मीर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 584 रन बनाए, जबकि कर्नाटक की टीम 293 रन पर सिमट गई। दूसरी पारी में जम्मू-कश्मीर ने 4 विकेट खोकर 342 रन बनाए और पहली पारी में मिली बढ़त के दम पर विजेता बनी।
जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी डार का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में अद्भुत रहा। आकिब ने 10 मुकाबलों में 12.57 की औसत से गेंदबाजी करते हुए कुल 60 विकेट चटकाए। पूरे सीजन में उन्होंने 7 बार एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा किया। वहीं, बल्ले से कप्तान पारस ने 10 मुकाबलों में 42.47 की औसत से 637 रन बनाकर शानदार प्रदर्शन किया। शुभम पुंडीर और साहिल लोत्रा ने भी टीम को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।