क्या कप्तान सूर्यकुमार यादव पर होगी निगाह, न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका रिकॉर्ड क्या है?
सारांश
Key Takeaways
- सूर्यकुमार यादव की फॉर्म में गिरावट चिंता का विषय है।
- न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है।
- टी20 विश्व कप 2026 के लिए यह सीरीज महत्वपूर्ण है।
- भारतीय टीम को जीत के लिए सूर्यकुमार की बैटिंग पर निर्भर रहना होगा।
- सूर्यकुमार को फॉर्म में लौटने की आवश्यकता है।
नागपुर, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 टी20 मैचों की श्रृंखला का पहला मुकाबला बुधवार को नागपुर में आयोजित किया जाएगा। जहाँ एक ओर न्यूजीलैंड अपनी वनडे सीरीज जीतने के बाद आत्मविश्वास से भरी हुई होगी, वहीं भारतीय टीम इस मैच को जीतकर सीरीज में बढ़त बनाने की कोशिश करेगी। इस मैच में भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव के बल्लेबाजी प्रदर्शन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया का टी20 फॉर्मेट में प्रदर्शन शानदार रहा है, लेकिन एक बल्लेबाज के रूप में उनकी फॉर्म में निरंतर गिरावट आई है। पिछले 25 पारियों में उन्होंने एक भी अर्धशतक नहीं बनाया है।
वर्ष 2025 में, सूर्यकुमार यादव ने 22 टी20 मैचों में भाग लिया, जिसमें उन्होंने केवल 14 की औसत से रन बनाए, बिना किसी अर्धशतक के। उनकी यह निरंतर असफलता टीम की चिंताओं को बढ़ा रही है। टीम का शीर्ष क्रम कमजोर हो रहा है, जिससे अन्य बल्लेबाजों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
सूर्यकुमार यादव ने अनेक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बताया है कि वह फॉर्म से नहीं, बल्कि रनों से दूर हैं। न्यूजीलैंड सीरीज उनके लिए फॉर्म में वापसी करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। यदि वे अगले 5 टी20 मैचों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो भारत की जीत की संभावनाएँ बढ़ेंगी और विश्व कप की तैयारी को भी मजबूती मिलेगी।
न्यूजीलैंड के खिलाफ सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है। 2021 से 2023 के बीच इस टीम के खिलाफ उन्होंने 8 टी20 मैचों में 47.33 की औसत और 153.51 की स्ट्राइक रेट से 284 रन बनाए हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 111 रन रहा है।
यदि हम उनके टी20 करियर पर नजर डालें, तो उन्होंने 99 टी20 मैचों की 93 पारियों में 4 शतक और 21 अर्धशतक की मदद से 2,788 रन बनाए हैं।
न्यूजीलैंड श्रृंखला और टी20 विश्व कप 2026 सूर्यकुमार यादव के करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। बेहतर प्रदर्शन उनके भविष्य को सुरक्षित करेगा, जबकि निरंतर असफलता जारी रहने पर विश्व कप के बाद उनकी टीम में जगह बनाना मुश्किल हो जाएगा।