क्या बीसीबी देश में क्रिकेट की स्थिरता सुनिश्चित कर सकता है: नजमुल हुसैन शांतो?
सारांश
Key Takeaways
- क्रिकेट की निरंतरता और स्थिरता के लिए शांतो की अपील महत्वपूर्ण है।
- बीसीबी को सुव्यवस्थित घरेलू प्रतियोगिता का आयोजन करना चाहिए।
- प्रशासनिक टकराव से बांग्लादेश क्रिकेट को नुकसान हो सकता है।
ढाका, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश क्रिकेट टीम के टेस्ट कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) से देश में क्रिकेट की निरंतरता और स्थिरता सुनिश्चित करने की अपील की है। शांतो का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब आगामी टी20 विश्व कप में बांग्लादेश की भागीदारी पर प्रश्न चिन्ह बना हुआ है।
बीपीएल के एक मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में शांतो ने कहा, "एक खिलाड़ी के नाते, पिछले एक-दो वर्षों में मैदान के बाहर के माहौल ने क्रिकेट को काफी नुकसान पहुंचाया है। मैं जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे एकजुट होकर समाधान निकालें, ताकि क्रिकेट का सिलसिला जारी रहे। उचित प्रशासन और स्पष्ट योजना के बिना अनिश्चितता बढ़ती रहेगी, जिसका असर खिलाड़ियों और खेल दोनों पर पड़ेगा।"
शांतो ने यह भी कहा कि यदि बांग्लादेश विश्व कप में भाग नहीं ले पाता है, तो बीसीबी को खिलाड़ियों और प्रशंसकों के लिए एक सशक्त, सुव्यवस्थित घरेलू प्रतियोगिता का आयोजन करना चाहिए, ताकि खिलाड़ियों को निरंतर प्रतिस्पर्धा मिलती रहे। उन्होंने ढाका सहित घरेलू क्रिकेट के आयोजन में सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि पिछले संस्करणों की तुलना में टूर्नामेंट को बेहतर और अधिक सुचारु रूप से आयोजित किया जाना चाहिए।
ऑन-फील्ड और ऑफ-फील्ड मुद्दों को अलग रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए शांतो ने चेतावनी दी कि प्रशासनिक टकराव बांग्लादेश क्रिकेट की प्रगति, प्रतिस्पर्धात्मकता और भविष्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं। मौजूदा स्थिति में उनकी अपील क्रिकेट समुदाय की उस साझा चिंता को दर्शाती है जो खेल की गति बनाए रखने के लिए जिम्मेदार नेतृत्व की मांग कर रही है।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने टी20 विश्व कप 2026 के मैचों को भारत से हटाकर श्रीलंका में स्थानांतरित करने के अनुरोध को आईसीसी द्वारा न माने जाने पर विश्व कप का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। बांग्लादेश के विश्व कप से बहिष्कार के बाद, आईसीसी स्कॉटलैंड को उसकी जगह मौका दे सकता है।
इसके अलावा, आईसीसी बांग्लादेश के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी कर सकता है।