क्या नस्लवाद पर ख्वाजा का समर्थन सही है, जेसन गिलेस्पी ने क्या कहा?
सारांश
Key Takeaways
- उस्मान ख्वाजा ने सिडनी टेस्ट को अपना अंतिम टेस्ट माना।
- नस्लीय भेदभाव की समस्या को उजागर करना जरूरी है।
- जेसन गिलेस्पी ने ख्वाजा का समर्थन किया है।
- ख्वाजा पाकिस्तान मूल के पहले मुस्लिम क्रिकेटर हैं।
- ख्वाजा का करियर 87 टेस्ट मैचों में 6206 रन के साथ खत्म हुआ।
नई दिल्ली, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की। सिडनी टेस्ट उनके क्रिकेट करियर का अंतिम टेस्ट होगा। विदाई के दौरान ख्वाजा ने अपने करियर में हुए नस्लीय भेदभाव पर प्रकाश डाला। उनके इस बयान के बाद वे चर्चा का विषय बन गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी ने ख्वाजा की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी है।
एबीसी स्पोर्ट्स के साथ बातचीत करते हुए जेसन गिलेस्पी ने कहा, "मैंने हमेशा उनकी सराहना की है। नस्लवाद हमारे समाज के लिए एक गंभीर समस्या है, और इसे उजागर करने की आवश्यकता है। जब वे अपनी आलोचना के संदर्भ में बात कर रहे थे, तो उन्होंने नस्लवाद की चर्चा की। मैं उस नस्लवाद के खिलाफ उनका समर्थन करता हूं जिसका सामना उस्मान ने अपनी पूरी जिंदगी में किया है।"
ख्वाजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पूरे जीवन में उन्हें 'आलसी' कहा गया।
इस पर जेसन गिलेस्पी ने कहा, "इस पर सवाल उठाना और आपकी पसंद के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना, यह गाली नहीं है, बल्कि यह एक प्रोफेशनल का हिस्सा है। जब आपसे उस काम की जिम्मेदारी लेने के लिए कहा जाता है जिसके लिए आपको वास्तव में पैसे मिलते हैं, तो आप गुस्सा नहीं हो सकते। मैंने मीडिया में ऐसा कुछ नहीं देखा है जिसमें किसी ने उस्मान के आलसी होने का उल्लेख किया हो, इसलिए मुझे नहीं पता कि यह कहां से आया है।"
हाल ही में निराशाजनक प्रदर्शन का सामना कर रहे 39 वर्षीय ख्वाजा अपना आखिरी टेस्ट सिडनी में खेलेंगे। उन्होंने अब तक 87 मैचों में 6,206 रन बनाए हैं, जिसमें 16 सेंचुरी और 28 हाफ सेंचुरी शामिल हैं।
उस्मान ख्वाजा पाकिस्तान मूल के पहले और पहले मुस्लिम क्रिकेटर हैं जो ऑस्ट्रेलिया के लिए खेल चुके हैं।