विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026: नासिर हुसैन बोले — भारत की बॉलिंग कॉम्बिनेशन सबसे बड़ी चुनौती
सारांश
मुख्य बातें
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और क्रिकेट विश्लेषक नासिर हुसैन ने विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले स्पष्ट कहा है कि भारतीय महिला टीम की असली चिंता बैटिंग नहीं, बल्कि बॉलिंग कॉम्बिनेशन तय करना है। टूर्नामेंट 12 जून 2026 से शुरू हो रहा है, जिसमें 12 टीमें खिताब की दावेदारी करेंगी, और भारत अपना पहला मुकाबला 14 जून को एजबेस्टन में पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगा।
बॉलिंग कॉम्बिनेशन: सबसे बड़ी पहेली
हुसैन ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि भारत की बैटिंग में कोई समस्या है। बॉलिंग के मामले में उनका फॉर्मूला... वे 170 रन का बचाव नहीं कर पा रहे हैं या विरोधी टीम 170-180 रन बना रही है, जिससे वे थोड़े दबाव में आ जाते हैं।' सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर अमनजोत कौर और काशवी गौतम की अनुपलब्धता में, कप्तान हरमनप्रीत कौर के लिए सही बॉलिंग इकाई चुनना सबसे कठिन निर्णय होगा।
दीप्ति शर्मा, श्री चरणी, अरुंधति रेड्डी और रेणुका सिंह ठाकुर का चयन लगभग तय माना जा रहा है, जबकि राधा यादव, श्रेयांका पाटिल और नंदिनी शर्मा भी अंतिम एकादश की दौड़ में हैं। हुसैन ने सवाल उठाया — 'क्या वे शेफाली वर्मा का इस्तेमाल पाँचवें या छठे बॉलर के तौर पर करते हैं? नई गेंद किसे दी जाएगी? ये सबसे अहम मुद्दे हैं।'
बैटिंग में गहराई — भारत की ताकत
हुसैन ने भारतीय बैटिंग लाइन-अप की तारीफ करते हुए कहा कि इंग्लैंड दौरे के दौरान टीम ने आक्रामक और निडर बैटिंग का प्रदर्शन किया। स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, यास्तिका भाटिया, जेमिमा रोड्रिग्स और कप्तान हरमनप्रीत — सभी तेज़ रन बनाने में सक्षम हैं। उन्होंने चेम्सफोर्ड में खेली गई टी20 सीरीज़ के पहले मैच का हवाला देते हुए कहा कि शुरुआती विकेट गिरने के बावजूद बल्लेबाज़ों ने आक्रामक रुख बनाए रखा — जो आधुनिक टी20 क्रिकेट की माँग है।
गौरतलब है कि यह वही दौर है जब WPL और IPL के 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम ने बाउंड्री-हिटिंग की संस्कृति को और मज़बूत किया है, जिसका असर महिला क्रिकेट पर भी साफ़ दिखता है।
ऋचा घोष — भारत की 'X-फैक्टर' फिनिशर
हुसैन ने ऋचा घोष को भारत की सबसे अहम खिलाड़ी बताया। उन्होंने कहा, 'किसी भी बेहतरीन T20 टीम में — चाहे वह पुरुषों की हो या महिलाओं की — बेहतरीन फिनिशर होते हैं। आपको एक ऐसे फिनिशर की ज़रूरत होती है जो 20 गेंदों में 40 रन बना सके, और ऋचा निश्चित रूप से ऐसा कर सकती हैं।' उल्लेखनीय है कि विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद से टी20 अंतरराष्ट्रीय में ऋचा का स्ट्राइक रेट 163 रहा है — उस अवधि में 350 से अधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज़ों में यह सर्वश्रेष्ठ है।
हुसैन ने विशाखापत्तनम में नादिन डी क्लार्क के खिलाफ और 50 ओवर वर्ल्ड कप में ऋचा की पारियों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने माना कि फिनिशर की भूमिका में उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन कहा, 'जब वह आती हैं और स्कोर 180-190 तक पहुँचा देती हैं, तो विरोधी कप्तान को समझ आता है कि यह खिलाड़ी कितनी खतरनाक है।' उन्होंने ऋचा की विकेटकीपिंग और भविष्य की भी सराहना की।
भारती फुलमाली पर भरोसा
हुसैन ने भारती फुलमाली का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'वह क्रिकेट बॉल को जोरदार तरीके से हिट करने वाली खिलाड़ी हैं। इस फॉर्मेट में ऐसे खिलाड़ियों की बहुत अहमियत होती है।' उन्होंने यहाँ तक सुझाव दिया कि भारत को एक या दो अतिरिक्त बल्लेबाज़ खिलाने पर विचार करना चाहिए — हालाँकि यह अंतिम बॉलिंग कॉम्बिनेशन पर निर्भर करेगा।
आगे की राह
भारत का पहला मुकाबला 14 जून को एजबेस्टन, बर्मिंघम में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से है — एक हाई-वोल्टेज मुकाबला जो टूर्नामेंट में भारत की दिशा तय कर सकता है। हुसैन की राय में बैटिंग की ताकत तो है, लेकिन अगर बॉलिंग कॉम्बिनेशन सही नहीं बैठा, तो बड़े स्कोर का बचाव करना भारत के लिए मुश्किल हो सकता है।