क्या नई दिल्ली 2025 वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप का लोगो और मैस्कॉट 'वीराज' आपके दिल को छू लेगा?

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क्या नई दिल्ली 2025 वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप का लोगो और मैस्कॉट 'वीराज' आपके दिल को छू लेगा?

सारांश

नई दिल्ली 2025 वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप का लोगो और मैस्कॉट 'वीराज' का अनावरण हो गया है। ये दोनों ही भारत की सांस्कृतिक धरोहर और पैरा खेलों की भावना को दर्शाते हैं। जानें, इस ऐतिहासिक घटना के बारे में और क्या खास है इसमें।

मुख्य बातें

भारत पहली बार विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेज़बानी करेगा।
चैंपियनशिप का लोगो और मैस्कॉट 'वीराज' का अनावरण किया गया है।
वीराज एक युवा हाथी है, जो प्रभा का प्रतीक है।
चैंपियनशिप 27 सितंबर से 5 अक्टूबर 2025 तक होगी।
100 से अधिक देशों के 1700 से ज्यादा पैरा एथलीट्स भाग लेंगे।

नई दिल्ली, 1 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। भारत पहली बार विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेज़बानी करने जा रहा है और इस ऐतिहासिक अवसर को मनाते हुए मंगलवार को नई दिल्ली 2025 संस्करण के आधिकारिक लोगो और मैस्कॉट का भव्य अनावरण किया गया।

यह चैंपियनशिप 27 सितंबर से 5 अक्टूबर तक आयोजित होगी, जिसमें 100 से अधिक देशों के 1700 से ज़्यादा पैरा एथलीट्स भाग लेंगे। इस आयोजन के माध्यम से भारत वैश्विक पैरा खेल मंच पर केवल एक मेज़बान के रूप में ही नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक कहानीकार के रूप में भी उभरेगा, जो डिजाइन और प्रतीकों के जरिए जज़्बे, विविधता और एकता का संदेश देगा।

चैंपियनशिप का आधिकारिक लोगो एक गोलाकार डिजाइन में बनाया गया है, जो वैश्विक समावेश और गति का प्रतीक है। इसके केंद्र में एक रेसिंग व्हीलचेयर में पैरा एथलीट की आकृति है, जो ताकत, रफ्तार और एकाग्रता को दर्शाती है।

लोगो के चारों ओर भारतीय संस्कृति के प्रतिष्ठित प्रतीक हैं। शान का प्रतीक मोर, बुद्धिमत्ता का प्रतीक हाथी, राग और रचना का प्रतीक सितार और स्वतंत्रता की याद दिलाने वाला चरखा। बीच में स्थित लोटस टेम्पल नई दिल्ली की आत्मा और भारत की मेहमाननवाजी का प्रतीक है।

लोगो में मैजेंटा, केसरिया और गहरे नीले जैसे जीवंत रंगों का प्रयोग भारत की विविधता, ऊर्जा और आयोजन की जीवंतता को दर्शाता है।

इस आयोजन का आधिकारिक मैस्कॉट वीराज भी खास आकर्षण बना हुआ है। वीराज एक युवा हाथी है, जिसके पैर में प्रोस्थेटिक रनिंग ब्लेड है। उसका नाम संस्कृत से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है “प्रभा” या “श्रेष्ठता”।

हरी आंखों, आत्मविश्वास से भरी मुस्कान और आयोजन के लोगो वाले एथलेटिक परिधान में सजे वीराज में साहस, समावेश और सपनों की उड़ान का उत्सव झलकता है। वह नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक अवतार के रूप में उभरता है। उन सभी खिलाड़ियों का प्रतिनिधित्व करता है, जिन्होंने सीमाओं को तोड़ा है, और उन बच्चों की उम्मीदों का चेहरा है जो असंभव को संभव मानते हैं।

लोगो और वीराज मिलकर उस कहानी को आकार देते हैं, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत और पैरा खेलों की भावना का उत्सव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विविधता और समावेशिता का प्रतीक है। यह आयोजन न केवल खेल के माध्यम से प्रेरणा देता है, बल्कि यह विश्व स्तर पर भारत की पहचान को भी मजबूती प्रदान करेगा।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नई दिल्ली 2025 वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप कब होगी?
यह चैंपियनशिप 27 सितंबर से 5 अक्टूबर 2025 तक आयोजित होगी।
इस चैंपियनशिप में कितने देश भाग लेंगे?
इसमें 100 से अधिक देशों के 1700 से ज्यादा पैरा एथलीट्स भाग लेंगे।
मैस्कॉट 'वीराज' का क्या महत्व है?
'वीराज' भारत की सांस्कृतिक धरोहर और पैरा खेलों की प्रेरणा का प्रतीक है।
लोगो में कौन-कौन से प्रतीक शामिल हैं?
लोगो में मोर, हाथी, सितार और चरखा जैसे प्रतीक शामिल हैं।
लोगो के रंगों का क्या महत्व है?
लोगो में उपयोग किए गए रंग भारत की विविधता, ऊर्जा और आयोजन की जीवंतता को दर्शाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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