नीरज चोपड़ा की कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 टीम में जगह पक्की नहीं, AFI बोला — क्वालीफाई करना होगा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय एथलेटिक्स फेडरेशन (AFI) ने स्पष्ट किया है कि स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की भारतीय टीम में जगह पक्की करने के लिए अनिवार्य क्वालीफिकेशन मार्क हासिल करना होगा। 14 जून को एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में AFI के प्रवक्ता और वर्ल्ड एथलेटिक्स के उपाध्यक्ष आदिल सुमरिवाला ने बताया कि ग्लासगो में होने वाले खेलों के लिए घोषित 32 सदस्यीय प्रोविजनल दल में चोपड़ा एकमात्र ऐसे एथलीट हैं जिन्होंने अभी तक क्वालीफाई नहीं किया है।
सुमरिवाला का बयान
सुमरिवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'नीरज को क्वालिफाई करना होगा। बाकी चुने गए सभी एथलीटों ने क्वालीफाई कर लिया है।' उन्होंने यह भी बताया कि एक अन्य एथलीट सेल्वा पहले ही क्वालीफाई कर चुके हैं, परंतु उनकी मौजूदा शारीरिक स्थिति की जानकारी फेडरेशन को नहीं है। सुमरिवाला के अनुसार, सेल्वा ने स्वयं इंटरस्टेट प्रतियोगिता में भाग लेकर क्वालीफाई करने की इच्छा जताई है।
चोट से उबर रहे हैं नीरज
नीरज चोपड़ा हाल ही में चोट के कारण प्रतिस्पर्धा से दूर रहे हैं। सुमरिवाला ने बताया कि वे अब ट्रेनिंग के लिए फिट हो चुके हैं और अगले 10 दिनों में प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकते हैं। फेडरेशन उनकी आधिकारिक वापसी की पुष्टि का इंतजार कर रहा है। इसके अलावा एथलीट ज्योति भी तेज़ी से स्वस्थ हो रही हैं और ट्रेनिंग के लिए फिट बताई जा रही हैं, हालाँकि उन्हें भी प्रतिस्पर्धा के लिए पूरी तरह फिट होना है।
नीरज का महत्व और दांव
नीरज चोपड़ा भारत के विश्व चैंपियन जेवलिन थ्रोअर हैं और भारतीय एथलेटिक्स के सबसे बड़े नामों में से एक हैं। ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज की उपस्थिति कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की पदक संभावनाओं को मज़बूत करती है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय एथलेटिक्स अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान और मज़बूत करने की कोशिश में है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि AFI ने प्रोविजनल सूची में नीरज का नाम रखा है, जो फेडरेशन की उनसे अपेक्षाओं को दर्शाता है। यदि नीरज अगले कुछ दिनों में किसी प्रतियोगिता में क्वालीफिकेशन मार्क हासिल कर लेते हैं, तो ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो जाएगी। भारतीय खेल प्रेमियों और फेडरेशन दोनों की नज़रें अब नीरज के अगले मुकाबले पर टिकी हैं।