क्या एआईसीआरए ने टेक्नोजियन वर्ल्ड कप 9.0 का ऐलान किया है, जो नोएडा में होगा?

सारांश
Key Takeaways
- टेक्नोजियन वर्ल्ड कप 9.0 का आयोजन 30 अगस्त से 2 सितंबर तक होगा।
- 60 से अधिक देशों के प्रतिभागी इसमें भाग लेंगे।
- प्रतियोगिता में 15 रोबोटिक्स चुनौतियां शामिल होंगी।
- यह आयोजन भारत के लिए गर्व का पल है।
- युवाओं के कौशल को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा।
नोएडा, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। 30 अगस्त से 2 सितंबर तक नोएडा स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में 'टेक्नोजियन वर्ल्ड कप' 9.0 का आयोजन होने जा रहा है। यह वैश्विक टेक-स्पोर्ट्स का एक ऐतिहासिक आयोजन होगा, जो दुनिया भर के इनोवेटर्स, पॉलिसी मेकर्स और टेक्नोलॉजी लीडर्स को एक ही मंच पर लाएगा।
इस प्रतियोगिता का आयोजन ऑल इंडिया काउंसिल फॉर रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन (एआईसीआरए) द्वारा किया जा रहा है, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया उपस्थित रहेंगे।
स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और स्टार्टअप्स की टीमें अपनी इंजीनियरिंग उत्कृष्टता, रचनात्मक समस्या-समाधान और तकनीक के प्रति जुनून का प्रदर्शन करेंगी।
'टेक्नोजियन वर्ल्ड कप 9.0' में 60 से अधिक देशों के प्रतिभागी शामिल होंगे। भारत के अलावा इसमें अजरबैजान, अल्जीरिया, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, ब्राजील, बोत्सवाना, कनाडा, कोटे डी आइवर, मिस्र, जर्मनी, घाना, ईरान, इराक, कजाकिस्तान, केन्या, मलेशिया, मैक्सिको, मोरक्को, मोंटेनेग्रो, माली, मेडागास्कर, मोजाम्बिक, नेपाल, नाइजीरिया, नॉर्वे, नामीबिया, ओमान, पराग्वे, फिलीपींस, प्यूर्टो रिको, रूस, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, साउथ कोरिया, श्रीलंका, ट्यूनीशिया, तुर्की, उज्बेकिस्तान, यूएई, वियतनाम, वेनेजुएला, जाम्बिया और जिम्बाब्वे शामिल हैं।
इन देशों के 22,000 से अधिक युवा इनोवेटर्स 15 अत्याधुनिक रोबोटिक्स चुनौतियों में प्रतिस्पर्धा करेंगे। इनमें रोबो सॉकर, रोबो रेस, बॉट्स कॉम्बैट, ड्रोन रेस, आरसी प्लेन, वाटर रॉकेट, सुमो बॉट, ड्रोन सॉकर, एफपीसी ड्रोन रेसिंग, रोबो हॉकी और एग्रीबॉट जैसे मुकाबले प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
टेक्नोजियन ने इस वर्ल्ड कप से पहले 22 से अधिक देशों में राष्ट्रीय स्तर पर क्वालीफायर प्रतियोगिताएं कराई थीं, जिनके विजेता अब अपने-अपने देशों का प्रतिनिधित्व करेंगे।
यह आयोजन न केवल भारत के लिए गर्व का पल होगा, बल्कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की दुनिया में युवाओं के कौशल और रचनात्मकता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का भी मौका होगा।
इस टूर्नामेंट में 15 वैश्विक रोबोटिक्स चुनौतियां शामिल होंगी, जिन्हें विशेष रूप से इनोवेशन, सहयोग और इंजीनियरिंग कौशल की सीमाओं को परखने के लिए तैयार किया गया है।