क्या पद्मश्री प्रवीण कुमार ने 2019 में गांव लौटकर कोच से प्रेरणा पाई?

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क्या पद्मश्री प्रवीण कुमार ने 2019 में गांव लौटकर कोच से प्रेरणा पाई?

सारांश

पैरा एथलीट प्रवीण कुमार को हाल ही में पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। उनका यह सफर कई चुनौतियों से भरा रहा है, लेकिन उन्होंने देश के लिए गर्व महसूस करते हुए अपने कोच और परिवार का आभार व्यक्त किया है। जानिए उनके संघर्ष और उपलब्धियों के बारे में।

Key Takeaways

  • प्रवीण कुमार का संघर्ष प्रेरणादायक है।
  • पद्मश्री सम्मान ने उन्हें और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
  • पैरा खेलों का समर्थन महत्वपूर्ण है।
  • कोच और परिवार का सहयोग सफलता में महत्वपूर्ण है।
  • युवाओं को मुश्किलों का सामना करने की प्रेरणा दी जानी चाहिए।

नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पैरा एथलीट प्रवीण कुमार को पद्मश्री से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई। प्रवीण कुमार ने इस सम्मान के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया है और इसे अपनी कड़ी मेहनत का फल बताया है।

विशेष बातचीत में प्रवीण कुमार ने कहा, "मैं बहुत खुश हूं और गर्व महसूस कर रहा हूं। मेरे परिवार, दोस्तों और कोच को यह सुनकर खुशी हुई। यह सम्मान मुझे भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा। इसके लिए मैं सरकार का धन्यवाद करना चाहता हूं।"

उन्होंने कहा, "सरकार ने मुझे पहले ही इस बारे में सूचित कर दिया था, लेकिन इसे सार्वजनिक न करने के लिए कहा गया था। जब इसकी सार्वजनिक घोषणा हुई, तब मैंने अपने परिवार और कोच को बताया। सभी बहुत खुश थे। मुझे ढाई साल पहले इस सम्मान की उम्मीद थी, लेकिन अब इसे पाकर बेहद अच्छा लग रहा है। मैं अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच और परिवार को देना चाहूंगा।"

प्रवीण कुमार ने कहा, "यह भारत सरकार का चौथा सबसे बड़ा पुरस्कार है। यह पुरस्कार खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह मुझे देश के लिए और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करता है।"

प्रवीण कुमार ने कहा कि उनकी यात्रा चुनौतियों से भरी रही है, जिसमें कोविड भी शामिल है। इसके बावजूद उन्होंने टोक्यो पैरालंपिक में सिल्वर और विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीते। हाल ही में दिल्ली में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में भी इंजरी के बावजूद कांस्य पदक जीता। मुझे गर्व है कि मैं देश के लिए पदक जीत रहा हूं। मैं 2027 में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में और बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा।"

उन्होंने कहा, "18 अक्टूबर से 24 अक्टूबर 2026 तक जापान में एशियन गेम्स आयोजित होंगे। मैं कोशिश करूंगा कि देश के लिए गोल्ड मेडल जीतूं। अगली विश्व चैंपियनशिप में भी मैं अच्छे प्रदर्शन की कोशिश करूंगा। 2028 में लॉस एंजेल्स पैरालंपिक में भी मेरी कोशिश देश के लिए गोल्ड जीतने की होगी।"

प्रवीण कुमार ने कहा, "मैं देशवासियों से अपील करना चाहता हूं कि पैरा खेलों का समर्थन करें और उनका प्यार उसी तरह दें जैसे क्रिकेट को दिया जाता है। पैरा एथलीटों की जिंदगी भी कठिन होती है और खेल में वे खुद को स्थापित करने में मुश्किलें झेलते हैं। अगर दर्शकों का समर्थन मिलेगा, तो हम और बेहतर करेंगे।"

उन्होंने कहा कि युवाओं को कहना चाहता हूं कि हर क्षेत्र में शुरुआत में कठिनाई आती है। हमें मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, लेकिन मानसिक रूप से मजबूत रहकर आगे बढ़ना है और अपने लक्ष्य को प्राप्त करना है।

आखिर में प्रवीण कुमार ने कहा, "मैंने कभी पद्मश्री के बारे में नहीं सोचा था, लेकिन परिवार, कोच, जनता और सरकार के समर्थन से यह संभव हुआ है। मेरी सफलता में मेरे परिवार और मेरे कोच का बड़ा योगदान रहा है। 2019 में मैं खेल छोड़कर गांव चला गया था, लेकिन मेरे कोच ने मुझे प्रेरित किया और मुझे वापस खेल में लाए।"

22 वर्षीय प्रवीण कुमार एक पैरा हाई जम्पर हैं। वह गौतमबुद्ध नगर, नोएडा से हैं। उन्होंने 2024 पेरिस पैरालिंपिक में गोल्ड मेडल और 2020 टोक्यो पैरालिंपिक में सिल्वर मेडल जीता है। वह 2022 एशियन पैरा गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट भी हैं।

Point of View

बल्कि यह संघर्ष, प्रेरणा और समर्पण का प्रतीक है। प्रवीण कुमार जैसे एथलीट्स हमें यह सिखाते हैं कि कठिनाइयों के बावजूद हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रकार की कहानियाँ हमारे देश को प्रेरित करती हैं।
NationPress
08/02/2026

Frequently Asked Questions

प्रवीण कुमार कौन हैं?
प्रवीण कुमार एक प्रमुख पैरा एथलीट हैं, जिन्होंने टोक्यो पैरालंपिक में सिल्वर तथा 2024 पेरिस पैरालिंपिक में गोल्ड मेडल जीतने का लक्ष्य रखा है।
प्रवीण कुमार को कब पद्मश्री से सम्मानित किया गया?
उन्हें 26 जनवरी, 2024 को पद्मश्री से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई।
प्रवीण कुमार का खेल क्षेत्र क्या है?
प्रवीण कुमार एक पैरा हाई जम्पर हैं।
प्रवीण कुमार ने किस प्रकार की चुनौतियों का सामना किया?
उन्होंने इंजरी, कोविड और अन्य कठिनाइयों का सामना किया है।
प्रवीण कुमार का संदेश क्या है?
वे देशवासियों से पैरा खेलों का समर्थन करने की अपील करते हैं।
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