22 अक्टूबर 2026
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एशियन पैरा गेम्स 2026: PM मोदी ने 88 मेडल विजेताओं को सराहा, शीतल देवी ने एक दिन में जीते 2 गोल्ड

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एशियन पैरा गेम्स 2026: PM मोदी ने 88 मेडल विजेताओं को सराहा, शीतल देवी ने एक दिन में जीते 2 गोल्ड

सारांश

एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने 88 मेडल के साथ पाँचवाँ स्थान हासिल किया — शीतल देवी ने एक दिन में 2 गोल्ड जीते, सोलैराज ने एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा और स्वाति चौधरी ने ऐतिहासिक पहला पदक दिलाया। PM मोदी ने हर एथलीट को व्यक्तिगत रूप से सराहा।

मुख्य बातें

भारत ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में 88 मेडल ( 21 गोल्ड, 26 सिल्वर, 41 ब्रॉन्ज ) जीतकर मेडल टैली में पाँचवाँ स्थान हासिल किया।
शीतल देवी ने एक ही दिन में 2 स्वर्ण पदक जीते — विमेंस इंडिविजुअल पैरा कंपाउंड और मिक्स्ड टीम इवेंट में।
सोलैराज धर्मराज ने पुरुष लॉन्ग जंप में स्वर्ण जीतते हुए अपना एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा।
स्वाति चौधरी ने डब्ल्यू1 आर्चरी में भारत का पहला पदक जीता — वह भी अपने पहले टूर्नामेंट में।
भाविना पटेल और शुभम वाधवा ने मिक्स्ड डबल्स टेबल टेनिस में एशियन पैरा गेम्स का पहला मेडल भारत को दिलाया।
PM मोदी ने 22 अक्टूबर 2026 को प्रत्येक पदक विजेता एथलीट को व्यक्तिगत संदेश के साथ बधाई दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 अक्टूबर 2026 को एशियन पैरा गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय पैरा एथलीट्स को व्यक्तिगत रूप से बधाई देते हुए उनके असाधारण समर्पण और दृढ़ संकल्प की सराहना की। भारत इस प्रतियोगिता में कुल 88 पदकों — 21 स्वर्ण, 26 रजत और 41 कांस्य — के साथ मेडल टैली में पाँचवें स्थान पर है। यह भारतीय पैरा खेलों के इतिहास में एक उल्लेखनीय प्रदर्शन है।

मुख्य स्वर्ण पदक उपलब्धियाँ

पैरा आर्चर शीतल देवी ने एक ही दिन में दो स्वर्ण पदक जीतकर सबसे चर्चित प्रदर्शन किया। उन्होंने विमेंस इंडिविजुअल पैरा कंपाउंड आर्चरी इवेंट में लगातार दूसरी बार खिताब बरकरार रखा तथा पैरा कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में साथी टोमन कुमार के साथ भी स्वर्ण पदक हासिल किया। प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी 'सटीकता, निरंतरता और उत्कृष्टता के प्रति समर्पण' की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

एथलेटिक्स में अंजानाबेन ने महिलाओं की 400 मीटर टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। इसी श्रेणी में पुरुषों की स्पर्धा में दिलीप ने न केवल स्वर्ण पदक जीता, बल्कि अपने पिछले खिताब को भी सफलतापूर्वक बचाए रखा — जो मोदी के शब्दों में 'एक उल्लेखनीय उपलब्धि' है।

लॉन्ग जंपर सोलैराज धर्मराज ने पुरुषों की लॉन्ग जंप टी44/टी62/टी64 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतते हुए अपना ही एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा। यह उपलब्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्योंकि उन्होंने अपनी पिछली सर्वश्रेष्ठ छलांग को पार किया।

ऐतिहासिक पहले पदक

पैरा आर्चर स्वाति चौधरी ने एशियन पैरा गेम्स में महिलाओं की डब्ल्यू1 आर्चरी स्पर्धा में भारत का पहला पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उल्लेखनीय यह है कि यह उनका पहला ही अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था, जिसमें उन्होंने रजत पदक हासिल किया।

पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना पटेल और शुभम वाधवा ने मिक्स्ड डबल्स क्लास एक्सडी7 इवेंट में कांस्य पदक जीता — यह एशियन पैरा गेम्स में इस इवेंट में भारत का पहला मेडल है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे 'भारतीय पैरा टेबल टेनिस के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि' बताया।

बैडमिंटन में भारत का दबदबा

पैरा बैडमिंटन में भारत ने कई पदक हासिल किए। प्रमोद भगत और मनीषा रामदास की जोड़ी ने मिक्स्ड डबल्स एसएल3-एसयू5 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। इसी खेल में नित्या श्री सुमति सिवन और कृष्णा नागर ने मिक्स्ड डबल्स एसएच6 इवेंट में कांस्य पदक हासिल किया। सुहास एल. यथिराज ने मेन्स सिंगल्स एसएल4 इवेंट में कांस्य पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान और मज़बूत की।

अन्य उल्लेखनीय प्रदर्शन

डिस्कस थ्रोअर सुवर्णा राज ने महिलाओं की डिस्कस थ्रो एफ54 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाया। एथलेटिक्स में तेजलबेन दामोर ने महिलाओं की 400 मीटर टी12 स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। मोदी ने उनकी 'गति, दृढ़ संकल्प और बेहतरीन प्रदर्शन' की सराहना की।

आगे की राह

गौरतलब है कि भारत का 88 मेडल के साथ पाँचवें स्थान पर रहना देश की बढ़ती पैरा खेल क्षमता का प्रमाण है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार पैरालिंपिक और पैरा एशियाई खेलों में बुनियादी ढाँचे और प्रशिक्षण में निवेश बढ़ा रही है। आने वाले समय में इन एथलीट्स की निगाहें पैरालिंपिक 2028 पर होंगी, जहाँ भारत अपने प्रदर्शन को और बेहतर करने की कोशिश करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो स्वागतयोग्य है। लेकिन असली परीक्षा यह है कि सराहना के बाद नीति और बुनियादी ढाँचे में निवेश कितना होता है। भारत का 88 मेडल के साथ पाँचवाँ स्थान उत्साहजनक है, परंतु पड़ोसी देशों की तुलना में अभी भी अंतर बना हुआ है। स्वाति चौधरी जैसे पहली बार के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का इस स्तर पर पदक जीतना यह भी बताता है कि सही समर्थन मिले तो भारत की पैरा खेल प्रतिभा का भंडार अभी और गहरा है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने कितने मेडल जीते?
भारत ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में कुल 88 मेडल जीते — 21 स्वर्ण, 26 रजत और 41 कांस्य। इस प्रदर्शन के साथ भारत समग्र मेडल टैली में पाँचवें स्थान पर रहा।
शीतल देवी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में क्या उपलब्धि हासिल की?
शीतल देवी ने एक ही दिन में दो स्वर्ण पदक जीते — विमेंस इंडिविजुअल पैरा कंपाउंड आर्चरी में लगातार दूसरी बार खिताब बरकरार रखा और पैरा कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में टोमन कुमार के साथ भी गोल्ड जीता।
PM मोदी ने एशियन पैरा गेम्स के एथलीट्स को क्यों बधाई दी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 अक्टूबर 2026 को एशियन पैरा गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय पैरा एथलीट्स को व्यक्तिगत संदेश के माध्यम से बधाई दी। उन्होंने प्रत्येक एथलीट की उपलब्धि, समर्पण और दृढ़ संकल्प की विशेष रूप से सराहना की।
सोलैराज धर्मराज ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में क्या रिकॉर्ड बनाया?
सोलैराज धर्मराज ने पुरुषों की लॉन्ग जंप टी44/टी62/टी64 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतते हुए अपना ही पिछला एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा। उनकी इस उपलब्धि की PM मोदी ने विशेष प्रशंसा की।
स्वाति चौधरी ने एशियन पैरा गेम्स में कौन-सा ऐतिहासिक पदक जीता?
स्वाति चौधरी ने एशियन पैरा गेम्स में महिलाओं की डब्ल्यू1 आर्चरी स्पर्धा में भारत का पहला पदक जीतकर इतिहास रचा। विशेष बात यह रही कि यह उनका पहला ही अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था और उन्होंने रजत पदक हासिल किया।
राष्ट्र प्रेस
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