2 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या प्रदीप कुमार बनर्जी मैदान पर अपनी गति के लिए मशहूर थे?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या प्रदीप कुमार बनर्जी मैदान पर अपनी गति के लिए मशहूर थे?

सारांश

प्रदीप कुमार बनर्जी, एक अद्वितीय फुटबॉल खिलाड़ी, जिनकी गति और स्कोरिंग क्षमता ने उन्हें भारतीय फुटबॉल में खास पहचान दिलाई। जानिए उनके जीवन और उपलब्धियों के बारे में।

मुख्य बातें

प्रदीप कुमार बनर्जी का जन्म 1936 में हुआ।
उन्होंने 15 साल की उम्र में संतोष ट्रॉफी खेली।
वे भारतीय टीम के लिए 52 मैच खेले और 16 गोल किए।
प्रदीप ने ओलंपिक और एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
उन्हें अर्जुन पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

नई दिल्ली, 22 जून (राष्ट्र प्रेस)। भारत में क्रिकेट को सबसे लोकप्रिय खेल माना जाता है, लेकिन कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अन्य खेलों के माध्यम से अपनी पहचान बनाई। इनमें से एक प्रसिद्ध फुटबॉलर हैं प्रदीप कुमार बनर्जी।

प्रदीप का जन्म 23 जून 1936 को जलपाईगुड़ी में हुआ। बंगाल हमेशा से भारतीय फुटबॉल का केंद्र रहा है, और इसका प्रभाव प्रदीप पर भी पड़ा, जिससे उन्होंने फुटबॉल को अपने करियर के रूप में चुना।

उन्होंने 15 साल की उम्र में बिहार के लिए संतोष ट्रॉफी में भाग लिया और बाद में रेलवे और बंगाल टीम का भी प्रतिनिधित्व किया। 19 साल की उम्र में, उन्होंने 1955 में भारतीय टीम के लिए डेब्यू किया और एक स्ट्राइकर के रूप में खेला। वह 1958 में टोक्यो, 1962 में जकार्ता, और 1966 में बैंकॉक में एशियन गेम्स का हिस्सा बने। इसके अलावा, उन्होंने 1956 में मेलबर्न में समर ओलंपिक में भी भाग लिया। 1960 में रोम के ओलंपिक में वह भारतीय टीम के कप्तान थे।

उनकी गति अद्वितीय थी, और वे बॉक्स के अंदर और बाहर दोनों जगह गोल कर सकते थे। उनके पास एक बेहतरीन हेडर और पासिंग कौशल था, जो उन्हें अपने साथी खिलाड़ियों के लिए सटीक क्रॉस सेट करने में मदद करता था।

1955 से 1966 तक, उन्होंने भारतीय टीम के लिए 52 मैच खेले और 16 गोल किए। संन्यास के बाद, उन्होंने कोचिंग में कदम रखा और 1972 से 2004 के बीच ईस्टर्न रेलवे, ईस्ट बंगाल, मोहन बगान, और मोहम्मडन स्पोर्टिंग की कोचिंग की। वह 1971 से 1974 और 1985 से 1986 के बीच भारतीय टीम के कोच भी रहे।

भारत सरकार ने उन्हें अर्जुन पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित किया। उनका निधन 20 मार्च 2020 को हुआ।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारतीय फुटबॉल के इतिहास में एक महत्वपूर्ण नाम हैं। उनकी उपलब्धियाँ और कोचिंग का योगदान भारतीय फुटबॉल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में सहायक रहा है। हमें ऐसे खिलाड़ियों को हमेशा याद रखना चाहिए जिन्होंने हमारे देश का नाम रोशन किया है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रदीप कुमार बनर्जी का जन्म कब हुआ?
प्रदीप कुमार बनर्जी का जन्म 23 जून 1936 को जलपाईगुड़ी में हुआ।
प्रदीप ने कितने ओलंपिक में भाग लिया?
प्रदीप कुमार बनर्जी ने 1956 में मेलबर्न और 1960 में रोम में ओलंपिक में भाग लिया।
प्रदीप कुमार बनर्जी को कौन-कौन से पुरस्कार मिले?
उन्हें अर्जुन पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
प्रदीप ने भारतीय टीम के लिए कितने गोल किए?
उन्होंने भारतीय टीम के लिए 52 मैचों में 16 गोल किए।
प्रदीप कुमार का निधन कब हुआ?
उनका निधन 20 मार्च 2020 को हुआ।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले