रणजी ट्रॉफी 2026-27: जडेजा का सौराष्ट्र के लिए 102 रनों का शतक, रिंकू सिंह ने भी ठोके 112
सारांश
मुख्य बातें
रणजी ट्रॉफी 2026-27 सीजन में रवींद्र जडेजा ने सौराष्ट्र की ओर से छत्तीसगढ़ के खिलाफ 209 गेंदों में 102 रनों की दमदार पारी खेलकर शानदार आगाज़ किया। उत्तर प्रदेश के रिंकू सिंह ने भी बिहार के खिलाफ 168 गेंदों में 112 रन बनाकर अपनी रणजी क्षमता का लोहा मनवाया। 12 अक्टूबर 2026 को खेले गए इन मुकाबलों में कई भारतीय क्रिकेटरों ने घरेलू क्रिकेट में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
जडेजा और प्रेरक की जोड़ी ने पलटा खेल
जब जडेजा बल्लेबाज़ी के लिए उतरे, तब सौराष्ट्र का स्कोर 3 विकेट खोकर महज़ 120 रन था। उन्होंने पहले चिराग जानी के साथ चौथे विकेट के लिए 31 रनों की साझेदारी की। चिराग के पवेलियन लौटने के बाद प्रेरक मांकड़ ने जडेजा का साथ निभाया।
दोनों ने मिलकर पाँचवें विकेट के लिए 205 रनों की महत्त्वपूर्ण साझेदारी की। प्रेरक ने 150 गेंदों में 129 रनों की शानदार पारी खेली। जडेजा की पारी में 7 चौके शामिल रहे। इन दोनों की शतकीय पारियों की बदौलत सौराष्ट्र 392 रनों के मज़बूत स्कोर तक पहुँचा। चिराग जानी ने भी 83 रनों का उल्लेखनीय योगदान दिया।
रिंकू और माधव की 207 रनों की साझेदारी
रिंकू सिंह ने उत्तर प्रदेश की ओर से बिहार के खिलाफ 168 गेंदों में 112 रन बनाए, जिसमें 8 चौके और 3 छक्के शामिल थे। उन्होंने माधव कौशिक के साथ मिलकर 312 गेंदों में 207 रनों की विशाल साझेदारी की। माधव ने भी इस मैच में 150 रनों की दमदार पारी खेलकर टीम को मज़बूत स्थिति में पहुँचाया।
दीपक हुड्डा और अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन
दीपक हुड्डा ने बड़ौदा की तरफ से गोवा के खिलाफ 98 गेंदों में 5 चौकों की मदद से 52 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली। वहीं, राजस्थान के मानव सुथार बल्ले से विशेष प्रभाव नहीं छोड़ सके और 17 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
सिराज, राहुल और जायसवाल का मिला-जुला अनुभव
मोहम्मद सिराज ने हैदराबाद की तरफ से त्रिपुरा के खिलाफ पहली पारी में कोई विकेट नहीं लिया। हालाँकि, दिल्ली के खिलाफ उन्होंने 4 विकेट लेकर अपनी गेंदबाज़ी का लोहा मनवाया। कर्नाटक के लिए खेलते हुए केएल राहुल रविवार को बल्ले से नाकाम रहे और केवल 4 रन बना सके। मुंबई के यशस्वी जायसवाल भी खाता खोले बिना पवेलियन लौट गए — जो राष्ट्रीय टीम में जगह के दावेदारों के लिए एक चेतावनी की घंटी है।
घरेलू क्रिकेट का महत्त्व
गौरतलब है कि जडेजा और रिंकू जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का रणजी ट्रॉफी में भाग लेना BCCI की उस नीति का हिस्सा है जो राष्ट्रीय खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट में सक्रिय रखती है। यह सीजन कई खिलाड़ियों के लिए भारत की आगामी सीरीज़ में जगह पक्की करने का अवसर है।