रणजी ट्रॉफी 2026: रिंकू सिंह का लगातार दूसरा शतक, प्रियांश 199 पर रुके, गिल मात्र 1 रन पर आउट
सारांश
मुख्य बातें
रणजी ट्रॉफी 2026 के दूसरे दौर के पहले दिन रविवार, 18 अक्टूबर को कई मैदानों पर बल्लेबाज़ों का दबदबा रहा। रिंकू सिंह ने 186 गेंदों पर नाबाद 118 रन बनाकर सीजन में लगातार दूसरा शतक जड़ा, प्रियांश आर्या फर्स्ट-क्लास क्रिकेट के अपने पहले दोहरे शतक से महज एक रन दूर रह गए, जबकि शुभमन गिल की बहुप्रतीक्षित वापसी केवल 5 गेंदों में 1 रन पर सिमट गई। इस दिन एलीट और प्लेट — दोनों ग्रुपों में बल्लेबाज़ी के कई उल्लेखनीय प्रदर्शन देखने को मिले।
मुख्य घटनाक्रम: शतकों की बाढ़
कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में एलीट ग्रुप ए के मुकाबले में रिंकू सिंह ने उत्तर प्रदेश को गोवा के खिलाफ 137/9 के संकटपूर्ण स्कोर से निकालकर 202 तक पहुँचाया। 11 चौकों और 2 छक्कों से सजी उनकी यह पारी उनका 11वाँ फर्स्ट-क्लास शतक था। जवाब में गोवा ने 12 ओवर में बिना किसी नुकसान के 43 रन बना लिए।
नई दिल्ली में एलीट ग्रुप बी के मैच में प्रियांश आर्या इस सीजन के अपने पहले मैच में ही फर्स्ट-क्लास करियर के पहले दोहरे शतक से मात्र 1 रन दूर रह गए। इसी मैच में कप्तान आयुष बदोनी ने नाबाद 115 रन बनाकर दिल्ली को गुजरात के खिलाफ 381/4 के मज़बूत स्कोर तक पहुँचाया।
उदय सहारन की कप्तानी पारी, गिल का निराशाजनक आगाज़
न्यू चंडीगढ़ के पीसीए स्टेडियम में एलीट ग्रुप बी के मुकाबले में पंजाब के कप्तान उदय सहारन ने 168 गेंदों में 13 चौकों की मदद से नाबाद 106 रन बनाए और पंजाब को छत्तीसगढ़ के खिलाफ 269/4 तक पहुँचाया। गौरतलब है कि पुरुष अंडर-19 विश्व कप 2024 में भारत को उपविजेता बनाने वाले सहारन ने छत्तीसगढ़ के बाएं हाथ के स्पिनर धर्मेंद्रसिंह जडेजा और अजय मंडल के खिलाफ 'स्वीप' और 'स्लॉग स्वीप' शॉट्स का बखूबी इस्तेमाल किया।
यह ऐसे समय में आया है जब शुभमन गिल न्यूज़ीलैंड दौरे से पहले रणजी ट्रॉफी में इस सीजन का पहला मैच खेलने आए थे। चौथे नंबर पर बल्लेबाज़ी करने उतरे गिल को अजय मंडल ने आगे आने पर मजबूर किया और गेंद उनके बल्ले व पैड के बीच से निकलकर स्टंप्स से जा टकराई। ओपनर विहान मल्होत्रा (77 गेंदों पर 40 रन) और हरनूर पन्नू ने नई गेंद का सामना करते हुए अर्धशतकीय साझेदारी की, लेकिन दोनों क्रमशः जडेजा और मंडल का शिकार बने। बाद में सहारन और प्रभसिमरन सिंह (133 गेंदों में 62 रन) ने चौथे विकेट के लिए 130 रनों की अहम साझेदारी की। विकेटकीपर-बल्लेबाज़ सलिल अरोड़ा (75 गेंदों में नाबाद 38 रन) ने अंतिम सत्र में पंजाब को बिना विकेट गंवाए 71 रन और जुड़वाने में मदद की।
अन्य मैदानों पर क्या हुआ
वडोदरा के रिलायंस स्टेडियम में राज लिम्बानी के चार विकेटों की बदौलत बड़ौदा ने बिहार को 166 रन पर समेटा; जवाब में बड़ौदा ने 77/3 का स्कोर बनाया। श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में कवलप्रीत सिंह शतक से 4 रन दूर रहे, लेकिन मौजूदा चैंपियन जम्मू-कश्मीर विदर्भ के खिलाफ 82.5 ओवर में 260 रन पर ऑलआउट हो गई।
मध्य प्रदेश के तेज़ गेंदबाज़ों ने पुडुचेरी को 177 रन पर समेटा; दिन का खेल खत्म होने तक मध्य प्रदेश का स्कोर 23/2 रहा। एलीट ग्रुप बी में जयदेव उनादकट और चेतन सकारिया के शुरुआती झटकों के बावजूद कर्नाटक 281/8 तक पहुँचा, जिसमें मनवंत कुमार के फर्स्ट-क्लास करियर के पहले अर्धशतक का अहम योगदान रहा।
एलीट ग्रुप सी में सचिन बेबी के नाबाद 112 रन की बदौलत केरल ने ओडिशा के खिलाफ 245/6 बनाए। विक्की ओस्तवाल के चार विकेट की मदद से महाराष्ट्र ने झारखंड को 169 रन पर समेटा; पुणे में दिन का खेल खत्म होने तक महाराष्ट्र का स्कोर 85/3 रहा। अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी के बिना खेल रही बंगाल सर्विसेज़ के हाथों 184 रन पर ऑलआउट हुई, लेकिन बंगाल ने जवाबी पारी में सर्विसेज़ को 83/5 पर रोक दिया।
एलीट ग्रुप डी में मुंबई ने बिलासपुर में हिमाचल प्रदेश को 140 रन पर समेटा और स्वयं 107/2 के स्कोर के साथ 33 रन पीछे रही। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में तमिलनाडु के गुरजपनीत सिंह (4-34) और कप्तान आर साई किशोर (4-40) ने मिलकर उत्तराखंड को 134 रन पर समेट दिया। उत्तराखंड के अवनीश सुधा ने 103 गेंदों में 54 रन बनाए। रात भर हुई बारिश और गीले आउटफील्ड के कारण मैच सुबह 10:30 बजे शुरू हो सका और खराब रोशनी से शाम 5:28 बजे खेल बंद करना पड़ा; दिन का खेल खत्म होने तक तमिलनाडु का स्कोर 85/2 था।
राजस्थान, हरियाणा और प्लेट ग्रुप
जयपुर में सचिन यादव के शतक की बदौलत राजस्थान रेलवे के खिलाफ 247/2 तक पहुँची। लाहली में हरियाणा ने चंडीगढ़ को 103 रन पर ऑलआउट कर खुद 139/4 का स्कोर बनाकर बढ़त बना ली। प्लेट ग्रुप में मेघालय ने मणिपुर के खिलाफ 325/6 और मिजोरम ने नागालैंड के खिलाफ 331/5 का स्कोर बनाया। अरुणाचल प्रदेश के 121 रन के जवाब में सिक्किम का स्कोर 147/1 रहा।
आगे क्या
दूसरे दौर के दूसरे दिन बल्लेबाज़ों के सामने बड़े स्कोर बनाने और गेंदबाज़ों के सामने वापसी करने की चुनौती होगी। रिंकू सिंह के लगातार दो शतक उनकी राष्ट्रीय टीम में वापसी की दावेदारी को और मज़बूत करते हैं, जबकि गिल का जल्दी आउट होना चयनकर्ताओं के लिए सोचने का विषय बन सकता है।