ऋषभ पंत ने कोलंबो में रचा इतिहास, विदेशी धरती पर एमएस धोनी का 2,496 रनों का रिकॉर्ड तोड़ा
सारांश
मुख्य बातें
ऋषभ पंत ने 24 अगस्त को कोलंबो के सिंहली क्रिकेट क्लब मैदान पर भारत-श्रीलंका दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की — वे विदेशी धरती या न्यूट्रल वेन्यू पर भारत की ओर से विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए। इस उपलब्धि के साथ पंत ने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के 2,496 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
रिकॉर्ड की पृष्ठभूमि
इस सूची में तीसरे स्थान पर फारुख इंजीनियर हैं, जिनके नाम 1,209 रन दर्ज हैं। पंत का यह रिकॉर्ड इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि यह उन्होंने चोट से जूझते हुए हासिल किया। टेस्ट के पहले दिन 58वें ओवर में श्रीलंकाई तेज़ गेंदबाज़ लाहिरू कुमारा की उछाल लेती गेंद सीधे पंत की कलाई पर लगी, जिससे वे दर्द में मैदान छोड़ने पर विवश हुए।
दूसरे दिन की वापसी
दूसरे दिन सारांश जैन के महज़ 6 रन बनाकर असिथा फर्नांडो का शिकार बनने के बाद पंत एक बार फिर बल्लेबाज़ी के लिए उतरे। चोटिल होने के बावजूद उनकी वापसी ने टीम इंडिया को संभाला। ध्रुव जुरेल के साथ मिलकर उन्होंने सातवें विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी निभाई और दोनों क्रीज़ पर जमे रहे।
पहले दिन की बल्लेबाज़ी का हाल
टॉस जीतने के बाद भारतीय टीम ने पहले दिन मज़बूत शुरुआत की। देवदत्त पडिक्कल ने 193 गेंदों में 117 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 12 चौके शामिल रहे — यह उनका लगातार दूसरा टेस्ट शतक था। कप्तान शुभमन गिल ने भी अर्धशतकीय पारी से योगदान दिया। हालाँकि, यशस्वी जायसवाल (45) और रवींद्र जडेजा (43) अच्छी शुरुआत के बावजूद बड़ी पारी नहीं खेल सके। केएल राहुल सिर्फ़ 18 रन पर आउट हुए।
पंत की फॉर्म पर सवाल और जवाब
गौरतलब है कि पंत पहले टेस्ट में बल्ले से प्रभाव नहीं छोड़ सके थे और उनकी फॉर्म को लेकर सवाल उठ रहे थे। दूसरे टेस्ट में चोट के बाद भी मैदान पर लौटकर रिकॉर्ड तोड़ना उनके मानसिक और शारीरिक दृढ़ता का प्रमाण है। यह मैच सीरीज़ के नज़रिए से भी अहम है और आगे के दिनों में पंत-जुरेल की साझेदारी भारत की पारी की दिशा तय करेगी।