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क्या सविता पुनिया और बलदेव सिंह को पद्मश्री मिलने पर हॉकी इंडिया ने बधाई दी?

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क्या सविता पुनिया और बलदेव सिंह को पद्मश्री मिलने पर हॉकी इंडिया ने बधाई दी?

सारांश

पद्म पुरस्कारों की घोषणा के साथ, सविता पुनिया और बलदेव सिंह को सम्मानित किया गया है। जानिए हॉकी इंडिया का इस मौके पर क्या कहना है और इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां क्या हैं।

मुख्य बातें

सविता पुनिया और बलदेव सिंह को पद्मश्री से नवाजा गया है।
हॉकी इंडिया ने इनकी उपलब्धियों को सराहा है।
सविता ने 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं।
बलदेव ने ओलंपिक और विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।
इनकी प्रेरणादायक कहानियाँ युवा खिलाड़ियों के लिए मार्गदर्शक हैं।

नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर भारत सरकार ने पद्म पुरस्कारों की घोषणा की। महिला हॉकी की महान खिलाड़ी सविता पुनिया और पुरुष हॉकी के दिग्गज बलदेव सिंह को पद्मश्री सम्मान देने की घोषणा की गई है। हॉकी इंडिया ने दोनों खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी हैं।

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा, "सविता और बलदेव सिंह को पद्मश्री मिलना पूरे हॉकी समुदाय के लिए गर्व की बात है। सविता ने विश्व हॉकी में गोलकीपिंग के मानक को पुनः स्थापित किया है और भारतीय महिला टीम के लिए हर स्थिति में एक सितारे की तरह रही हैं। 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलना उनके उत्कृष्ट कार्य का एक बड़ा प्रमाण है। बलदेव सिंह की विरासत एक खिलाड़ी और कोच के रूप में बेमिसाल है। कई पीढ़ियों के भारतीय हॉकी खिलाड़ियों ने उनके ज्ञान, अनुशासन और दृष्टि से लाभ उठाया है।"

हॉकी इंडिया के सचिव भोला नाथ सिंह ने कहा, "सविता का सफर समर्पण और मेहनत की शक्ति का प्रतीक है, और उनकी उपलब्धियां देश भर के युवा एथलीटों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी रहती हैं। बलदेव ने अपनी जिंदगी को प्रतिभा को निखारने और भारतीय हॉकी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में लगा दिया है। यह सम्मान पूरी तरह से उनके योग्य है और खेल के प्रति उनकी दशकों की निस्वार्थ सेवा को मान्यता देता है।"

भारतीय महिला हॉकी की एक प्रमुख सदस्य, सविता ने 20 वर्ष की आयु में अपना डेब्यू किया। वह 2025 में पीआर श्रीजेश के बाद 300 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली दूसरी भारतीय गोलकीपर बन जाएंगी। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत को ऐतिहासिक चौथे स्थान पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रियो ओलंपिक 2016 और 2018 हॉकी विमेंस विश्व कप में उनके अनुभव ने सफलता में योगदान दिया।

भारत की महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान सविता ने टीम को कई महत्वपूर्ण सफलताएं दिलाई हैं। बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में ब्रॉन्ज पदक जीतना और एफआइएच नेशंस कप में जीत पाना महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने 2023 और 2024 में विमेंस एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में लगातार गोल्ड मेडल जीते, जिससे पूरे एशिया में टीम की शक्ति को प्रदर्शित किया।

2018 में, सविता को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन अवॉर्ड से नवाजा गया। उन्हें 2022 और 2023 में दो बार प्लेयर ऑफ द ईयर के लिए हॉकी इंडिया बलबीर सिंह सीनियर अवॉर्ड भी मिला है। गोलकीपर के रूप में उनके अद्वितीय कौशल ने उन्हें लगातार तीन सत्रों 2020–21, 2021–22, और 2022–23 के लिए एफआइएच गोलकीपर ऑफ द ईयर का पुरस्कार दिलाया है।

बलदेव सिंह को एक हॉकी खिलाड़ी और कोच के रूप में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। उन्होंने 1976 के मॉन्ट्रियल ओलंपिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। वह तीन हॉकी विश्व कप 1971 में बार्सिलोना (जहां भारत ने ब्रॉन्ज मेडल जीता), 1973 में एम्स्टर्डम (जहां सिल्वर मेडल जीता), और 1978 में ब्यूनस आयर्स में भाग ले चुके हैं। इसके अलावा, वह 1970 और 1974 में एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाली भारतीय टीमों का हिस्सा थे।

खिलाड़ी के रूप में रिटायर होने के बाद, बलदेव सिंह कोच बन गए। उन्होंने ओलंपिक मेडलिस्ट और पूर्व ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह, भारतीय महिला टीम की पूर्व कप्तान रानी रामपाल, दीदार सिंह, सांजीव कुमार डांग, हरपाल सिंह, और नवजोत कौर जैसे कई प्रसिद्ध खिलाड़ियों को कोचिंग दी है। उन्हें 2009 में द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

सविता पुनिया और बलदेव सिंह को पद्मश्री से नवाजना न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों का प्रमाण है, बल्कि यह भारतीय हॉकी के लिए भी एक महत्वपूर्ण क्षण है। यह सम्मान उनके संघर्ष और समर्पण को दर्शाता है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सविता पुनिया ने कब डेब्यू किया?
सविता पुनिया ने 20 साल की उम्र में अपना डेब्यू किया था।
बलदेव सिंह ने कितने ओलंपिक्स में भाग लिया?
बलदेव सिंह ने 1976 के मॉन्ट्रियल ओलंपिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
सविता पुनिया को कौन-कौन से पुरस्कार मिले हैं?
सविता पुनिया को अर्जुन अवॉर्ड और हॉकी इंडिया बलबीर सिंह सीनियर अवॉर्ड मिला है।
बलदेव सिंह ने किन खिलाड़ियों को कोचिंग दी है?
बलदेव सिंह ने संदीप सिंह, रानी रामपाल जैसे कई खिलाड़ियों को कोचिंग दी है।
सविता पुनिया की प्रमुख उपलब्धियाँ क्या हैं?
सविता पुनिया ने टोक्यो ओलंपिक में भारत को चौथे स्थान पर पहुँचाया और कई अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं।
राष्ट्र प्रेस
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