क्या एसजी पाइपर्स ने श्राची बंगाल टाइगर्स को हराकर विमेंस एचआईएल का खिताब जीता?
सारांश
Key Takeaways
- एसजी पाइपर्स ने 1-1 ड्रॉ के बाद शूटआउट में जीत हासिल की।
- फाइनल में बंसरी सोलंकी ने महत्वपूर्ण बचाव किए।
- 9 भारतीय खिलाड़ियों ने स्टार्टिंग इलेवन में जगह बनाई।
- यह जीत महिला हॉकी के लिए एक नया अध्याय है।
- सुनेलिता टोप्पो को अपकमिंग प्लेयर का अवॉर्ड मिला।
रांची, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। एसजी पाइपर्स ने शनिवार को फाइनल में रोमांचक 1-1 ड्रॉ के बाद शूटआउट में श्राची बंगाल टाइगर्स को 3-2 से हराकर विमेंस हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) का खिताब अपने नाम किया।
एसजी पाइपर्स ने फाइनल की शुरुआत पूरे उत्साह और इरादे के साथ की, शुरुआती क्वार्टर में उच्च दबाव बनाते हुए जल्दी ही सर्कल में प्रवेश किया। इशिका और जुआना कैस्टेलारो अटैक में बहुत सक्रिय थीं, जबकि पाइपर्स के मिडफील्ड ने टाइगर्स को समय और स्थान नहीं देकर आक्रामक रूप से काम किया। लगातार दबाव और कई अटैकिंग प्रयासों के बावजूद, पहला क्वार्टर बिना गोल के समाप्त हुआ।
दूसरे क्वार्टर में श्राची बंगाल टाइगर्स ने लालरेमसियामी के गोल से बढ़त बनाई, जिन्होंने एक बेहतरीन मूव को गोल में बदलकर टीम को बढ़त दिलाई। एसजी पाइपर्स ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, धैर्य बनाए रखा और किनारे से हमलों को जारी रखा। कप्तान नवनीत कौर ने मोर्चा संभाला, सर्कल में घुसकर डिफेंडर्स को चकमा दिया, जिससे पाइपर्स ने पेनाल्टी कॉर्नर प्राप्त किए, लेकिन हाफटाइम से पहले बराबरी का गोल नहीं कर सके।
तीसरे क्वार्टर में कड़ी टक्कर देखने को मिली, जिसमें दोनों टीमों ने एक-दूसरे पर दबाव बनाया। टाइगर्स ने पेनाल्टी कॉर्नर से मौके बनाए, लेकिन पाइपर्स ने डिफेंस में अनुशासन बनाए रखा। दूसरी ओर, एसजी पाइपर्स ने तेज गेंद मूवमेंट और सर्कल में तेज घुसपैठ से टाइगर्स के डिफेंस को लगातार परखा, जिससे मुकाबला अंतिम क्वार्टर में भी बराबरी पर बना रहा।
चौथे क्वार्टर में एसजी पाइपर्स को आखिरकार सफलता मिली। मोमेंटम बनने के साथ, भारतीय ओलंपियन प्रीति दुबे ने 53वें मिनट में करीब से गोल करके अपनी टीम को बराबरी पर ला दिया, जिससे रोमांचक समापन की शुरुआत हुई। दोनों टीमों ने अंतिम क्षणों में निर्णायक गोल के लिए कड़ी मेहनत की, लेकिन रेगुलेशन टाइम 1-1 के स्कोर पर समाप्त हुआ, जिससे फाइनल शूटआउट में चला गया।
शूटआउट में, एसजी पाइपर्स ने मजबूत इरादे दिखाए। गोलकीपर बंसरी सोलंकी ने दबाव में महत्वपूर्ण बचाव किए, जबकि पाइपर्स ने धैर्य बनाए रखते हुए 3-2 से जीत हासिल की।
पाइपर्स के अभियान का एक खास पहलू भारतीय टैलेंट पर उनका भरोसा था। टीम ने लगातार मुकाबलों में स्टार्टिंग इलेवन में 9 भारतीय खिलाड़ियों को शामिल किया, जो लीग नियमों के तहत अधिकतम खिलाड़ियों की संख्या है। सोलंकी को टूर्नामेंट की बेस्ट गोलकीपर चुना गया, जबकि सुनेलिता टोप्पो को टूर्नामेंट की अपकमिंग प्लेयर का अवॉर्ड मिला।