क्या श्रेयस अय्यर ने हॉस्पिटल में रहने के दौरान गंभीरता का एहसास किया?

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क्या श्रेयस अय्यर ने हॉस्पिटल में रहने के दौरान गंभीरता का एहसास किया?

सारांश

श्रेयस अय्यर ने अपनी दर्दनाक स्प्लीन इंजरी के अनुभव को साझा किया। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर चोटिल होने के बाद, उन्होंने कैसे वापसी की और खुद को समय दिया, इस पर उन्होंने विचार किए। जानिए उनके अनुभव और क्रिकेट में वापसी की कहानी।

Key Takeaways

  • श्रेयस अय्यर ने अपनी स्प्लीन इंजरी को बेहद दर्दनाक बताया।
  • उनकी चोट ने उन्हें खुद पर विचार करने का समय दिया।
  • उन्होंने सही दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपनी रिकवरी की।
  • वापसी के बाद, उन्होंने अपनी स्वाभाविक प्रवृत्ति से खेलना जारी रखा।

राजकोट, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय बल्लेबाज श्रेयस अय्यर ने स्प्लीन इंजरी के अपने अनुभव साझा करते हुए इसे बेहद दर्दनाक बताया है। अय्यर पिछले साल अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान फील्डिंग करते समय चोटिल हुए थे, जिसके कारण उन्हें लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ा।

इसके बाद, अय्यर ने घरेलू क्रिकेट में वापसी की। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में 82 और 45 रन की पारियां खेलीं, जिसके बाद उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए चुना गया। अय्यर ने सीरीज के पहले मैच में 49 रन बनाकर टीम इंडिया को जीत दिलाने में मदद की।

अय्यर ने राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में दूसरे वनडे से पहले ब्रॉडकास्टर्स से बातचीत में कहा, "यह दर्दनाक था, बहुत ज्यादा दर्दनाक। मुझे एहसास नहीं हुआ कि वह चोट कितनी गंभीर थी। मुझे पता नहीं था कि स्प्लीन हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुझे इस शब्द के बारे में भी नहीं पता था। फिर अगले दिन जब मुझे अस्पताल में भर्ती कराया गया, तभी मुझे समझ आया कि यह एक गंभीर चोट थी। उस दिन मैंने 'स्प्लीन' का मतलब समझा।"

अय्यर ने बताया कि रिकवरी प्रक्रिया ने उन्हें खुद पर विचार करने का समय दिया। उन्होंने कहा, "इस प्रक्रिया में मैंने महसूस किया कि मुझे खुद को थोड़ा समय देना होगा और खुद पर ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहिए, क्योंकि मैं ऐसा इंसान हूं जो एक जगह बैठ नहीं सकता। मैं हमेशा कुछ न कुछ करता रहना चाहता हूं। लेकिन इस चोट ने मुझे खुद पर सोचने, तरोताजा होने और आराम करने का समय दिया। ऐसा नहीं है कि आप उठकर तुरंत वर्कआउट शुरू कर दें। मुझे बताया गया था कि छह से आठ हफ्तों में आप सामान्य हो जाएंगे, फिर ट्रेनिंग शुरू कर सकते हैं। इसलिए मैंने सही दिशा-निर्देशों का पालन किया।"

जब उनसे पूछा गया कि क्या वापसी के बाद से वह बड़े शॉट्स के लिए ज्यादा कोशिश कर रहे हैं, तो अय्यर ने कहा कि यह जानबूझकर नहीं बल्कि स्वाभाविक है। उन्होंने कहा, "सच कहूं तो, मैं किसी भी चीज़ को करने की कोशिश नहीं कर रहा। यह बस मेरी स्वाभाविक प्रवृत्ति है। मैं नेट्स में जितनी ज्यादा प्रैक्टिस करता हूं, मैच में खेलना उतना ही आसान हो जाता है। नेट्स में भी, मैं तय नहीं करता कि किसी खास क्षेत्र को निशाना बनाऊंगा या गेंदबाजों पर हमला करूंगा। मुझे उस पल में रहना पसंद है और मैंने तय किया है कि अगर गेंद मेरे क्षेत्र में आएगी, तो मैं उस पर हमला करूंगा।"

Point of View

बल्कि यह एक प्रेरणा है कि कैसे एक खिलाड़ी अपनी सीमाओं को पार कर सकता है।
NationPress
14/01/2026

Frequently Asked Questions

श्रेयस अय्यर को कब चोट लगी थी?
श्रेयस अय्यर को पिछले साल अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर फील्डिंग करते समय चोट लगी थी।
स्प्लीन इंजरी का क्या मतलब है?
स्प्लीन इंजरी का मतलब है कि शरीर के स्प्लीन में चोट लगी है, जो एक महत्वपूर्ण अंग है।
श्रेयस अय्यर ने कितने रन बनाए थे विजय हजारे ट्रॉफी में?
श्रेयस अय्यर ने विजय हजारे ट्रॉफी में 82 और 45 रन की पारियां खेलीं।
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