श्रीलंका क्रिकेट ने तुषारा को आईपीएल 2026 के लिए एनओसी देने से किया इंकार, कोर्ट में दी याचिका

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श्रीलंका क्रिकेट ने तुषारा को आईपीएल 2026 के लिए एनओसी देने से किया इंकार, कोर्ट में दी याचिका

सारांश

श्रीलंका क्रिकेट ने नुवान तुषारा को आईपीएल 2026 के लिए एनओसी नहीं दी। तुषारा ने कोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की मांग की है। क्या उन्हें मिलेगा न्याय? जानें सभी विवरण।

Key Takeaways

  • श्रीलंका क्रिकेट ने तुषारा को एनओसी देने से इंकार किया।
  • तुषारा ने कानूनी कार्रवाई की है।
  • बोर्ड का तर्क है कि तुषारा फिटनेस मानकों पर खरे नहीं उतरे।
  • अगली सुनवाई 9 अप्रैल को होगी।
  • तुषारा का करियर इस निर्णय पर निर्भर करता है।

नई दिल्ली, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) ने तेज गेंदबाज नुवान तुषारा को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में भाग लेने के लिए 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (एनओसी) जारी करने से इंकार कर दिया है। इसके बाद, तुषारा ने कोलंबो डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में याचिका दायर कर कानूनी हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।

श्रीलंकाई तेज गेंदबाज को आईपीएल 2026 के लिए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के साथ एक अनुबंध प्राप्त हुआ था। पिछले दो सत्रों में भी उन्होंने बोर्ड की स्वीकृति के साथ इस टूर्नामेंट में भाग लिया था। हालांकि, 'न्यूज वायर श्रीलंका' की रिपोर्ट के अनुसार, इस बार एसएलसी ने उन्हें एनओसी देने से मना कर दिया है। बोर्ड का तर्क है कि तुषारा आवश्यक फिटनेस मानकों को पूरा करने में असफल रहे हैं।

इस मामले की सुनवाई गुरुवार को हुई, जिसमें कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 9 अप्रैल की तारीख तय की है। अपनी याचिका में, तुषारा ने एसएलसी के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा, सचिव बंदुला दिसानायके, कोषाध्यक्ष सुजीवा गोदालियाद्दा और सीईओ एशले डी सिल्वा को प्रतिवादी बनाया है।

तुषारा ने इस निर्णय का विरोध करते हुए कहा है कि बोर्ड के साथ उनका सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट 31 मार्च 2026 को समाप्त हो रहा है, और उन्होंने पहले ही बोर्ड को सूचित कर दिया था कि वे इस अनुबंध को नवीनीकरण नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें अब राष्ट्रीय टीम के चयन की योजनाओं से लगभग बाहर कर दिया गया है। ऐसे में, बोर्ड का फिटनेस के आधार पर यह रवैया बेतुका और अनुचित है।

अपनी याचिका में, गेंदबाज ने कहा है कि उनकी फिटनेस का स्तर आज भी वैसा ही है, जैसे पिछले वर्षों में था। उन वर्षों में उन्हें आईपीएल समेत कई विदेशी लीग में खेलने के लिए एनओसी दी गई थी। तुषारा ने तर्क दिया है कि अब उन्हें एनओसी देने से इनकार करना पूरी तरह से गलत है, विशेषकर जब उनकी शारीरिक स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।

याचिका में इस निर्णय के पेशेवर और आर्थिक नतीजों पर भी प्रकाश डाला गया है। इसमें कहा गया है कि यदि एनओसी नहीं मिलती, तो फ्रेंचाइजी उनकी जगह किसी और खिलाड़ी को चुन सकती है। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होगा और वैश्विक टी20 प्रतियोगिताओं में उनके करियर को भी बड़ा झटका लग सकता है।

नुवान तुषारा ने अदालत से राहत की मांग करते हुए यह घोषणा करने की अपील की है कि उन्हें एनओसी पाने का अधिकार है। इसके साथ ही उन्होंने अंतरिम और स्थायी आदेश की भी मांग की है, ताकि एसएलसी उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग और अन्य अंतरराष्ट्रीय लीगों में खेलने की अनुमति दे। इस मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल को होगी, जबकि खिलाड़ी और राष्ट्रीय बोर्ड के बीच विवाद जारी है।

Point of View

बल्कि यह श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के निर्णयों और खिलाड़ियों के अधिकारों पर भी सवाल उठाता है। खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के अनुसार सम्मानित किया जाना चाहिए, न कि फिटनेस मानदंडों के नाम पर भेदभाव का शिकार बनना चाहिए।
NationPress
03/04/2026

Frequently Asked Questions

क्या तुषारा को एनओसी नहीं मिलने से उनका करियर प्रभावित होगा?
हां, एनओसी नहीं मिलने से तुषारा को आर्थिक और पेशेवर नुकसान हो सकता है, जिससे उनके करियर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
तुषारा ने कोर्ट में किसके खिलाफ याचिका दायर की है?
तुषारा ने एसएलसी के अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष और सीईओ को याचिका में प्रतिवादी बनाया है।
इस मामले की अगली सुनवाई कब होगी?
इस मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल को होगी।
तुषारा ने अपने फिटनेस के बारे में क्या कहा है?
तुषारा का कहना है कि उनकी फिटनेस का स्तर पिछले वर्षों में जैसा था, वैसा ही आज भी है।
क्या एसएलसी का निर्णय उचित है?
तुषारा के अनुसार, एसएलसी का यह निर्णय अनुचित और बेतुका है।
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