बापू नाडकर्णी: गेंदबाजी में अद्वितीय रिकॉर्ड और क्रिकेट में उनकी अनमोल भूमिका

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बापू नाडकर्णी: गेंदबाजी में अद्वितीय रिकॉर्ड और क्रिकेट में उनकी अनमोल भूमिका

सारांश

बापू नाडकर्णी, जिन्होंने गेंद और बल्ले से भारतीय क्रिकेट को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया, एक अद्वितीय खिलाड़ी थे। उनकी मेहनत और अभ्यास ने उन्हें कई रिकॉर्ड बनाने में मदद की। जानें उनके जीवन और उपलब्धियों के बारे में।

मुख्य बातें

बापू नाडकर्णी का जन्म 1933 में नासिक में हुआ था।
उन्होंने भारतीय क्रिकेट में 41 टेस्ट खेले।
बिना रन दिए लगातार 131 गेंद फेंकने का रिकॉर्ड उनके नाम है।
उन्होंने घरेलू क्रिकेट में 191 मैचों में 8,880 रन बनाए।
गावस्कर के मेंटर रहे, जिनका पसंदीदा शब्द 'छोड़ो मत' था।

नई दिल्ली, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। क्रिकेट में ऐसे खिलाड़ियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है जो अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी के कौशल से मैच का रुख बदल सकते हैं। बापू नाडकर्णी एक ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के लिए गेंद और बल्ले से अद्वितीय प्रदर्शन किया, खासकर उस समय जब भारतीय क्रिकेट टीम एक युवा टीम मानी जाती थी।

बापू नाडकर्णी का जन्म 4 अप्रैल 1933 को नासिक में हुआ। उनका पूरा नाम रमेशचंद्र गंगाराम 'बापू' नाडकर्णी था।

बचपन से ही क्रिकेट के प्रति उनका जुनून था। वह मूल रूप से एक गेंदबाज थे, लेकिन कड़ी मेहनत के कारण उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में भी उत्कृष्टता प्राप्त की। कहा जाता है कि वह नेट्स में अभ्यास के दौरान पिच पर एक सिक्का रखते थे और हर गेंद पर उस सिक्के को निशाना बनाने की कोशिश करते थे।

नाडकर्णी ने अपना पहला टेस्ट मैच दिसंबर 1955 में न्यूजीलैंड के खिलाफ दिल्ली में खेला। उनका अंतिम टेस्ट मैच भी न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड में 1968 में हुआ। 13 साल के अपने करियर में, बाएं हाथ के बल्लेबाज और स्पिन गेंदबाज नाडकर्णी ने भारत के लिए 41 टेस्ट मैच खेले। 67 पारियों में 1 शतक और 7 अर्धशतक की मदद से उन्होंने 1,414 रन बनाए और 88 विकेट भी लिए।

12 जनवरी 1964 को मद्रास में इंग्लैंड के खिलाफ नाडकर्णी ने बिना कोई रन दिए लगातार 21.5 ओवर (131 गेंदें) फेंके, जो एक अद्वितीय रिकॉर्ड है।

बापू नाडकर्णी ने मुंबई और महाराष्ट्र के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते हुए 191 प्रथम श्रेणी मैचों में 14 शतक और 46 अर्धशतक की मदद से कुल 8,880 रन बनाए और 500 विकेट भी लिए।

उनका निधन 17 जनवरी 2020 को पुणे, महाराष्ट्र में हुआ।

नाडकर्णी महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर के मेंटर भी रहे। गावस्कर ने उनके निधन के बाद कहा कि उनका पसंदीदा शब्द 'छोड़ो मत' था, जिसका मतलब था कि आप भारत के लिए खेल रहे हैं। हिम्मत रखिए और आगे बढ़िए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लगन और अद्वितीय रिकॉर्ड उन्हें क्रिकेट के इतिहास में अमर बना गए हैं।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बापू नाडकर्णी का जन्म कब हुआ?
बापू नाडकर्णी का जन्म 4 अप्रैल 1933 को नासिक में हुआ।
बापू नाडकर्णी ने कब अपना पहला टेस्ट मैच खेला?
उन्होंने अपना पहला टेस्ट मैच दिसंबर 1955 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला।
बिना रन दिए गेंदबाजी करने का रिकॉर्ड किसने बनाया?
बापू नाडकर्णी ने बिना कोई रन दिए लगातार 21.5 ओवर (131 गेंदें) फेंका, जो एक रिकॉर्ड है।
उनका अंतिम टेस्ट मैच कब था?
उनका अंतिम टेस्ट मैच 1968 में न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड में हुआ।
बापू नाडकर्णी का निधन कब हुआ?
उनका निधन 17 जनवरी 2020 को पुणे, महाराष्ट्र में हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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