आर अश्विन ने कहा, विराट कोहली में अभी भी <b>टेस्ट क्रिकेट</b> की क्षमता थी
सारांश
Key Takeaways
- विराट कोहली का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास चौंकाने वाला था।
- आर अश्विन का मानना है कि कोहली में अभी भी टेस्ट क्रिकेट खेलने की क्षमता थी।
- कोहली ने 123 टेस्ट मैचों में 9,230 रन बनाए।
- अश्विन और कोहली का संन्यास भारतीय क्रिकेट पर सवाल खड़े करता है।
- कोहली का कप्तानी में प्रदर्शन शानदार रहा।
नई दिल्ली, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। विराट कोहली ने पिछले साल इंग्लैंड दौरे से पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को चौंका दिया था। सभी का मानना था कि विराट अभी भी टेस्ट क्रिकेट खेल सकते थे। पूर्व स्पिनर आर अश्विन का भी मानना है कि विराट कोहली में अभी भी टेस्ट क्रिकेट खेलने की क्षमता थी।
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, "मैंने उनसे सीधे कहा है कि टेस्ट क्रिकेट में उनमें अभी भी क्रिकेट बचा है। लेकिन सच कहूं तो भारत में सोच को लेकर एक समस्या है।"
दिग्गज स्पिनर ने कहा, "वह रिटायर हो गए हैं। इसे विराट की तरफ से भी देखा जाना चाहिए। उन्होंने हमेशा टीम को पहले रखा। उन्होंने हमेशा कहा कि टीम बहुत जरूरी है, हमें जीतना है। रिटायरमेंट का फैसला उनका है, लेकिन मुझे यकीन है कि उनमें कुछ क्रिकेट बाकी था।"
विराट कोहली के लिए 2024-25 का ऑस्ट्रेलिया दौरा काफी चुनौतीपूर्ण रहा था। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ऑफ-स्टंप के बाहर उनकी कमजोरी उजागर हुई। लय वापस पाने के लिए, वह रणजी ट्रॉफी में भी उतरे, इस उम्मीद में कि वे फिर से लय में वापस आएंगे, लेकिन वहां भी रन नहीं बने। बढ़ती उम्मीदों और स्पॉटलाइट से थोड़ी राहत मिलने के कारण, कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से दूर जाने का फैसला किया, जिससे इस फॉर्मेट में एक शानदार अध्याय का अचानक अंत हो गया। कोहली ने 123 टेस्ट मैचों में 9,230 रन बनाए, जिसमें 30 शतक और 31 अर्द्धशतक शामिल हैं। उनका उच्चतम स्कोर 254 रहा। विराट का टेस्ट क्रिकेट में कप्तान के रूप में भी शानदार प्रदर्शन रहा था और उनकी कप्तानी में टेस्ट फॉर्मेट में टीम इंडिया दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में एक बन गई थी।
आर अश्विन लंबे समय तक विराट के साथ टेस्ट टीम का हिस्सा रहे। अश्विन ने भी साल 2024 के अंत में ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच में ही क्रिकेट को अलविदा कह दिया था।
आर अश्विन, विराट कोहली, और रोहित शर्मा ने जिस प्रकार टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा, उसने भारतीय प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए थे। सभी का मानना था कि ये तीनों ही खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट को अभी काफी कुछ दे सकते थे।