मिचेल स्टार्क के निशाने पर कपिल देव और डेल स्टेन का रिकॉर्ड, बांग्लादेश सीरीज में चाहिए सिर्फ 7 विकेट
सारांश
मुख्य बातें
मिचेल स्टार्क के लिए 13 अगस्त से शुरू होने वाली ऑस्ट्रेलिया बनाम बांग्लादेश दो मैचों की टेस्ट सीरीज महज एक और श्रृंखला नहीं है — इसमें वे भारत के महान ऑलराउंडर कपिल देव और दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज डेल स्टेन के ऐतिहासिक विकेट रिकॉर्ड को पार करने की दहलीज़ पर खड़े हैं। ब्रिस्बेन से मिली जानकारी के अनुसार, स्टार्क को इस लक्ष्य को छूने के लिए केवल 7 और विकेट चाहिए।
रिकॉर्ड का गणित
टेस्ट क्रिकेट में मिचेल स्टार्क ने अब तक कुल 433 विकेट हासिल किए हैं। तुलना के लिए, कपिल देव ने अपने करियर में 434 टेस्ट विकेट लिए थे, जबकि डेल स्टेन ने 439 विकेट के साथ संन्यास लिया था। यदि स्टार्क इस बांग्लादेश सीरीज में 7 या अधिक विकेट लेने में सफल रहते हैं, तो वे एक साथ इन दोनों दिग्गजों को पीछे छोड़ देंगे — क्रिकेट इतिहास में एक दुर्लभ क्षण।
स्टार्क की विनम्र प्रतिक्रिया
हालाँकि, 36 वर्षीय स्टार्क व्यक्तिगत मील के पत्थरों से ज़्यादा टीम के लक्ष्यों को तरजीह देते हैं। उन्होंने कहा, 'इसका मतलब है कि मैंने काफी क्रिकेट खेला है। उन खिलाड़ियों के साथ मेरा नाम लिया जाना बहुत अच्छी और विनम्रता वाली बात है। हालाँकि, जब आप खेल रहे होते हैं, तो इन बातों का बहुत ज़्यादा मतलब नहीं होता। आप बहुत आगे की नहीं सोचते।'
स्टार्क का स्पष्ट कहना है कि ऑस्ट्रेलिया की असली प्राथमिकता अगले साल ओवल में होने वाले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल के लिए अधिकतम अंक जुटाना है।
WTC स्टैंडिंग और आगे का कठिन शेड्यूल
फिलहाल ऑस्ट्रेलिया WTC स्टैंडिंग में पहले स्थान पर काबिज है। बांग्लादेश सीरीज के साथ कंगारू टीम के लिए सात महीने का चुनौतीपूर्ण टेस्ट कार्यक्रम शुरू होगा। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया दक्षिण अफ्रीका की मेज़बानी करेगा, और फिर न्यूज़ीलैंड तथा भारत के घरेलू मैदानों पर टेस्ट सीरीज खेलेगा — यानी हर मुकाबला WTC अंकों के लिहाज़ से अहम होगा।
मौजूदा WTC साइकल में स्टार्क का दबदबा
मौजूदा WTC साइकल में स्टार्क शानदार लय में हैं। उन्होंने 8 मुकाबलों में 46 विकेट चटकाए हैं और इस चक्र में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बने हुए हैं। एशेज सीरीज में उन्होंने अकेले 31 विकेट निकाले थे।
अपनी लंबी और सफल पारी का श्रेय देते हुए स्टार्क ने कहा, 'जब आप 36 साल के होते हैं और 16 साल से खेल रहे होते हैं, तो आप सोचते हैं कि आपने कुछ सुधार किया है या किसी चीज़ में बेहतर हुए हैं। आप इतने लंबे समय तक इसलिए टिके रहते हैं क्योंकि आप विकसित हो पाते हैं, सीख पाते हैं और सुधार कर पाते हैं।' उन्होंने लगातार फिजिकल कंडीशनिंग और छोटी-छोटी रणनीतिक बदलावों को अपनी दीर्घायु का राज़ बताया।
क्या होगा आगे
यह सीरीज स्टार्क के करियर की दिशा तय करने वाला पड़ाव हो सकती है। यदि वे कपिल देव और स्टेन का रिकॉर्ड तोड़ते हैं, तो वे टेस्ट क्रिकेट के सर्वकालिक महान तेज़ गेंदबाज़ों की सूची में और ऊपर चढ़ेंगे — और ऑस्ट्रेलिया के WTC अभियान को भी मज़बूती मिलेगी।